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ब्रिटानिया का छोटे पैक पर रहेगा जोर

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Last Updated- December 14, 2022 | 10:23 PM IST

खपत घटने की आशंका के साथ बिस्कुट निर्माता ब्रिटानिया ने नई रणनीति पर अमल किया है। कंपनी ने 5 रुपये के पैक अन्य ब्रांडों में भी पेश करने की योजना बनाई है। ब्रिटानिया के प्रबंध निदेशक वरुण बेरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि कंपनी ने विभिन्न श्रेणियों में अगले कुछ महीनों में नई पेशकशों की तैयारी की है। इन श्रेणियों में बिस्कुट, क्रैकर्स और केक मुख्य रूप से शामिल हैं।
बेरी ने कहा, ‘हम अपने उत्पादों को लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रहे हैं।’ कंपनी ने हाल में 5 रुपये की कीमत में लेयर्ड केक और ब्रिटानिया के घरेलू ब्रांड विनकिन काउ के तहत 20 रुपये में दो फ्लेवर में लस्सी को पेश किया है। कंपनी ने 5 रुपये के फॉर्मेट में ट्रीट बस्ट्र्स को भी पेश किया है, जो प्रीमियम श्रेणी में आने वाला बिस्कुट है। उन्होंने कहा कि चूंकि उपभोक्ताओं ने बाहर जाना शुरू कर दिया है, इसलिए ये आकर्षक उत्पाद होंगे।
देश में बिस्कुट श्रेणी में सबसे बड़े सेगमेंट क्रैकर्स श्रेणी में तेजी से बदलाव के साथ कंपनी अपने प्रमुख 50-50 ब्रांड के तहत नए उत्पादों की पेशकश करेगी।
कोविड महामारी के बाद नवाचार की रफ्तार प्रभावित हुई थी, लेकिन अब इसमें तेजी देखी जा रही है। कंपनी के चॉकलेट और वनीला क्रोसैंट्स (जो शुरू में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पेश किए जा रहे हैं) एक तिमाही या उसके बाद देशव्यापी तौर पर पेश किए जाएंगे। ये क्रोसैंट महाराष्ट्र में कंपनी के रंजनगांव फूड पार्क में निर्मित किए जा रहे हैं।
क्रोसैंट और साल्टी स्नैक्स जैसे नए उत्पादों का मौजूदा समय में कंपनी के कुल राजस्व में 4 प्रतिशत का योगदान है जिसे उसे भविष्य में बढ़ाकर कम से कम 5 प्रतिशत करने की योजना बनाई है।
ग्रामीण इलाके कंपनी के लिए लगातार बड़े अवसर बने रहेंगे और वह दूरदराज के इलाकों में अपना वितरण तेजी से बढ़ा रही है। दरअसल, कंपनी के लिए ग्रामीण वितरकों की संख्या कोविड-पूर्व समय के दौरान 19,000 थी जो सितंबर में बढ़कर 22,000 हो गई है। बेरी ने कहा, ‘अगली तिमाही में घरेलू खपत पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। हम अवसरों वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारे लिए ग्रामीण क्षेत्र सबसे बड़ा अवसर बना हुआ है।’ हिन्दीभाषी एजेंडा कंपनी के लिए तेजी से मजबूत हो रहा है और उसकी सीएजीआर दर 2017-19 के 12-13 प्रतिशत से बढ़कर 2020-21 में इन राज्यों में 21-22 प्रतिशत हो गई। उत्तर प्रदेश ब्रिटानिया के लिए सबसे अच्छा प्रदर्शन वाला राज्य बना हुआ है।
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी ने तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और बिहार में चरणबद्घ तरीके से तीन नए संयंत्र लगाने की योजना बनाई है। कंपनी ने तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में नए संयंत्रों के लिए भूमि की पहचान भी कर ली है। इसके अलावा दो विस्तार योजनाएं भी चलाई जाएंगी। ब्रिटानिया अपने ओडिशा संयंत्र और रंजनगांव संयंत्र की क्षमता में इजाफा करेगी। बेरी ने कहा, ‘रंजनगांव में डेरी बैकएंड 2022-23 में वाणिज्यिक रूप से शुरू होने की संभावना है और इसके लिए कार्य शुरू हो चुका है।’

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First Published - October 21, 2020 | 12:08 AM IST

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