facebookmetapixel
Advertisement
भारत ने किया टैरिफ में बदलाव, 1 मई 2026 से लागू होंगे नए नियमरिलायंस इंडस्ट्रीज को मिला वेनेजुएला से तेल खरीद का लाइसेंसएयर इंडिया पर डीजीसीए की बड़ी कार्रवाई, सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने पर ₹1 करोड़ का जुर्मानाऊंची इमारतों का रास्ता साफ? सरकार नियामकीय ढांचे में बदलाव पर कर रही विचारTorrent Pharma Q3 Results: दिसंबर तिमाही मुनाफा 26% बढ़कर ₹635 करोड़, डिविडेंड का ऐलान कियासरकार ने खोला गेहूं निर्यात, 25 लाख टन कोटा तय; चीनी के एक्सपोर्ट को भी हरी झंडीMarket This Week: आईटी शेयरों में बिकवाली ने बिगाड़ा बाजार का मिजाज, सेंसेक्स-निफ्टी 1% टूटा; आईटी सेक्टर 8.2% फिसलाStock Market Crash: ₹7 लाख करोड़ स्वाहा! सेंसेक्स 1000 अंक लुढ़का, बाजार क्यों टूटा? 3 बड़ी वजहेंAadhaar Card Update: अपने आधार को दें सुरक्षा कवच, UIDAI ने पेश किया नया लॉक/अनलॉक फीचरBangladesh Election Results 2026: तारिक रहमान की BNP ने पाया बहुमत, नई सरकार बनना तय

Q2 नतीजों के बाद दिग्गज ऑयल PSU Stock पर ब्रोकरेज ने बदली रेटिंग; खरीदे, बेचें या होल्ड करें

Advertisement

सितंबर तिमाही में इंडियन ऑयल ने 76,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया; ICICI सिक्योरिटीज को 25% तक बढ़त की उम्मीद

Last Updated- October 29, 2025 | 12:09 PM IST
IOC q3 results

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने सितंबर तिमाही में बहुत अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने 1.46 लाख करोड़ रुपये की कमाई (EBITDA) और 76,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। पिछले साल इसी समय कंपनी को घाटा हुआ था, यानी इस बार बड़ा सुधार हुआ है। इस तिमाही में कंपनी को फायदा मिला क्योंकि तेल रिफाइनिंग का मुनाफा (GRM) बढ़ा, सरकार ने एलपीजी पर सब्सिडी दी, और पेट्रोकेमिकल कारोबार भी अच्छा चला। अब सवाल है- इतने अच्छे नतीजों के बाद क्या IOCL का शेयर आगे भी बढ़ेगा?

ICICI सिक्योरिटीज को IOCL पर भरोसा क्यों है?

ICICI सिक्योरिटीज का कहना है कि इंडियन ऑयल (IOCL) का शेयर अभी खरीदने लायक है। कंपनी ने इसका टारगेट प्राइस ₹170 से बढ़ाकर ₹194 कर दिया है, यानी इसमें लगभग 25% तक बढ़त की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, IOCL का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा क्योंकि तेल रिफाइनिंग से मुनाफा (GRM) बढ़कर USD 10.7 प्रति बैरल तक पहुंच गया। साथ ही, सरकार की तरफ से ₹14,490 करोड़ की एलपीजी सब्सिडी और एलपीजी पर घाटा घटने से कंपनी को बड़ी राहत मिली है। ICICI का मानना है कि IOCL पर कर्ज (debt) बहुत कम है, शेयर की कीमत अभी भी सस्ती है, और कंपनी अच्छा डिविडेंड (लाभांश) भी देती है। इसलिए यह शेयर निवेशकों के लिए अभी भी अच्छा मौका माना जा रहा है।

मोतीलाल ओसवाल क्यों मानता है कि IOCL पर फिलहाल ‘रुकिए’?

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि IOCL के नतीजे अच्छे रहे, लेकिन उन्होंने शेयर पर ‘Neutral’ रेटिंग दी है और टारगेट ₹152 तय किया है। फिलहाल शेयर ₹155 पर ट्रेड कर रहा है, यानी मोतीलाल ओसवाल को इसमें करीब 2% गिरावट की आशंका दिख रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार IOCL को एलपीजी पर हुए नुकसान की भरपाई के लिए ₹14,490 करोड़ देगी, जो 12 महीनों में किस्तों के रूप में मिलेगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए ₹33,500 करोड़ का निवेश (कैपेक्स) प्लान बनाया है। इसमें रिफाइनिंग, मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि HPCL इस समय IOCL से बेहतर विकल्प है, क्योंकि HPCL का फोकस मार्केटिंग पर ज्यादा है और उसका कैपेक्स खर्च घट रहा है, जबकि IOCL का खर्च अभी भी ऊंचा बना हुआ है।

नुवामा क्यों कह रहा है ‘Reduce’?

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने IOCL के शेयर पर ‘Reduce’ (बेचने की सलाह) रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹140 तय किया है। फिलहाल शेयर ₹155 पर है, यानी ब्रोकरेज को इसमें करीब 10% की गिरावट की आशंका दिख रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का तेल रिफाइनिंग मुनाफा (GRM) और पेट्रोकेमिकल कारोबार तो मजबूत रहा, लेकिन कैपेक्स और कम कैश फ्लो आने वाले समय में कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाल सकते हैं। नुवामा की रिपोर्ट में बताया गया कि एलपीजी पर कंपनी का घाटा ₹25,800 करोड़ तक पहुंच गया था, लेकिन सरकार की सब्सिडी और घटते घाटे (₹100 से घटकर ₹40 प्रति सिलेंडर) से IOCL को कुछ राहत मिल सकती है।

अब निवेशक क्या करें?

तीनों ब्रोकरेज हाउस की राय IOCL को लेकर अलग-अलग है। ICICI सिक्योरिटीज को शेयर में आगे तेजी की उम्मीद है और उसने इसे खरीदने की सलाह दी है। वहीं मोतीलाल ओसवाल ने सतर्क रुख अपनाते हुए शेयर पर ‘Neutral’ रेटिंग रखी है। दूसरी ओर, नुवामा ने निवेशकों को फिलहाल मुनाफावसूली (Reduce) की सलाह दी है। कुल मिलाकर, IOCL के मजबूत तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा तो बढ़ाया है, लेकिन आगे शेयर की चाल काफी हद तक सरकार की नीतियों, अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और कंपनी के बड़े निवेश (कैपेक्स) योजनाओं पर निर्भर करेगी।

(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जो​खिमों के अधीन है। निवेश संबंधित फैसले करने से पहले अपने एक्सपर्ट से परामर्श कर लें।)

Advertisement
First Published - October 29, 2025 | 11:48 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement