facebookmetapixel
Advertisement
25,400 के स्तर पर निफ्टी की अग्निपरीक्षा, आगे क्या होगी चाल? मार्केट एक्सपर्ट ने बताई ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी और टॉप पिक्सBreakout stocks: ब्रेकआउट के बाद दौड़ने को तैयार ये 3 स्टॉक, जान लें टारगेट, स्टॉपलॉसStocks to Watch: Lupin से लेकर IRFC और RVNL तक, गुरुवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Update: मजबूती के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 200 अंक चढ़ा; निफ्टी 25500 के ऊपरक्या चावल निर्यात कर भारत बेच रहा है अपना पानी? BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने उठाए गंभीर सवालBS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: निर्यात प्रतिबंध-नीतिगत अनिश्चितता से कृषि को चोट, स्थिरता की जरूरतसुमंत सिन्हा का दावा: सिर्फ क्लाइमेट चेंज नहीं, अब ‘जियोपॉलिटिक्स’ बढ़ाएगी भारत में क्लीन एनर्जी की रफ्तारBS Manthan में बोले जोशी: अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक $350 अरब के निवेश से रोशन होगा भारतइक्विटी SIP निवेश में गिरावट, अस्थिर बाजार के बीच निवेशकों का रुझान बदलाशेखर कपूर की भविष्यवाणी: अब निर्देशक नहीं, दर्शक और AI मिलकर लिखेंगे फिल्मों की कहानी

₹6 लाख करोड़ का निवेश! जापान भारत में लगाएगा बंपर पैसा, AI और चिप्स में मिलेंगी नौकरियां

Advertisement

Japan investment plan: जापान अगले 10 साल में भारत में AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़े निवेश से बिजनेस और रोजगार के नए मौके लाएगा।

Last Updated- August 26, 2025 | 11:09 AM IST
India Japan Investment Plan

जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने भारत में 10 ट्रिलियन येन (लगभग 68 बिलियन डॉलर यानी करीब 6 लाख करोड़ रुपये) निवेश करने का प्लान बनाया है। इसका मकसद अगले 10 सालों में भारत–जापान के बिजनेस रिश्तों को मजबूत करना है। यह जानकारी निक्केई एशिया की रिपोर्ट में दी गई। प्रधानमंत्री इशिबा शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी 29–30 अगस्त को जापान की यात्रा पर रहेंगे, जहां 15वां भारत–जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा।

सुरक्षा और व्यापार दोनों पर जोर

दोनों देशों के प्रधानमंत्री 17 साल बाद पहली बार सुरक्षा सहयोग पर साझा घोषणा को नया रूप देंगे। साथ ही, जापान का निवेश भारत के लिए 8 अहम क्षेत्रों में किया जाएगा – जिनमें मोबिलिटी, पर्यावरण और चिकित्सा जैसे सेक्टर शामिल हैं।

यह भी पढ़ें: India-UK FTA से एल्युमिनियम निर्यात 2030 तक तीन गुना बढ़ेगा, लेकिन CBAM का कार्बन टैक्स बनेगा चुनौती

फोकस: AI और सेमीकंडक्टर

रिपोर्ट के मुताबिक, यह निवेश खासतौर पर जापानी कंपनियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत में विस्तार करने में मदद करेगा। इन कंपनियों में भारतीय विशेषज्ञ इंजीनियरों को नौकरी मिलेगी। दोनों देशों के बीच AI Cooperation Initiative नाम का एक समझौता होगा, जिसके तहत युवा रिसर्चर्स का आदान–प्रदान किया जाएगा। शनिवार को पीएम मोदी और इशिबा Tokyo Electron नामक जापानी चिप बनाने वाली कंपनी की फैक्ट्री का दौरा करेंगे। इसके जरिए जापान अपनी तकनीकी ताकत को दिखाना चाहता है।

स्टार्टअप्स और टैलेंट पर जोर

जापान, भारत के स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा देगा। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) पहले ही तेलंगाना के स्टार्टअप्स को कर्ज दे चुकी है। साथ ही, जापान भारत के टैलेंट हायरिंग पर भी ध्यान देगा। जापान को 2030 तक लगभग 7.9 लाख विशेषज्ञ कर्मचारियों की जरूरत होगी, जबकि भारत हर साल करीब 15 लाख इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स तैयार करता है। पिछले 5 सालों में लगभग 25,000 भारतीय विशेषज्ञ जापान गए हैं, जहां उन्होंने काम किया या पढ़ाई और ट्रेनिंग पूरी की।

यह भी पढ़ें: रियल मनी गेमिंग पर बैन से विज्ञापन उद्योग को झटका, खेल विज्ञापनों में 15% गिरावट संभव

जापानी कंपनियां पहले से कर रहीं हायरिंग

Sompo Care (जापान की नर्सिंग कंपनी) ने भारत में ट्रेनिंग सेंटर खोला है और 2024 से भारतीय कर्मचारियों को नौकरी देना शुरू कर दिया है। Sekisho (ऊर्जा कंपनी) भारतीय छात्रों को जापानी कंपनियों से जोड़ने का काम कर रही है। यह कंपनी जापानी भाषा शिक्षा और नौकरी प्लेसमेंट में भी मदद करेगी।

कुल मिलाकर, जापान का यह निवेश न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा, बल्कि भारतीय इंजीनियरों और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और नए अवसर भी लेकर आएगा।

Advertisement
First Published - August 26, 2025 | 11:09 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement