facebookmetapixel
Advertisement
PM मोदी और राष्ट्रपति लूला की बैठक: भारत-ब्राजील के बीच $20 अरब के व्यापार का बड़ा लक्ष्य तयDividend Stocks: बाजार में कमाई का मौका! अगले हफ्ते ये 6 कंपनियां देने जा रही हैं डिविडेंड, देखें लिस्टदिल्ली में अलर्ट! लाल किला और चांदनी चौक पर बढ़ी सुरक्षा, आतंकियों की मंशा खुफिया रिपोर्ट में आई सामनेIndia-US Trade Deal: अप्रैल में लागू हो सकता है भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता, पीयूष गोयल का बड़ा बयानExplainer: सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद लगाया 10% ग्लोबल टैरिफ! क्या अब बदल जाएगी भारत-अमेरिका ट्रेड डील?AI Impact Summit 2026: समिट के आखिरी दिन दिल्लीवासियों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी, प्लान करके निकलें घर सेStock Split: निवेशकों की मौज! एक शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर, नोट कर लें इन 2 कंपनियों की रिकॉर्ड डेटनील कट्याल कौन हैं? ट्रंप के टैरिफ पर ऐतिहासिक फैसले के पीछे का बड़ा नामनई जीडीपी सीरीज में बड़ा बदलाव, अब बदलेगी विकास दर की तस्वीर‘बजट के आंकड़ों से आगे बढ़ना जरूरी’, एक्सपर्ट्स ने बताया 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का असली फॉर्मूला

देशभर में मतदाता सूची का व्यापक निरीक्षण, अवैध मतदाताओं पर नकेल; SIR जल्द शुरू

Advertisement

असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य अगले साल चुनाव की तैयारी में होंगे और इन्हीं राज्यों से मतदाता सूची की समीक्षा शुरू होगी।

Last Updated- October 25, 2025 | 4:57 PM IST
Bihar Elections 2025
Representative Image

चुनाव आयोग (EC) अगले सप्ताह देशभर में मतदाता सूची (Voter List) की विशेष गहन समीक्षा (Special Intensive Revision – SIR) की पहली फेज शुरू कर सकता है। शुरुआती चरण में लगभग 10-15 राज्यों को शामिल किया जाएगा। इस प्रक्रिया में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों वाले राज्य भी शामिल होंगे।

असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य अगले साल चुनाव की तैयारी में होंगे और इन्हीं राज्यों से मतदाता सूची की समीक्षा शुरू होगी। अधिकारियों के अनुसार, चुनाव आयोग अगले सप्ताह के मध्य में इस पहले चरण की घोषणा कर सकता है।

जहां स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं या नजदीकी समय में होने वाले हैं, वहां यह प्रक्रिया फिलहाल नहीं की जाएगी। इन राज्यों में SIR बाद के चरणों में की जाएगी।

बिहार की SIR पूरी, अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित

बिहार ने पहले ही अपनी SIR पूरी कर ली है। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई, जिसमें लगभग 7.42 करोड़ नाम शामिल हैं। यह प्रक्रिया जून से शुरू हुई थी और इसमें व्यापक फील्ड सर्वे किया गया।

24 जून को SIR शुरू होने पर बिहार में 7.89 करोड़ नाम थे। जुलाई में फील्ड सर्वे के बाद 1 अगस्त को ड्राफ्ट सूची में 7.24 करोड़ नाम आए, जिससे 65 लाख नाम हटाए गए जिन्हें “अनुपस्थित”, “स्थानांतरित” या “मृत” पाया गया।

अंतिम सूची में 21.53 लाख नए मतदाता जोड़े गए और 3.66 लाख नाम हटाए गए, जिससे कुल मिलाकर 17.87 लाख मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई। बिहार में चुनाव दो चरणों में होंगे – 6 और 11 नवंबर को मतदान, और 14 नवंबर को परिणाम आएंगे।

देशभर में SIR की तैयारी

चुनाव आयोग ने SIR को लागू करने के लिए राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ दो बैठकें की हैं। कई राज्यों ने अपनी पिछली SIR के बाद प्रकाशित मतदाता सूची अपने CEO वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। उदाहरण के लिए, दिल्ली की CEO वेबसाइट पर अभी भी 2008 की सूची उपलब्ध है, जबकि उत्तराखंड की अंतिम SIR 2006 में हुई थी।

हर राज्य की पिछली SIR एक तरह की कट-ऑफ डेट का काम करती है, जैसे बिहार की 2003 की सूची का इस्तेमाल हुआ था। अधिकांश राज्यों ने पिछली SIR 2002 से 2004 के बीच की थी और वर्तमान मतदाताओं का मिलान लगभग पूरा हो चुका है।

SIR का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों की पहचान करना और उन्हें मतदाता सूची से हटाना है। यह कदम कई राज्यों में बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों से आए अवैध प्रवासियों पर कड़े कदम उठाने के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

Advertisement
First Published - October 25, 2025 | 4:57 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement