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Gold-Silver ETF में रिकॉर्ड उछाल: 5 महीनों में AUM ₹3 लाख करोड़ के पार, इक्विटी फंड्स से ज्यादा आया निवेश

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बीते महीने गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में 24,039 करोड़ रुपये से ज्यादा और सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) में 9,463 करोड़ रुपये का निवेश आया

Last Updated- February 16, 2026 | 7:01 PM IST
Gold-Silver ETF

गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। जनवरी 2026 में इन दोनों एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स का कुल AUM पहली बार 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जो एक नया रिकॉर्ड है। कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार तेजी और उसके बाद देखे गए भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद सिर्फ पांच महीनों में रिकॉर्ड निवेश की बदौलत इनकी संपत्ति करीब तीन गुना हो गई है। इस दौरान गोल्ड और सिल्वर ETF के फोलियो की संख्या में भी जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई।

5 महीने में 3 गुना बढ़ा AUM

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2025 में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ का ज्वाइंट AUM करीब 1 लाख करोड़ रुपये था, जो तेजी से बढ़कर जनवरी 2026 तक 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।

इस दौरान निवेशकों की बढ़ती भागीदारी फोलियो की संख्या में तेज उछाल से भी साफ दिखी। गोल्ड ईटीएफ के फोलियो 80.34 लाख से बढ़कर 1.14 करोड़ हो गए, जबकि सिल्वर ईटीएफ के फोलियो 11.31 लाख से बढ़कर 47.85 लाख पहुंच गए।

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Gold-Silver ETFs पर क्यों निवेशक लट्टू?

बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर ए. के. निगम के मुताबिक, गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में रिकॉर्ड निवेश के पीछे कई अहम वजहें रहीं:

इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव: बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों का रुख किया।

भूराजनीतिक घटनाक्रम: वैश्विक तनाव बढ़ने से कीमती धातुओं की मांग मजबूत हुई।

कम ब्याज दर की उम्मीद: ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद ने सोने को ज्यादा आकर्षक बनाया।

करेंसी में उतार-चढ़ाव: अमेरिकी डॉलर के कमजोर माहौल ने सोने की कीमतों को सहारा दिया।

पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन: गोल्ड ईटीएफ ने कीमती धातुओं में निवेश का एक पारदर्शी, नियामित और लिक्विड विकल्प दिया।

पहली बार इक्विटी फंड्स को पछाड़ा

जनवरी 2026 में रिकॉर्ड निवेश की वजह से इन फंड्स की संपत्ति तेजी से बढ़ी। AMFI के आंकड़ों के मुताबिक, बीते महीने गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में 24,039 करोड़ रुपये से ज्यादा और सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) में 9,463 करोड़ रुपये का निवेश आया। यह रकम इक्विटी फंड्स में आए 24,029 करोड़ रुपये के निवेश से भी ज्यादा रही।

दिसंबर में गोल्ड और सिल्वर ETF में कुल 15,609 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, जबकि इक्विटी फंड्स में 28,055 करोड़ रुपये आए थे। इससे साफ है कि लगातार दूसरे महीने इक्विटी फंड्स में निवेश की रफ्तार धीमी रही।

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सुरक्षित निवेश पर जोर

VSRK Capital के डायरेक्टर स्वप्निल अग्रवाल ने कहा कि जनवरी में रिकॉर्ड निवेश की मुख्य वजह कमजोर इक्विटी बाजार और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता रही। इक्विटी बाजार लंबे समय तक उतार-चढ़ाव भरा रहा और रिटर्न भी सीमित रहे, ऐसे में खुदरा निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक एसेट क्लास का रुख किया।

उन्होंने कहा कि बढ़ते भूराजनीतिक तनाव, टैरिफ से जुड़ी चिंताएं और वैश्विक अस्थिरता ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ा दी। अनिश्चित समय में मूल्य सुरक्षित रखने वाले निवेश के रूप में देखे जाने वाले सोने और चांदी में मजबूत तेजी आई, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ी।

चांदी की कमी के डर से अचानक बढ़ी मांग

अग्रवाल ने आगे कहा कि सिल्वर बाजार में सप्लाई से जुड़ी चिंताओं, खासकर बड़े उत्पादकों की ओर से लगी पाबंदियों, ने उपलब्धता घटने का डर पैदा किया। इससे कीमतों में तेजी आई और निवेशकों की मांग बढ़ी।

इक्विटी बाजार की सुस्ती, सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग, वैश्विक अनिश्चितता और सप्लाई की चिंताओं के इस मेल ने निवेशकों को इक्विटी से पैसा निकालकर कीमती धातुओं के ETF में लगाने के लिए प्रेरित किया, जिससे महीने के दौरान रिकॉर्ड निवेश दर्ज हुआ।

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First Published - February 16, 2026 | 7:01 PM IST

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