facebookmetapixel
Advertisement
US-Iran War: ईरान का बड़ा हमला, 2 अमेरिकी विमान ढेर; एक जवान लापताUS-Iran War: ईरान ने ठुकराया अमेरिका का सीजफायर ऑफर, गिरा US फाइटर जेटयुद्ध वहां, बर्बादी यहां: पश्चिम एशिया की जंग ने ओडिशा के प्लास्टिक उद्योग की तोड़ी कमर, कारखानों में सन्नाटा22 करोड़ फीचर फोन यूजर्स के लिए स्मार्टफोन अपग्रेड मुश्किल, कीमतों में और बढ़ोतरी का खतराTAG Heuer ने भारत में खोला पहला एक्सक्लूसिव बुटीक, 5 साल में कारोबार दोगुना करने का लक्ष्यउड़ान का होरेका बड़े शहरों में भरेगा परवाज, B2B ई-कॉमर्स नेटवर्क होगा मजबूतहवाई जहाज में फ्री सीट चुनने का निर्देश टला, एयरलाइंस की आपत्तियों के बाद फैसला वापसEV दोपहिया बाजार में बड़ा उलटफेर, विडा ब्रांड के दम पर हीरो मोटोकॉर्प ने बढ़ाई हिस्सेदारीट्रंप के बयान से वैश्विक बाजारों में हड़कंप, तेल कीमतों में उछाल से बढ़ी अनिश्चितताबीमा शेयरों में भारी दबाव, LIC से लेकर HDFC Life तक 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचे

India AI Impact Summit में PM मोदी ने परखा स्टार्टअप्स का दम, भविष्य की तकनीक पर हुई चर्चा

Advertisement

प्रधानमंत्री ने अलग-अलग स्टॉल पर जाकर कंपनियों के काम को करीब से देखा और उनसे AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हो रहे नए इनोवेशन के बारे में जानकारी ली

Last Updated- February 16, 2026 | 8:14 PM IST
India AI Impact Summit MODI
India AI Impact Summit में अलग-अलग स्टार्टअप के अधिकारियों से बात करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली का प्रगति मैदान (भारत मंडपम) अभी तकनीक की दुनिया की सबसे बड़ी हलचल का केंद्र बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को यहां ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो’ का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आयोजन न केवल भारत की डिजिटल ताकत को दिखा रहा है, बल्कि यह भी बता रहा है कि भविष्य की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका कितनी अहम होने वाली है।

स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय तकनीक का संगम

प्रधानमंत्री ने एक्सपो का उद्घाटन करने के बाद वहां लगे अलग-अलग स्टॉल का दौरा किया। उन्होंने स्टार्टअप्स और बड़ी कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात कर उनके नवीन विचारों (इनोवेटिव आइडियाज) को समझा। इस एक्सपो की खासियत यह है कि इसमें 600 से ज्यादा हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही, भारत की वैश्विक साख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां 13 देशों के स्पेशल पवेलियन बनाए गए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे देश शामिल हैं, जो AI के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मिसाल पेश कर रहे हैं।

Also Read: AI Impact Summit: विदेशी मेहमानों के लिए ‘UPI One World’ लॉन्च, बिना बैंक खाते के कर सकेंगे पेमेंट

तीन थीम और 10 अखाड़ों में बंटा एक्सपो

यह पूरा समिट और एक्सपो 20 फरवरी तक चलेगा। खास बात यह है कि 17 फरवरी से इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया जाएगा। लगभग 7,000 वर्ग मीटर में फैले इस आयोजन को 10 अलग-अलग अखाड़ों (Arenas) में बांटा गया है। पूरे समिट को तीन खास थीम यानी ‘चक्रों’ पर आधारित रखा गया है, जिसे पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति) का नाम दिया गया है।

आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यहां अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स के साथ-साथ भारी भीड़ उमड़ेगी। 300 से ज्यादा पवेलियन और लाइव डेमो के जरिए लोग देख सकेंगे कि AI कैसे हमारे काम करने और जीने के तरीके को बदल रहा है। यह आयोजन राज्य सरकारों, शोध संस्थानों और बड़ी कंपनियों को एक मंच पर लाकर बिजनेस के नए रास्ते भी खोल रहा है।

AI के फायदे और खतरों पर मंथन

तकनीक की इस प्रदर्शनी के बीच इसके सुरक्षित इस्तेमाल पर भी चर्चा तेज है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कार्यक्रम के दौरान AI के दोनों पहलुओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर AI मौसम के पूर्वानुमान, खेती, नई दवाओं की खोज और उत्पादकता बढ़ाने में मददगार है, वहीं इसके कुछ संभावित खतरे भी हैं।

सरकार का लक्ष्य इन दोनों के बीच एक सही संतुलन बनाना है ताकि इसके नुकसान को कम किया जा सके और फायदों का पूरा लाभ उठाया जा सके। उम्मीद जताई जा रही है कि 20 फरवरी तक चलने वाले इस समिट से भारत और दुनिया के लिए AI के इस्तेमाल को लेकर एक ठोस रोडमैप निकलकर सामने आएगा।

Advertisement
First Published - February 16, 2026 | 7:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement