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भारत में स्वास्थ्य संबंधी पर्यटन तेजी से बढ़ा, होटलों के वेलनेस रूम किराये में 15 फीसदी तक बढ़ोतरी

कॉरपोरेट और छुट्टियों पर आने वाले पर्यटक दोनों वेलनेस रिट्रीट की ओर आकर्षित, भारत वैश्विक वेलनेस केंद्र बनता दिख रहा

Last Updated- October 23, 2025 | 11:20 PM IST
health tourism
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

कभी खास श्रेणी मानी जाने वाला भारत का स्वास्थ्य संबंधी पर्यटन (वेलनेस ट्रैवल) तेजी से बढ़ रहा है। अब देश भर के होटल योगाभ्यास से लेकर खास तौर पर तैयार किए गए नेचर इमर्शन जैसे वेलनेट ट्रैवल बुकिंग पर भरोसा कर रहे हैं। कुछ होटलों के कमरे के किराये में पिछले साल के मुकाबले 15 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

हालांकि, पहले स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं और गतिविधियां लक्जरी पेशकश मानी जाती थी, लेकिन आतिथ्य उद्योग के अधिकारियों का कहना है अब यह मेहमानों के बीच मुख्यधारा में आ रही है। फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन इन इंडियन टूरिज्म ऐंड हॉस्पिटेलिटी (फेथ) के सलाहकार मुख्य कार्य अधिकारी आशिष गुप्ता ने कहा कि यह पर्यटकों के बदलते व्यवहार को दर्शाता है। नतीजतन, होटलों के कमरों का औसत किराया (एआरआर) 10 से 15 फीसदी तक बढ़ गया है और यात्रा सीजन में होटलों में 75 से 85 फीसदी तक भीड़ रहती है।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के मुताबिक, इस साल योग मंडपों और आयुर्वेद चिकित्सा से लेकर पोषण वाले खानपान और समग्र उपचार जैसे विशेष स्वास्थ्य देखभाल की पेशकश करने वाले होटलों की संख्या में 15 से 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जो ऋषिकेश, केरल, कुर्ग और गोवा जैसे शहरों में आतिथ्य परिदृश्य को नया रूप दे रहा है।

आईएटीओ के अध्यक्ष रवि गोसाईं ने कहा, ‘इस साल वेलनेस ट्रैवल के लिए प्रसिद्ध शहरों के कमरों की दरों में करीब 12 से 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है और वहां ठहरने वाले लोगों की संख्या भी करीब 10 फीसदी सुधरी है।’ उन्होंने कहा कि यह मांग सिर्फ छुट्टियां बिताने वाले पर्यटकों की ओर से नहीं है, बल्कि कॉरपोरेट की ओर से भी मांग बढ़ रही है, क्योंकि वे कर्मचारी के वेलनेस और लीडरशिप प्रोग्राम के लिए वेलनेस रिट्रीट को तवज्जो दे रहे हैं।

रेडिसन होटल ग्रुप के दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी निखिल शर्मा ने कहा, ‘हमारे पूरे पोर्टफोलियो में हमने वेलनेस ट्रैवल को एक खास रुचि के इतर मुख्यधारा में तब्दील होते देखा है। मेहमान भी अब ऐसे अनुभव की तलाश कर रहे हैं जो उन्हें तरोताजा होने में मदद करे। इसके लिए वे माइंडफुल मूवमेंट, नेचर इमर्शन और धीमी एवं जानबूझकर यात्रा करना चाह रहे हैं।’

शर्मा ने कहा कि कंपनी अपने रिसॉर्ट्स में वेलनेस टचप्वाइंट को शामिल कर रही है और इसके लिए सुबह-सुबह योगाभ्यास और आउटडोर फिटनेस से लेकर पौष्टिक और खासतौर पर स्थानीय व्यंजन परोसे जा रहे हैं। इसके अलावा, रेडिसन ब्लू होटल ऐंड स्पा, नाशिक में विनोथेरेपी जैसे स्पा थेरी की पेशकश की जा रही है।

रेडिसन ब्लू रिसॉर्ट धर्मशाला में स्वास्थ्य पर केंद्रित अनुभवों की बढ़ती भूख पूरी तरह दिखाई दे रही है। इसका करीब 65 फीसदी कारोबार छुट्टियां बिताने के लिए आने वाले यात्रियों से चलता है और यहां आने वाले यात्रियों में योग सत्र, ट्रेक और नींद आधारित कार्यक्रम जैसी गतिविधियों में रुचि भी पिछले साल के मुकाबले बढ़ रही है। रेडिसन होटल की तरह ही एकॉर होटल्स का ब्रांड रैफल्स उदयपुर ने बताया कि वेलनेस पर केंद्रित स्टे होटल में ठहरने की कुल दर और रुकने की अवधि में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

भारत में होटल में दिल्ली, मुंबई और बेंगलूरु जैसे महानगरों से वेलनेस ट्रैवल की मांग में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया, ब्रिटेन और दक्षिण पूर्वी एशिया जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी इसमें दिलचस्पी बढ़ी है। रैफल्स उदयपुर के महाप्रबंधक राजेश नाम्बी ने कहा, ‘फिलहाल हम भारत में खास तौर पर वेलनेस थीम वाले होटल बनाने की योजना नहीं बना रहे हैं, लेकिन हमारा ध्यान हर प्रॉपर्टी में बेहद व्यक्तिगत, जगह से प्रेरित वेलनेस अनुभव तैयार करने पर है।

उदाहरण के लिए, रैफल्स उदयपुर में द्वीप की प्राकृतिक छटा हमें योग, ध्वनि चिकित्सा, आयुर्वेद से प्रेरित पद्धति से उपचार और पौष्टिक खानपान के संयोजन वाले ऐसे विशिष्ट कार्यक्रम बनाने की अनुमति देती है जो उस स्थान की भावना को दर्शाता है।’

नाम्बी ने कहा कि हालांकि छुट्टियां बिताने वाले यात्री इस क्षेत्र में मांग को बढ़ा रहे हैं, लेकिन कॉरपोरेट समूहों की ओर से अपने कर्मचारी सहभागिता कार्यक्रमों के भाग के रूप में वेलनेस रिट्रीट और माइंडफुल ऑफसाइट की खोज में रुचि बढ़ रही है। यह इस साल और बढ़ जाएगी।

गोसाईं ने कहा कि भारत समग्र पर्यटन के एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है, जिसमें स्वास्थ्य, संस्कृति और स्थिरता शामिल है। अगले पांच वर्षों में देश में वेलनेस ट्रैवल में हर सास 20 से 25 फीसदी वृद्धि होने की उम्मीद है।

भारतीय होटल ब्रांड भी वेलनेस बुकिंग से संबंधित बुकिंग में वृद्धि देख रहे हैं। कामत होटल्स के कार्यकारी निदेशक विशाल कामत ने कहा कि कंपनी के प्रमुख फोकस में से एक वेलनेस  है। इसके अलावा, ओबेरॉय समूह ने हाल ही में वेलनेस के लिए एएसएमआई बाय ओबेरॉय पहल की शुरुआत की है। यह पहल भारत में इसके सभी होटलों में शुरू की जाएगी।

कामत ने कहा, ‘पुणे के बाहरी इलाके में स्थित हमारा ऑर्किड टोयम होटल वेलनेस के क्षेत्र में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और ऋषिकेश स्थित हमारा ऑर्किड ऋषिवन भी अपने योग रिट्रीट के लिए अक्सर बुक हो रहा है, जहां एक समय में 25 से 30 लोगों के समूह आते हैं।’

आईटीसी होटल्स में स्पा से जुड़ी बुकिंग में पिछले साल के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। आईटीसी होटल्स के एरिया मैनेजर (लक्जरी होटल्स, उत्तर) अमन आर किदवई ने बताया कि स्पा का अनुभव यात्रियों के ज्यादातर यात्रा कार्यक्रमों में एक जरूरी हिस्सा होता है। कंपनी अपने आईटीसी होटल्स, मेमेंटोज, वेलकम होटल्स और स्टोरी बाय आईटीसी होटल्स जैसे ब्रांडों के जरिये अपने मेहमानों के लिए अनोखे और देसी उपचार उपलब्ध कराती है।

किदवई ने कहा, ‘छुट्टियां बिताने और कारोबार के सिलसिले में आने वाले ज्यादा से ज्यादा लोग हमारे होटलों में स्पा का आनंद लेकर तरोताजा होने और आराम करने के लिए अपने व्यस्त कार्यक्रम में समय निकाल रहे हैं।’

First Published - October 23, 2025 | 10:09 PM IST

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