फ्यूचर रिटेल लि. (एफआरएल) ने एक कर्ज के भुगतान में चूक के बाद दिवाला प्रक्रिया से बचने के लिए उच्चतम न्यायालय में अपील की है। इसके साथ ही एफआरएल के स्वतंत्र निदेशकों ने कंपनी को वित्तीय मदद की एमेजॉन की पेशकश को ठुकरा दिया है। ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने एफआरएल को निजी इक्विटी फर्म समारा कैपिटल के साथ एक सौदे के जरिये वित्तीय मदद की पेशकश की थी। एमेजॉन की यह पेशकश मुकेश अंबानी की रिलायंस की पेशकश के मुकाबले एक-तिहाई भी नहीं है।
भारत की दूसरी सबसे बड़ी खुदरा कंपनी बहु-ब्रांड खुदरा शृंखलाओं मसलन बिग बाजार, ईजीडे और हेरिटेज का परिचालन करती है। कंपनी दिसंबर अंत की निर्धारित तिथि तक ऋणदाताओं को 3,494.56 करोड़ रुपये का भुगतान करने में चूक कर गई है। कंपनी ने इस स्थिति से निपटने के लिए 30 दिन का समय मांगा है। पैसा जुटाने में विफल रहने के बाद कंपनी ने ऋणदाताओं द्वारा उसे चूककर्ता घोषित करने से बचने को शीर्ष न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। फ्यूचर ने अपनी याचिका में एमेजॉन के साथ विवाद का उल्लेख किया है जिसके चलते उसका रिलांयस के साथ 24,713 करोड़ रुपये का सौदा रुक गया है। फ्यूचर रिटेल लि. ने एमेजॉन की वित्तीय मदद की पेशकश को खारिज कर दिया है।
कंपनी के स्वतंत्र निदेशकों ने कहा है कि एमेजॉन की यह पेशकश सस्ते में एफआरएल की संपत्तियों को खरीदने का प्रयास मात्र है। एफआरएल के स्वतंत्र निदेशकों ने पिछले हफ्ते एमेजॉन से यह पूछा था कि क्या वह 29 जनवरी को देय 3,500 करोड़ रुपये के कर्ज भुगतान पर चूक रोकने के लिए दीर्घावधि का ऋण देने की इच्छुक है? इसके जवाब में एमेजॉन ने कहा था कि वह समारा कैपिटल के जरिये फ्यूचर रिटेल को वित्तीय मदद देने को तैयार है, लेकिन इसके लिए उसे रिलायंस के साथ 24,713 करोड़ रुपये के सौदे से हटना पड़ेगा। फ्यूचर रिटेल के स्वतंत्र निदेशकों ने कहा है कि अब स्पष्ट हो चुका है कि एमेजॉन की ओर से ये पत्र सिर्फ असमंजस पैदा करने के लिए लिखे गए हैं। स्वतंत्र निदेशकों ने कहा, ‘हम आपकी ओर से किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहे हैं। जब तक कानूनन मान्य और एफआरएल की पूंजी जरूरतों को पूरा करने का कोई वास्तविक समाधान नहीं आता है, किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जाएगा।’