उत्तर भारत में घने कोहरे के कारण सोमवार को लगभग 200 उड़ान रद्द कर दी गईं और सैकड़ों उड़ानों में विलंब हुआ। क्षेत्र में इस महीने कोहरे के कारण हवाई संचालन बाधित होता रहा। उद्योग सूत्रों के अनुसार, दिल्ली हवाई अड्डे पर सोमवार सुबह 11 बजे तक लगभग 128 उड़ान रद्द कर दी गईं। खराब मौसम के कारण कम से कम आठ उड़ान को राष्ट्रीय राजधानी से दूसरी जगह भेजा गया। एक सूत्र ने बताया, ‘कम दृश्यता के कारण, सोमवार रात 12 बजे से सुबह 11 बजे के बीच दिल्ली हवाई अड्डे से 64 प्रस्थान उड़ान और 64 आगमन उड़ान रद्द कर दी गईं।’
दिल्ली हवाई अड्डे से प्रतिदिन लगभग 1,360 उड़ान संचालित होती हैं। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उत्तर भारत में खराब मौसम के कारण सोमवार को 104 उड़ान रद्द की गईं।
एयरलाइन ने एक्स पर लिखा, ‘दिल्ली और उत्तर भारत के कई हवाई अड्डों पर कोहरे की स्थिति बनी हुई है और दृश्यता में अभी पूरी तरह सुधार नहीं हुआ है। नतीजतन, उड़ानों की आवाजाही पर पहले से पड़ रहा प्रभाव दोपहर तक जारी रहने की संभावना है और कुछ देर हो सकती है।’
इंडिगो ने कहा, ‘हम आपको आश्वस्त करते हैं कि आपकी यात्रा और आराम को ध्यान में रखते हुए, सुचारु और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए उड़ानों के प्रस्थान और आगमन को क्रमबद्ध किया जा रहा है।’
एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के अनुसार भारत में प्रतिदिन कुल 3,320 घरेलू उड़ान संचालित होती हैं, जबकि देश से आने-जाने वाली लगभग 1,315 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है।
नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस वित्त वर्ष में विमानन संचालन के लिए 10 दिसंबर से 10 फरवरी तक की अवधि को शीतकालीन कोहरे की अवधि के रूप में नामित किया है।
इस अवधि के दौरान एयरलाइनों को नियामक की कम दृश्यता संबंधी परिचालन प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है। इसमें ऐसी स्थितियों के लिए सुसज्जित विमानों को तैनात करना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि केवल कम दृश्यता में लैंडिंग के लिए प्रमाणित पायलटों को ही ड्यूटी पर लगाया जाए।