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₹6 लाख करोड़ का निवेश! जापान भारत में लगाएगा बंपर पैसा, AI और चिप्स में मिलेंगी नौकरियां

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Japan investment plan: जापान अगले 10 साल में भारत में AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़े निवेश से बिजनेस और रोजगार के नए मौके लाएगा।

Last Updated- August 26, 2025 | 11:09 AM IST
India Japan Investment Plan

जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने भारत में 10 ट्रिलियन येन (लगभग 68 बिलियन डॉलर यानी करीब 6 लाख करोड़ रुपये) निवेश करने का प्लान बनाया है। इसका मकसद अगले 10 सालों में भारत–जापान के बिजनेस रिश्तों को मजबूत करना है। यह जानकारी निक्केई एशिया की रिपोर्ट में दी गई। प्रधानमंत्री इशिबा शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी 29–30 अगस्त को जापान की यात्रा पर रहेंगे, जहां 15वां भारत–जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन होगा।

सुरक्षा और व्यापार दोनों पर जोर

दोनों देशों के प्रधानमंत्री 17 साल बाद पहली बार सुरक्षा सहयोग पर साझा घोषणा को नया रूप देंगे। साथ ही, जापान का निवेश भारत के लिए 8 अहम क्षेत्रों में किया जाएगा – जिनमें मोबिलिटी, पर्यावरण और चिकित्सा जैसे सेक्टर शामिल हैं।

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फोकस: AI और सेमीकंडक्टर

रिपोर्ट के मुताबिक, यह निवेश खासतौर पर जापानी कंपनियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत में विस्तार करने में मदद करेगा। इन कंपनियों में भारतीय विशेषज्ञ इंजीनियरों को नौकरी मिलेगी। दोनों देशों के बीच AI Cooperation Initiative नाम का एक समझौता होगा, जिसके तहत युवा रिसर्चर्स का आदान–प्रदान किया जाएगा। शनिवार को पीएम मोदी और इशिबा Tokyo Electron नामक जापानी चिप बनाने वाली कंपनी की फैक्ट्री का दौरा करेंगे। इसके जरिए जापान अपनी तकनीकी ताकत को दिखाना चाहता है।

स्टार्टअप्स और टैलेंट पर जोर

जापान, भारत के स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा देगा। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) पहले ही तेलंगाना के स्टार्टअप्स को कर्ज दे चुकी है। साथ ही, जापान भारत के टैलेंट हायरिंग पर भी ध्यान देगा। जापान को 2030 तक लगभग 7.9 लाख विशेषज्ञ कर्मचारियों की जरूरत होगी, जबकि भारत हर साल करीब 15 लाख इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स तैयार करता है। पिछले 5 सालों में लगभग 25,000 भारतीय विशेषज्ञ जापान गए हैं, जहां उन्होंने काम किया या पढ़ाई और ट्रेनिंग पूरी की।

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जापानी कंपनियां पहले से कर रहीं हायरिंग

Sompo Care (जापान की नर्सिंग कंपनी) ने भारत में ट्रेनिंग सेंटर खोला है और 2024 से भारतीय कर्मचारियों को नौकरी देना शुरू कर दिया है। Sekisho (ऊर्जा कंपनी) भारतीय छात्रों को जापानी कंपनियों से जोड़ने का काम कर रही है। यह कंपनी जापानी भाषा शिक्षा और नौकरी प्लेसमेंट में भी मदद करेगी।

कुल मिलाकर, जापान का यह निवेश न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा, बल्कि भारतीय इंजीनियरों और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और नए अवसर भी लेकर आएगा।

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First Published - August 26, 2025 | 11:09 AM IST

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