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Electronics Industry: यह इंडस्ट्री दे रही जमकर नौकरियां, 2025 तक 10 लाख और नौकरियां पैदा होने का अनुमान!

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग ने मार्च 2024 में भर्ती में 154% की वृद्धि दर्ज की है।

Last Updated- April 18, 2024 | 3:59 PM IST
electronics component manufacturing scheme ECMS

वर्कफोर्स मैनेजमेंट सॉल्यूशन प्रोवाइडर Quess Corp लिमिटेड की एक रिसर्च के अनुसार, भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग ने मार्च 2024 में भर्ती में 154% की वृद्धि दर्ज की है। रिसर्च में पाया गया कि टेलिकॉम सेक्टर में भर्ती की मांग सबसे अधिक है, जो कुल भर्ती का 64% है।

लाइटनिंग और ऑटोमोटिव क्षेत्र क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। Quess Corp लिमिटेड ने एक प्रेस रिलीज में कहा, भौगोलिक रूप से, तमिलनाडु इलेक्ट्रॉनिक्स भर्ती मांग में 33% की हिस्सेदारी के साथ टॉप पायदान पर है। कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी!

रिसर्च से पता चला है कि इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में उनकी भागीदारी ज्यादा है। प्रेस रिलीज में आगा बताया गया है, महिलाएं अब इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की वर्कफोर्स का 78% हिस्सा हैं। उन्हें ऑपरेटरों, क्वालिटी अश्योरेंस प्रोफेशनल्स और टेस्टिंग की नौकरियों में तेजी से भर्ती किया जा रहा है। कुछ कंपनियों में, कुल वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी 80% तक है।

रिसर्च में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में महिलाओं के रोजगार में वृद्धि के कई फैक्टर्स हैं। जैसे काम का नेचर (किस तरह का काम है), इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में अक्सर जटिल असेंबली और छोटे पार्ट्स की सटीक हैंडलिंग शामिल होती है। चूंकि, बारीकी के कामों में महिलाएं पहले से ही बेहतर होती हैं इसलिए इस क्षेत्र में वे बेहतर कर रही हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में कौन सी नौकरियां हाई डिमांड में हैं?

रिसर्च में बताया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में कई नौकरियां हैं जिनकी हाई डिमांड में हैं, जिनमें शामिल हैं- इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर, इंस्ट्रुमेंटल इंजीनियर, और इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन इंजीनियर। इन नौकरियों के लिए औसत वेतन 18,000 रुपये प्रति माह से लेकर 32,000 रुपये प्रति माह तक होता है। इन नौकरियों में आम तौर पर 18 से 30 साल की उम्र के व्यक्तियों को भर्ती किया जाता है, जो युवा टैलेंट पर इंडस्ट्री के जोर को दर्शाता है।

क्वेस कॉर्प में वर्कफोर्स मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट लोहित भाटिया का कहना है कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग इनोवेशन और बदलावों के कारण तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह 2025-2026 तक 10 लाख नौकरियां पैदा करेगा और 2025 तक बाजार का साइज 400 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। यह वृद्धि इसलिए है क्योंकि अधिक लोग इलेक्ट्रॉनिक्स चाहते हैं और सरकार “मेक इन इंडिया” और PLI स्कीम जैसे कार्यक्रमों से मदद कर रही है।

इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सेवा (EMS) सेक्टर में रोजगार और स्किल डेवलपमेंट:

स्टडी में ये भी बताया गया है कि आजकल, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सेवा (EMS) सेक्टर में फ्लेक्जिबल स्टाफिंग आम हो गया है, जिसका अर्थ है कि अस्थायी और ठेकेदार कर्मचारियों को अधिक महत्व दिया जाता है।

यह बदलाव कंपनियों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने या घटाने की सुविधा देता है। EMS सेक्टर में स्किल अंतर को कम करने के लिए, इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेनिंग मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन मॉडल में, उद्योग-संबंधित टूल और टेक्नॉलजी का उपयोग करके ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे युवाओं को आवश्यक स्किल हासिल करने में मदद मिलती है।

सरकार “स्किल इंडिया डिजिटल” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से EMS सेक्टर में स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दे रही है। इन कार्यक्रमों ने लाखों लोगों को डिजिटल स्किल प्रदान करके इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए टैलेंट पूल को मजबूत किया है।

First Published - April 18, 2024 | 3:59 PM IST

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