facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

Hiring trend: डिग्री नहीं अब कंपनियों का हुनर पर अधिक जोर: लिंक्डइन सर्वे

Advertisement

Hiring trend: लिंक्डइन के अनुसार 78 प्रतिशत कंपनियां अब नए कर्मचारियों को रखने से पहले उनकी औपचारिक डिग्री से अधिक उनके हुनर को तवज्जो दे रही हैं।

Last Updated- June 12, 2025 | 7:40 AM IST
AI Hiring

Hiring trend: आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव का असर कंपनियों में भर्तियों के तौर-तरीकों पर भी दिखने लगा है। अब कंपनियां नए लोगों को अपने साथ जोड़ने से पहले उनकी डिग्री से अधिक उनके हुनर पर गौर कर रही हैं। पेशेवरों को एक दूसरे जोड़ने वाले प्लेटफॉर्म लिंक्डइन के अनुसार 78 प्रतिशत कंपनियां अब नए कर्मचारियों को रखने से पहले उनकी औपचारिक डिग्री से अधिक उनके हुनर को तवज्जो दे रही हैं।

लिंक्डइन के इस सर्वेक्षण में पाया गया है कि हुनर एवं कौशल को अधिक महत्त्व देने का यह चलन वैश्विक क्षमता केंद्रों (85 प्रतिशत) और आईटी कंपनियों (71 प्रतिशत) की अगुआई में हो रहा है। लिंक्डइन टैलेंट सॉल्यूशंस की प्रमुख (भारत) रुचि आनंद ने कहा, हम पिछले कुछ वर्षों से हुनर को अधिक महत्त्व देने पर चर्चा करते रहे हैं। अब इस रिपोर्ट में यह बात साफ दिखाई दे रही है कि औपचारिक शैक्षणिक योग्यताओं की तुलना में हुनर को अधिक महत्व दिया जा रहा है। हमने पाया है कि भारतीय कंपनियां इस मामले में सबसे आगे चल रही हैं। इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि 78 प्रतिशत कंपनियां सर्वप्रथम कौशल को प्राथमिकता देने की रणनीति के साथ काम कर रही हैं।

Also Read: 2025 में नौकरी की बहार: इस साल जॉब मार्केट में जबरदस्त हलचल, कंपनियां खोल रही हैं हायरिंग के दरवाजे

आनंद ने कहा कि इस बदलाव का एक कारण यह भी है कि परंपरागत भर्ती प्रक्रिया अब बदल गई है। उन्होंने कहा, पहले जब भर्तियां होती थीं तो सबसे पहले एमबीए डिग्री के साथ इंजीनियरिंग या स्नातकोत्तर डिग्री को प्राथमिकता दी जाती थी। मगर अब किसी उम्मीदवार में कोई खास हुनर है और वह इसे साबित कर सकता है तो उसे टीम में शामिल कर लिया जाता है। ऐसा इसलिए भी हो रहा है क्योंकि हमें एक अधिक प्रतिभावान लोगों की जरूरत महसूस हो रही है।

उन्होंने कहा कि जब कंपनियां हुनर को शीर्ष प्राथमिकता देती हैं तो प्रतिभावान लोगों की तादाद भारत में 9 गुना बढ़ जाती है। महिला उम्मीदवारों के मामले में तो इसमें 12 गुना बढ़ोतरी हो जाती है।

Also Read: भारतीय कंपनियों में बढ़ा स्किल आधारित हायरिंग का चलन, 80% नियोक्ता डिग्री से ज्यादा अनुभव को दे रहे तवज्जो

आनंद ने कहा कि इस नए चलन का एक और कारण करियर में होने वाले बदलाव हैं। उन्होंने कहा, हम लिंक्डइन प्लेटफॉर्म पर अक्सर देख रहे हैं कि पेशेवर अपना पेशा तेजी से बदल रहे हैं। वे शुरुआत किसी एक पेशे में करते हैं और फिर कोई दूसरे क्षेत्र में अपना हुनर दिखाने लगते हैं। संगठनों को भी इससे कोई गुरेज नहीं है क्योंकि उन्हें भी अधिक हुनरमंद लोगों की जरूरत है।

Advertisement
First Published - June 11, 2025 | 11:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement