facebookmetapixel
Advertisement
मर्सिडीज-बेंज इंडिया की बिक्री में बढ़त, लग्जरी और इलेक्ट्रिक मॉडल्स की मजबूत मांगजेनेरिक सेमाग्लूटाइड के आने से GLP-1 बाजार में हलचल, मौनजारो की बिक्री में गिरावटTCS Q4FY26 Results: नतीजे उम्मीद से बेहतर, 12 अरब डॉलर के सौदे और मजबूत AI ग्रोथ से मुनाफा 12.2% बढ़ाटाटा संस के लिस्टिंग पर जल्द फैसला संभव, एनबीएफसी वर्गीकरण पर RBI ढांचे का इंतजारStock Market: युद्ध विराम पर चिंता से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 931 अंक टूटापश्चिम एशिया संघर्ष से दबाव में निफ्टी कंपनियों की कमाई, Q4 में धीमी मुनाफा वृद्धि का अनुमानSME IPO को राहत, सैद्धांतिक मंजूरी की वैधता सितंबर 2026 तक बढ़ीकमजोर मांग और ईरान युद्ध का इन्फो एज की चौथी तिमाही पर असरसोने में आई तेजी और मजबूत मांग से आभूषण कंपनियों की चमक बढ़ी, Q4FY26 में रेवेन्यू उम्मीद से बेहतरEditorial: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद भी तनाव बरकरार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की आवश्यकता पर दिया जोर

Advertisement

भारत ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकवादी संगठन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बचाने संबंधी पाकिस्तान के प्रयासों का हवाला देते हुए यह टिप्पणी की

Last Updated- October 24, 2025 | 10:38 PM IST
S Jaishankar
विदेश मंत्री एस जयशंकर | फाइल फोटो

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधारों की तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि वैश्विक निकाय का कामकाज ‘अवरुद्ध’ हो गया है। भारत ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकवादी संगठन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बचाने संबंधी पाकिस्तान के प्रयासों का हवाला देते हुए यह टिप्पणी की। 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक रणनीति के नाम पर आतंकवाद के पीड़ितों और गुनाहगारों की तुलना करने वालों की भी आलोचना की। उन्होंने यह टिप्पणी भारत और पाकिस्तान को एक ही तराजू में तौलने की प्रवृत्ति की ओर इशारा करते हुए की, खासकर हाल में हुए आतंकवादी हमले के संदर्भ में। 

जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि संयुक्त राष्ट्र में ‘सब कुछ ठीक नहीं है’ क्योंकि संयुक्त राष्ट्र में होने वाली बहसें अब बहुत ज्यादा बंटी हुई हैं और उसका कामकाज साफ तौर पर रुका हुआ दिख रहा है। उन्होंने कहा, ‘किसी भी सार्थक सुधार को उसकी अपनी प्रक्रिया के जरिये ही रोका जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को बनाए रखना तथा इसके पुनर्निर्माण की मांग करना स्पष्ट रूप से विश्व के समक्ष एक बड़ी चुनौती है। 

Advertisement
First Published - October 24, 2025 | 10:25 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement