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सोने में 13 फीसदी तेजी के आसार

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बोफा ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता की वजह से अमेरिकी डॉलर में नरमी आएगी

Last Updated- April 01, 2025 | 10:52 PM IST
Gold

बोफा सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती निवेश मांग की वजह से सोने का भाव अगले 18 महीने में 3500 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच सकता है। यह मौजूदा स्तर से करीब 13 फीसदी की तेजी है। बोफा ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता की वजह से अमेरिकी डॉलर में नरमी आएगी जिससे अल्पावधि में सोने की कीमतों को और बढ़ावा मिल सकता है। अमेरिका के दोहरे घाटे का व्यापक पुनर्संतुलन भी सोने में तेजी बढ़ा सकता है।

बोफा ने कहा है, ‘चीन का बीमा उद्योग अपनी परिसंपत्तियों का 1 प्रतिशत हिस्सा सोने में निवेश कर सकता है। यह सालाना स्वर्ण बाजार के करीब 6 फीसदी के बराबर है। केंद्रीय बैंकों के पास इस समय अपने भंडार का लगभग 10 प्रतिशत सोना है तथा वे अपने पोर्टफोलियो को अधिक मजबूत बनाने के लिए इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर सकते हैं। रिटेल निवेशक भी सोने में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि अमेरिका, यूरोप और एशिया में इस साल जनवरी से अब तक (वाईटीडी) पारंपरिक रूप से समर्थित ईटीएफ की एयूएम में सालाना आधार पर 4 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।’

बोफा सिक्योरिटीज ने कहा कि सोने की तेजी में प्रमुख जोखिमों में अमेरिकी राजकोषीय समेकन, भू-राजनीतिक तनाव में कमी तथा 2 अप्रैल को लगने वाले टैरिफ मुख्य रूप से शामिल हैं। इस बीच, सोने ने करीब 38 फीसदी तेजी के साथ वित्त वर्ष 2025 में चमक बरकरार रखी है। 2008 के बाद से यह इसका सबसे अच्छा वित्त वर्ष रहा क्योंकि निवेशकों ने वैश्विक घटनाक्रम, विशेष रूप से डॉनल्ड ट्रंप की टैरिफ-संबंधी धमकियों के कारण सुरक्षित परिसंपत्तियों की खरीद पर जोर दिया। बोफा ने इसे पहले सोने के लिए 3,000 डॉलर प्रति औंस की कीमतों का पूर्वानुमान दिया था जो हाल में पार हो गया।

इस साल सोने की कीमत औसतन 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंची तो इस दौरान उसकी निवेश मांग में सिर्फ 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बोफा सिक्योरिटीज ने कहा कि सोने की कीमत 3,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने के लिए इसमें 10 प्रतिशत की वृद्धि की जरूरत है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह वृद्धि (10 प्रतिशत) काफी अधिक है लेकिन असंभव नहीं है। बोफा ने कहा कि चीन के फाइनैंशियल सुपरविजन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएसए) ने बीमा फंडों के लिए गोल्ड स्पॉट अनुबंधों, गोल्ड स्पॉट डेफर्ड डिलिवरी अनुबंधों, शांघाई स्वर्ण केंद्रीकृत मूल्य निर्धारण अनुबंधों, गोल्ड प्राइस इनक्वायरी स्पॉट अनुबंध, गोल्ड प्राइस इनक्वायरी स्वैप अनुबंधों में निवेश के लिए एक पायलट कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। बोफा ने कहा, ‘घरेलू बीमा कंपनियों ने 4.4 लाख करोड़ डॉलर का निवेश किया है।’

विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के अनुसार सोने की कुल मांग दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 1 फीसदी बढ़कर नई त्रैमासिक ऊंचाई पर पहुंच गई और इसने 4,974 टन की कुल सालाना खरीदारी में बड़ा योगदान दिया।

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First Published - April 1, 2025 | 10:52 PM IST

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