facebookmetapixel
Stocks to Watch: Jindal Poly से लेकर Vodafone और Adani Enterprises तक, नए साल पर इन स्टॉक्स में दिख सकता है एक्शनStock Market Today: गिफ्ट निफ्टी से पॉजिटिव संकेत, 2026 के पहले दिन कैसी रहेगी बाजार की चाल ?Gold-Silver Outlook: सोना और चांदी ने 2025 में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 2026 में आ सकती है और उछालYear Ender: 2025 में आईपीओ और SME फंडिंग ने तोड़े रिकॉर्ड, 103 कंपनियों ने जुटाए ₹1.75 लाख करोड़; QIP रहा नरम2025 में डेट म्युचुअल फंड्स की चुनिंदा कैटेगरी की मजबूत कमाई, मीडियम ड्यूरेशन फंड्स रहे सबसे आगेYear Ender 2025: सोने-चांदी में चमक मगर शेयर बाजार ने किया निराश, अब निवेशकों की नजर 2026 पर2025 में भारत आए कम विदेशी पर्यटक, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया वीजा-मुक्त नीतियों से आगे निकलेकहीं 2026 में अल-नीनो बिगाड़ न दे मॉनसून का मिजाज? खेती और आर्थिक वृद्धि पर असर की आशंकानए साल की पूर्व संध्या पर डिलिवरी कंपनियों ने बढ़ाए इंसेंटिव, गिग वर्कर्स की हड़ताल से बढ़ी हलचलबिज़नेस स्टैंडर्ड सीईओ सर्वेक्षण: कॉरपोरेट जगत को नए साल में दमदार वृद्धि की उम्मीद, भू-राजनीतिक जोखिम की चिंता

फिलहाल नई PLI योजनाओं पर विचार नहीं कर रही सरकार

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अधिकारियों को भी इस योजना के चौंकाने वाले बड़े परिणाम नहीं दिखाई दे रहे हैं।

Last Updated- October 11, 2023 | 10:44 PM IST
Finance Ministry

सरकार फिलहाल दूसरे क्षेत्रों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना शुरू करने के पक्ष में नहीं है। नई योजनाएं तभी आएंगी, जब सरकार को यकीन हो जाएगा कि पुरानी योजनाओं के वांछित परिणाम मिले हैं।

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि सरकार में उच्च पदस्थ अधिकारियों को PLI योजना पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली हैं। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अधिकारियों को भी इस योजना के चौंकाने वाले बड़े परिणाम नहीं दिखाई दे रहे हैं।

सूत्र ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘फिलहाल कोई नई PLI योजना पर विचार नहीं चल रहा है। सरकार में बैठे शीर्ष अधिकारियों के हिसाब से ये योजनाएं उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रही हैं, इसलिए आगे कुछ करना सही नहीं होगा। इस समय लगभग 14 PLI योजनाएं चल रही हैं, जिनमें कुछ ही अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन कर पा रही हैं।’

सरकार ने PLI योजना की घोषणा तीन वर्ष पहले की थी। देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए इन योजनाओं के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये तय किए गए थे। 14 PLI योजनाओं में केवल मोबाइल फोन, दवा, बल्क ड्रग, स्वास्थ्य उपकरण एवं खाद्य उत्पाद में ही ठोस प्रगति दिखी है। PLI योजना के मद में सबसे ज्यादा सब्सिडी भी इन्हीं खंडों को मिली है।

मगर सोलर पीवी, इस्पात, कपड़ा, वाहन आदि क्षेत्रों में इस योजना के असरदार नतीजे नहीं दिखे हैं और प्रदर्शन कमतर रहा है। सरकार फिलहाल यह समझने की कोशिश कर रही है कि इनमें से किसी योजना में सुधार की जरूरत तो नहीं है।

कई सरकारी विभागों ने नई PLI योजनाओं के प्रस्ताव दिए हैं मगर उन्हें अब तक केंद्रीय मंत्रिमंडल से अनुमति नहीं मिली है। उदाहरण के लिए उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने पिछले वित्त वर्ष के अंत में खिलौने एवं साइकल के पुर्जों के लिए 7,000 करोड़ रुपये की दो योजनाओं को अंतिम रूप दे दिया था। इनके लिए कैबिनेट प्रस्ताव जारी हुआ मगर उस पर अब तक मुहर नहीं लग पाई है।

इसी तरह विभिन्न सरकारी विभागों से शिपिंग कंटेनर, रसायन एवं पेट्रो-रसायन, चमड़ा एवं कुछ अन्य उत्पादों के लिए नई PLI योजना शुरू करने की दरख्वास्त की गई है। माना जा रहा था कि फरवरी में केंद्रीय बजट में करीब आधा दर्जन नई PLI योजनाएं शुरू की जाएंगी। मगर एक का भी ऐलान नहीं हुआ।

बहरहाल नई योजनाएं शुरू होने पर भी नई रकम की जरूर नहीं पड़ेगी। PLI के पहले चरण में ही करीब 11,848 करोड़ रुपये बचने का अनुमान है, जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है।

First Published - October 11, 2023 | 10:44 PM IST

संबंधित पोस्ट