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पावरग्रिड ने स्मार्ट मीटर के लिये बोली जमा करने की तिथि बढ़ायी

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Last Updated- December 11, 2022 | 4:03 PM IST

पावरग्रिड कॉरपोरेशन ने स्मार्ट बिजली मीटर खरीदने के लिये 6,000 करोड़ रुपये के टेंडर की समयसीमा बढ़ा दी है। कंपनी ने यह कदम उद्योग की चिंता के बीच उठाया है। उद्योग का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी 5जी के बजाय पुरानी पड़ चुकी प्रौद्योगिकी को चुन रही है। मामले से जुड़े दो सूत्रों ने कहा कि पावरग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (PGCIL) ने एक करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने की निविदा के तहत बोली लगाने की समयसीमा नौ सितंबर तक बढ़ा दी है। इसके तहत स्मार्ट मीटर बिजली खपत जैसी सूचना रिकॉर्ड करने से लेकर वेब आधारित निगरानी प्रणाली से जुड़ा होगा। 
इस बारे में पावरग्रिड को ई-मेल भेजकर जानकारी मांगी गयी, लेकिन फिलहाल उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। सरकार के बिजली क्षेत्र में सुधार के तहत 25 करोड़ परंपरागत मीटर को स्मार्ट मीटर में बदला जाना है। 

इस पहल का मकसद बिजली चोरी और वाणिज्यिक नुकसान को कम करना है। सरकार के बिजली वितरण बुनियादी ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने के लक्ष्य के तहत PGCIL ने मार्च में संचार से जुड़े बुनियादी ढांचे समेत स्मार्ट मीटर खरीदने के लिये निविदा जारी की थी। स्मार्ट मीटर में संचार बुनियादी ढांचा महत्वपूर्ण तत्वों में से एक है। 
निविदा के तहत शुरू में पुरानी और दूसरी पीढ़ी (2जी) और ‘आरएफ मेश फ्रीक्वेंसी’ की मांग की गयी थी। लेकिन बाद में निविदा को संशोधित किया गया और उसमें संचार प्रौद्योगिकी के रूप में अत्याधुनिक एनबी-आईओटी (नैरोबैंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स) प्रौद्योगिकी को शामिल किया गया। सूत्रों के अनुसार लेकिन पिछले महीने संशोधित निविदा में नई और 5जी आधारित एनबी-आईओटी प्रौद्योगिकी को छोड़ दिया गया। 

इससे स्मार्ट मीटर आपूर्तिकर्ता चिंतित हैं। इनमें से कुछ ने कंपनी के साथ-साथ बिजली मंत्री आर के सिंह को भी पत्र लिखा है। नैरोबैंड- इंटरनेट ऑफ थिंग्स एक सेल्युलर संचार तकनीक है जिसे दुनियाभर में स्वीकार किया जाता है। 
यह 4जी के साथ-साथ 5जी में स्थायी सेल्युलर तकनीक प्रदान करती है और ऊंची इमारतों, ‘बेसमेंट’ और ग्रामीण प्रतिष्ठानों में उपयोग के लिये बेहतर है। विक्रेताओं में से एक जिओ थिंग्स लिमिटेड ने 26 अगस्त को पावरग्रिड को लिखा, ‘एनबी-आईओटी नवीनतम अत्याधुनिक तकनीक है और भविष्य के लिए सुरक्षित है।’ उसने लिखा है, ‘जब देश में अत्याधुनिक तकनीक की क्षमता मौजूद हो, तो इसे निविदा में शामिल करना और इसे बिजली क्षेत्र में उपयोग में लाना उचित होगा। कंपनी ने स्मार्ट मीटर के लिये एनबी-आईओटी को संचार विकल्प के रूप में शामिल करने की मांग की है। 

 

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First Published - September 1, 2022 | 6:52 PM IST

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