facebookmetapixel
मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोरविश्व आर्थिक मंच की सलाना बैठक में दावोस जाएंगे भारतीय नेतागण, चौहान और वैष्णव करेंगे अगुआईभारत कोकिंग कोल का आईपीओ शुक्रवार को पेश होगा, ₹1,069 करोड़ जुटाने की तैयारीAI इम्पैक्ट समिट में ग्लोबल साउथ पर फोकस, खुद को AI सर्विस सप्लायर के रूप में पेश करेगा भारत

India AI Mission: देश में AI कंप्यूट क्षमताएं अगले साल जून तक

कंपनियों के पैनल में शामिल होने की प्रक्रिया साल 2024 के आखिर तक पूरी होने की उम्मीद है।

Last Updated- October 24, 2024 | 10:43 PM IST
AI compute

केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी भारत एआई मिशन आखिरकार शुरू हो जाएगा और एआई कंप्यूट क्षमताएं वर्ष 2025 के मध्य तक उपलब्ध होने लगेंगी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने आज यह जानकारी दी। अगस्त में सरकार ने 10,372 करोड़ रुपये के भारत एआई मिशन के तहत क्लाउड पर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों का पैनल बनाने के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं। कंपनियों के पैनल में शामिल होने की प्रक्रिया साल 2024 के आखिर तक पूरी होने की उम्मीद है।

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने कहा, ‘निविदा जारी किए जाने के बाद हमने ऐसी विभिन्न कंपनियों के बारे में सुना है जो एआई कंप्यूट के बुनियादी ढांचे में निवेश करने की दिशा में काम कर रही हैं ताकि वे पैनल में शामिल हो सकें। हमें यह प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। इससे अगले करीब छह महीने में हम भारत में कंप्यूट की उपलब्धता देखेंगे।’ सिंह मुंबई में एनवीडिया एआई समिट में बोल रहे थे।

पैनल में शामिल एजेंसियों में डेटा केंद्र, स्टार्टअप और क्लाउड सेवा प्रदाता जैसे साइट और कंपनियां शामिल हैं। इन इकाइयों को शिक्षाविदों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं, सरकारी निकायों आदि को ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू), एक्सेलेरेटर, टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (टीपीयू), स्टोरेज जैसे हाई-स्पीड कंप्यूटिंग एआई बुनियादी ढांचे तक सबसे कम दर पर पहुंच प्रदान करनी होगी। इस दर का पता बोली प्रक्रिया से चलेगा।

इस बीच सिंह ने कहा कि एआई के बुनियादी ढांचे के मामले में देश को और ज्यादा निवेश कने की जरूरत है। उन्होंने कहा,‘बुनियादी ढांचा ऐसा क्षेत्र है जिसमें हमें और ज्यादा निवेश करने की आवश्यकता है। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए काम करने की आवश्यकता है कि प्रतिभाशाली इंजीनियरों के पास काम के लिए कंप्यूट का बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो और वे बड़ी आबादी की सामाजिक समस्याओं को हल करने वाले समाधान लेकर आएं।’

First Published - October 24, 2024 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट