facebookmetapixel
2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति हैसरकार की बड़ी कार्रवाई: 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइट ब्लॉकआंध्र प्रदेश बनेगा ग्रीन एनर्जी का ‘सऊदी अरब’, काकीनाडा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा अमोनिया कॉम्प्लेक्सBMC Election: भाजपा के सामने सब पस्त, तीन दशक बाद शिवसेना का गढ़ ढहा

8 भारतीय कंपनियां पहले से कर रहीं Tesla को सप्लाई

कई और आपूर्तिकर्ता भारत में टेस्ला के प्रवेश की राह देख रहे हैं

Last Updated- April 16, 2024 | 10:18 PM IST
Musk loses bid to dismiss ex-Twitter CEO Parag Agrawal's severance lawsuit Elon Musk को लगा बड़ा झटका, Twitter के पूर्व सीईओ Parag Agrawal का मुकदमा आगे बढ़ेगा

टेस्ला कारों में अब बड़ी संख्या में भारत में बने पुर्जों का इस्तेमाल किया जा रहा है। देश में संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लेने से काफी पहले ईलॉन मस्क द्वारा संचालित कंपनी के लिए भारत आयात का पसंदीदा देश था। ब्लूमबर्ग सप्लायर के आंकड़ों के अनुसार कम से कम आठ भारतीय आपूर्तिकर्ता पहले से ही अमेरिका इस इलेक्ट्रिक वाहन दिग्गज के साथ काम कर रहे हैं।

माना जाता है कि यह वैश्विक दिग्गज भारत से एक से दो अरब डॉलर मूल्य के वाहन पुर्जे ले रही है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले साल सितंबर में कहा था कि टेस्ला ने साल 2022 में भारत से लगभग एक अरब डॉलर के वाहन पुर्जे खरीदे और साल 2023 में पुर्जा खरीद दोगुनी करने की योजना है।

ब्लूमबर्ग सप्लायर की सूची के अनुसार कंपनी की पांच से छह वाहन पुर्जा आपूर्तिकर्ता हैं, जिनमें संवर्धन मदरसन इंटरनैशनल, सुप्रजीत इंजीनियरिंग, सोना बीएलडब्ल्यू, प्रिसिजन फोर्जिंग्स, वैरोक इंजीनियरिंग और बॉश लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (धातु और खनन के लिए), गुडलक इंडिया (इस्पात के लिए) और वैलिएंट कम्युनिकेशन (प्रौद्योगिकी हार्डवेयर के लिए) भी टेस्ला के वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं।

ऐसी अन्य आपूर्तिकर्ता भी हैं, जो ब्लूमबर्ग की सूची में शामिल नहीं हैं। इनमें वे समूह भी शामिल हैं, जिनके साथ टेस्ला भारत में अपने प्रवेश से पहले ही बातचीत कर रही है। हालांकि बिजनेस स्टैंडर्ड ने इन सभी कंपनियों से संपर्क किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक इनमें से किसी ने भी सवालों का जवाब नहीं दिया। टेस्ला को भेजे गए ईमेल का भी खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया।

ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के महानिदेशक विन्नी मेहता ने कहा ‘जो कोई भी आपूर्ति कर रहा है, उसके साथ नॉन-डिसक्लोजर समझौता है। एसीएमए के नजरिये से हम मौजूदा ओईएम की तरफ से देश में आने वाले किसी भी नए निवेश का स्वागत करते हैं। केंद्र सरकार अपनी नई नीति में स्थानीयकरण के संबंध में मार्गदर्शन कर रही है।’

जिन कंपनियों का उल्लेख किया गया है, उनमें से एक कंपनी के सूत्र ने कहा ‘भारत में आने वाला कोई भी ग्राहक सभी वाहन कंपनियों के आपूर्तिकर्ताओं के लिए अच्छी बात है। इसके अलावा और ज्यादा नौकरियां भी पैदा होंगी।’ हालांकि सूत्र ने यह खुलासा नहीं किया कि वे टेस्ला को आपूर्ति करते हैं या नहीं।

First Published - April 16, 2024 | 10:18 PM IST

संबंधित पोस्ट