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लेखक : शेखर गुप्ता

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

म​णिपुर में दुविधाग्रस्त नजर आ रही मोदी सरकार

‘भारत में शासन की दृ​ष्टि से सबसे चुनौतीपूर्ण राज्य कौन सा है?’ इस प्रश्न का उत्तर आसान है। भारत का नक्शा उठाकर दे​खिए आपको पता चल जाएगा कि जवाब है म​णिपुर। दो महीने से भी अधिक समय हो चुका है और इस सीमावर्ती राज्य में सशस्त्र समूहों और प्रतिद्वंद्वी भीड़ का शासन चल रहा है […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

फंस गए रे ओबामा

इस आलेख का शीर्षक किसी असावधानी में नहीं दिया गया है बल्कि यह 2010 में आई सुभाष कपूर की एक शानदार फिल्म का नाम है। अब तक आप समझ ही गए होंगे कि यहां संदर्भ अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना का है। यह आलोचना ठीक उसी […]

आज का अखबार, लेख

Manipur Violence: मणिपुर संकट को लेकर क्या हो प्रतिक्रिया ?

मणिपुर ऐसी अराजकता का शिकार हो गया जो देश के किसी अन्य हिस्से में दशकों से देखने को नहीं मिली है। अगर आप यह परखना चाहते हैं कि देश के सामने आज सबसे बड़ा तात्कालिक आंतरिक या बाहरी सुरक्षा खतरा क्या है तो कृपया उसकी तलाश टेलीविजन समाचार चैनलों पर न कीजिए। क्योंकि तब आप […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: पुराने कुलीनों की जगह लेतीं नई प्रतिभाएं

भारत का पुराना कुलीन वर्ग अपना दबदबा गंवा चुका है। आज भारत का कारवां उन लाखों भारतीयों की बदौलत आगे बढ़ रहा है जिन्हें हमारे गिनेचुने कुलीन संस्थानों द्वारा तैयार नहीं किया गया। सर आइवन मेनेजेस (1959-2023) जिनका हाल ही में निधन हुआ है, वह एक शानदार व्यक्ति थे। बहुत संभव है कि मेरी उनसे […]

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राष्ट्र की बात: कश्मीर मामले में पूरा हो अधूरा काम

भारत ने कश्मीर को लेकर अनुकूल ​स्थितियां बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है। परंतु अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने की चौथी वर्षगांठ करीब है और अभी भी जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस लौटाना शेष है। समाचारों की प्रकृति ही कुछ ऐसी है कि श्रीनगर में आयोजित जी20 कार्यक्रम (पर्यटन पर तीसरा […]

आज का अखबार, लेख

हमें मणिपुर की वाकई नहीं है परवाह

क्या एक राष्ट्र के रूप में हम अपने सुदूर पूर्वी राज्य मणिपुर की परवाह करते हैं? मणिपुर इस समय ऐसे संकट से गुजर रहा है जिसका सामना 1983-93 के दशक में पंजाब में हिंदू-सिख संबंधों में आई दरार और कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ हिंसा एवं उनके पलायन के बाद किसी भारतीय राज्य […]

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लोकतंत्र बनाम पाकिस्तान

आप इमरान खान के साथ हैं या उनके खिलाफ? इस सवाल को दो तरीकों से पूछा जा सकता है। पहला, अगर आज पाकिस्तान में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो इमरान खान जीतेंगे या नहीं? दूसरा, अगर वह जीतते हैं तो यह पाकिस्तान के लिए अच्छा होगा या बहुत बुरा? पहले सवाल का जवाब है कि […]

आज का अखबार, लेख

नई बहुपक्षीय व्यवस्था की हैं अपनी
मु​श्किलें

गोवा में आयोजित शांघाई सहयोग संगठन (SCO) की विदेशमंत्री स्तर की वार्ता में रस्मी तस्वीरें ​खिंचवाने के मौके तो नजर आए ही, साथ ही बंद कमरों में हुई बातचीत में शायद कुछ मानीखेज नतीजे भी निकले हों। यह इस बात पर सोचने का भी अवसर है कि कैसे ऐसे बहुपक्षीय संस्थानों की तादाद बढ़ रही […]

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चीन-पाक चुनौती के बीच भारत की सामरिक ​स्थिति

शांघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक अच्छा अवसर है जब हम इस बात पर नजर डाल सकते हैं कि रणनीतिक हालात किस प्रकार बदले हैं। बीते 10 वर्षों में भारत की ताकत बढ़ी है लेकिन वह चीन और पाकिस्तान के बीच में भी फंसा हुआ है। यदि शांघाई सहयोग संगठन (SCO) की ताजा मंत्रिस्तरीय बैठक […]

आज का अखबार, लेख

अतीक, अंसारी और नरोडा मामलों के सबक

दो पड़ोसी राज्यों में जनसंहार के पुराने मामलों में अदालतों के दो फैसलों में आरोपितों को बरी कर दिया गया। पहले मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय ने 29 मार्च को मई 2008 में जयपुर में हुए सिलसिलेवार धमाकों के मामले में चार मु​स्लिमों की दोषसिदि्ध और गंभीर सजा को खत्म किया। दूसरे मामले में पिछले […]

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