facebookmetapixel
Artemis 2 Mission: 1972 के बाद पहली बार फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगेBMC Election 2026: जीत के बाद भाजपा के सामने शहर का नए सिरे से विकास और निवेश की चुनौती‘स्वामित्व योजना’ के तहत 3 लाख से अधिक गांवों का ड्रोन से हुआ सर्वे, 1.5 लाख गांवों में कार्ड भी वितरितनिजी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में केरल देश में अव्वल, चारपहिया सेगमेंट में भी बढ़तBudget 2026 से पहले नॉमिनल GDP ग्रोथ को रफ्तार, 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमानअब एक ही मासिक स्टेटमेंट में दिखेगा फाइनेंस का पूरा हिसाब-किताब, SEBI-RBI करने जा रही बड़ी पहलJIO की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार की तेज रफ्तार से रिलायंस की ग्रोथ को मिलेगा नया बूस्टस्मॉलकैप फंडों ने माइक्रोकैप शेयरों से बनाई दूरी, निवेश 2 फीसदी पर सिमटा; वेंचुरा की स्टडी में खुलासाCII सर्वे: उद्योगों का भरोसा पांच तिमाही के उच्च स्तर पर, मांग और निवेश को मिला बलविश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक में चमकेगी भारत की विकास गाथा, दुनिया देखेगी ग्रोथ इंजन का दम

सरकार ने कोयला एवं लिग्नाइट खोज योजना के लिए 2,980 करोड़ रुपये मंजूर किए

Last Updated- June 07, 2023 | 5:50 PM IST
कोल इंडिया

सरकार ने 2,980 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च के साथ केंद्रीय क्षेत्र की ‘कोयला और लिग्नाइट खोज’ योजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बुधवार को हुई बैठक में इस विस्तार को मंजूरी दी गई। इस विस्तार की समय अवधि 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 तक है, जो 15वें वित्त आयोग के कार्यकाल के अनुरूप है।

इसमें कहा गया है, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई CCEA की बैठक में कोयला और लिग्नाइट खोज की केंद्रीय क्षेत्र योजना को 2021-22 से 2025-26 तक 2,980 करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय के साथ जारी रखने की मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत कोयले और लिग्नाइट की खोज दो व्यापक चरणों में की जाती है: (i) प्रोत्साहन (क्षेत्रीय) के लिए खोज और (ii) गैर-कोल इंडिया लिमिटेड के ब्लॉकों में विस्तृत खोज।

बयान में कहा गया है कि प्रोत्साहन (क्षेत्रीय) के लिए खोज पर 1,650 करोड़ रुपये और गैर-सीआईएल क्षेत्रों में विस्तृत ड्रिलिंग के लिए 1,330 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें कहा गया है कि लगभग 1,300 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र, क्षेत्रीय अन्वेषण के दायरे में लिया जाएगा और लगभग 650 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र विस्तृत खोज के दायरे में आएगा।

देश में उपलब्ध कोयला संसाधनों को प्रमाणित करने और अनुमान लगाने के लिए कोयला और लिग्नाइट के लिए खोज जरूरी है। यह कोयला खनन शुरू करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में मदद करता है। इन खोज के माध्यम से तैयार की गई भूवैज्ञानिक रिपोर्ट का उपयोग नए कोयला ब्लॉकों की नीलामी के लिए किया जाता है, और उसके बाद सफल आवंटियों से लागत वसूल की जाती है।

First Published - June 7, 2023 | 5:50 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट