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भारत में होटल उद्योग में मिड-रेंज श्रेणी की बढ़ती मांग, बढ़ेगी 500 नई होटल्स की संख्या

इस बीच ताज समूह के होटलों की मूल कंपनी आईएचसीएल ने वृद्धि के संचालक के रूप में मझोली श्रेणी के अपने ब्रांड जिंजर की पहचान की है।

Last Updated- March 31, 2025 | 11:10 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय यात्रा और पर्यटन क्षेत्रों में लगातार रफ्तार, बढ़ते मध्य वर्ग और बढ़ती गैर-जरूरी आय से उत्साहित होकर मझोले स्तर के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू श्रेणी के होटल विस्तार की रणनीति बना रहे हैं। इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) का जिंजर ब्रांड, हिल्टन का हैम्पटन ब्रांड और ट्रीबो मझोली श्रेणी की अपनी नई श्रृंखला मेडालियो जैसे ब्रांड के जरिये इस क्षेत्र में अधिक से अधिक हिस्सेदारी के लिए तेजी से आपूर्ति बढ़ा रही हैं। यह श्रेणी देश में उभरते युवा और नए यात्रियों के कारण बढ़ रही है।

बजट के अनुकूल ब्रांड ट्रीबो की मूल कंपनी ट्रीबो हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स ने हाल में मेडालियो के साथ संभावना वाली मध्य श्रेणी में कदम रखा है। इसमें कमरे का किराया प्रति रात 5,000 रुपये से शुरू होता है। ट्रीबो हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स के सह-संस्थापक और मुख्य कार्य अधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता ने हाल में स्किफ्ट इंडिया फोरम के मौके पर बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हमें उम्मीद है कि आने वाले दशक में किफायती बाजार में हमारी दो से तीन प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। लेकिन देश में बढ़ते मध्य वर्ग और लोगों की बेहतर सेवाओं की उम्मीद से हम अब मझोली श्रेणी में काम शुरू कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में हमारी 500 से 700 होटल खोलने की योजना है।’    कंपनी के अनुसार इस श्रेणी में कम प्रतिस्पर्धा की वजह से जोरदार विस्तार की गुंजाइश है। कंपनी राजस्थान के उदयपुर और सि​क्किम के गंगटोक में मेडालियो की दो पेशकश ला रही है। वह ओडिशा के पुरी और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जैसे दूसरे मझोले और छोटे शहरों तक विस्तार कर रही है।

इस बीच ताज समूह के होटलों की मूल कंपनी आईएचसीएल ने वृद्धि के संचालक के रूप में मझोली श्रेणी के अपने ब्रांड जिंजर की पहचान की है। दिसंबर 2024 को समाप्त तिमाही में जिंजर का संयुक्त राजस्व पिछले साल की तुलना में 43 प्रतिशत बढ़कर 157 करोड़ रुपये हो गया जबकि एबिटा मार्जिन 200 आधार अंकों की वृद्धि के सा​थ 45 प्रतिशत रहा। आईएचसीएल ने मुख्य ब्रांड ताज के बाद अपने पोर्टफोलियो में अब जिंजर को दूसरा सबसे अहम ब्रांड के रुप में रखा है।

हॉस्पिटैलिटी कंसल्टेंसी एचवीएस एनारॉक के अध्यक्ष और मुख्य कार्य अ​धिकारी (दक्षिण एशिया) मंदीप एस लांबा ने कहा, ‘इस क्षेत्र का भारत के कुल होटलों में 38 से 40 प्रतिशत हिस्सा है और इसमें अपार संभावनाएं हैं। पिछले दशक के दौरान इस श्रेणी में लगातार विस्तार हुआ है जिसकी वजह शहरी और उभरते बाजारों में फुरसतिया सैर-सपाटा और व्यावसायिक यात्रियों की बढ़ती मांग है।’

सलाहकार फर्म के आंकड़ों के अनुसार भारत में मझोले स्तर वाले ब्रांडेड होटल की आपूर्ति में करीब 9 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर है जो साल 2000-01 में करीब 9,000 कमरों की तुलना में बढ़कर साल 2023-24 में करीब 65,000 कमरे हो गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतिथ्य-सत्कार क्षेत्र की हिल्टन जैसी दिग्गज कंपनियों को इस श्रेणी में बढ़ती संभावनाएं दिख रही हैं।

First Published - March 31, 2025 | 10:49 PM IST

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