facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Gig workers: गिग वर्कर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! जल्द मिलेगा यूनिक ID और पेंशन कवर

स्वास्थ्य बीमा, पेंशन कवर और अन्य सुविधाओं के साथ, श्रम मंत्रालय गिग वर्कर्स के अधिकारों को मजबूत करने की तैयारी में

Last Updated- January 03, 2025 | 10:50 PM IST
labour mobility

लाखों गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने के लिए श्रम मंत्रालय जून तक ‘सामाजिक सुरक्षा कवरेज की रूपरेखा’ पेश करने की तैयारी कर रहा है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड यह जानकारी दी है। एक अधिकारी ने बताया, ‘अभी श्रम संहिता तैयार नहीं है लेकिन सरकार नहीं चाहती कि तेजी से बढ़ते गिग वर्कर अपने अधिकारों से वंचित रहें।

इस साल जून के अंत तक नया समग्र ढांचा पेश किए जाने की उम्मीद है।’सरकार नए मसौदे के तहत गिग वर्कर को विशिष्ट पहचान नंबर भी जारी कर सकती है। इससे वे विभिन्न प्लटफॉर्म पर कार्य करते हुए सामाजिक सुरक्षा का आसानी से फायदा उठा सकते हैं। इस क्रम में अन्य सुविधाओं में स्वास्थ्य बीमा, जीवन व विकलांगता बीमा, दुर्घटना बीमा और पेंशन कवर प्रस्तावित हैं।

अधिकारी ने बताया, ‘(प्रथम) मुख्य चुनौती गिग वर्कर की परिभाषा की है और यह भी कि उनके लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में योगदान कौन करेगा। इसका कारण यह है कि इनमें पारंपरिक नियोक्ता व कर्मचारी संबंधों का अभाव है। सरकार इन कामगारों के लिए कई तरह के लाभ देने की योजना बना रही है ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा के लाभ मिल सकें और उनका शोषण नहीं हो।’

श्रम सचिव सुमिता डावरा की अध्यक्षता में बीते माह हुई बैठक में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा हुई थी। यह इन कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की कवायद का हिस्सा है। इस बैठक में श्रम मंत्रालय के अधिकारीगण, प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर जैसे जोमैटोके प्रतिनिधि, श्रमिकों संगठनों व नीति आयोग के प्रतिनिधि, आईएलओ और एनसीएईआर के प्रतिनिधि शामिल थे। श्रम मामलों के वकील बीसी प्रभाकर ने उम्मीद जताई कि इस नए प्रारूप में सरकार बजट से आर्थिक मदद मुहैया करा सकती है।

First Published - January 3, 2025 | 10:50 PM IST

संबंधित पोस्ट