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Microsoft ने फिर 300 लोगों को नौकरी से निकाला, कंपनी बोली- संगठन में बदलाव जरूरी, तभी होगा फायदा

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Microsoft अब AI और डेटा सेंटर पर फोकस बढ़ा रही है, जिससे टेक सेक्टर में पारंपरिक नौकरियां प्रभावित हो रही हैं।

Last Updated- June 03, 2025 | 9:10 PM IST
Microsoft earnings
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pixabay

Microsoft layoffs 2025: टेक सेक्टर की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एक बार फिर अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 2 जून 2025 को कंपनी ने 300 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह कटौती इस साल मई में निकाले गए 6,000 कर्मचारियों के अलावा है। 

बता दें कि माइक्रोसॉफ्ट ने जून 2024 तक लगभग 2,28,000 लोगों को नौकरी पर रखा था, जिनमें से 55 प्रतिशत लोग सिर्फ अमेरिका में कार्यरत थे।  

नौकरी से निकाले जाने के फैसले के बाद कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम बाजार की बदलती जरूरतों के हिसाब से अपने संगठन में बदलाव कर रहे हैं, ताकि कंपनी को सफलता की ओर ले जाया जा सके।” हालांकि, इस बार की छंटनी में किन विभागों पर असर पड़ा है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मई की छंटनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा था।  

Also Read: तकनीकी खर्च में मंदी नहीं, AI Copilot को लेकर बहुत चर्चा: माइक्रोसॉफ्ट इंडिया

AI के दौर में कंपनियां कर रही बदलाव 

माइक्रोसॉफ्ट और अन्य बड़ी टेक कंपनियां जैसे मेटा और सेल्सफोर्स अब अपने संसाधनों को डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के डेवलप पर अपना फोकस बढ़ा रही हैं। इस बदलाव के चलते कई कंपनियों में नौकरियों में कटौती की जा रही है। टेक क्षेत्र में AI और मशीन लर्निंग की बढ़ती मांग के कारण कंपनियां अब कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम करने की दिशा में बढ़ रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट अपने AI टूल्स ‘AI को पायलट्स’ को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। इससे सॉफ्टवेयर डेवलपिंग और तेज और सस्ता हो सकता है। 

इसी तरह, सेल्सफोर्स ने भी पहले बताया था कि उनके AI ने कम कर्मचारियों के साथ काम बढ़ाने में मदद की है। इससे इस बात की ओर इशारा होता है कि टेक कंपनियां अब उन क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही हैं, जहां भविष्य में विकास की संभावना ज्यादा है। इस प्रक्रिया में पारंपरिक नौकरियों की संख्या कम हो रही है, क्योंकि कंपनियां मशीनों और AI पर अधिक निर्भर हो रही हैं। 

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First Published - June 3, 2025 | 9:02 PM IST

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