facebookmetapixel
Advertisement
New tax regime vs ELSS: क्या अब भी टैक्स सेविंग फंड में निवेश करना चाहिए?IDFC First Bank की खास सुविधा: अब FD पर मिलेगा क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर 5% तक कैशबैक!HDFC Flexi Cap Fund ₹1 लाख करोड़ AUM पार करने वाला देश का तीसरा फंड, ₹1,000 की SIP ने बनाया करोड़पतिExplainer: 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर कर्मचारियों की पेंशन 8वें वेतन आयोग के तहत नहीं बढ़ेगी?Lead-to-Buy home Cycle Shrink: अब मकान खरीदने में कम समय ले रहे हैं खरीदारएक साल में 50% टूट गया ये शेयर, ब्रोकरेज की चेतावनी – अभी और आ सकती है गिरावटAI Impact Summit: विदेशी मेहमानों के लिए ‘UPI One World’ लॉन्च, बिना बैंक खाते के कर सकेंगे पेमेंटHoli Special Train: त्योहार से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा, दिल्ली से बिहार के लिए दौड़ेंगी स्पेशल ट्रेनेंAI की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए ठोस प्रतिबद्धता जरूरी: नागेश्वरनसाउथ दिल्ली में लग्जरी फ्लोर की कीमतों में बंपर उछाल, 2025 में 34% तक बढ़े दाम: रिपोर्ट

लेखक : शेखर गुप्ता

आज का अखबार, लेख

लोकतंत्र बनाम पाकिस्तान

आप इमरान खान के साथ हैं या उनके खिलाफ? इस सवाल को दो तरीकों से पूछा जा सकता है। पहला, अगर आज पाकिस्तान में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं तो इमरान खान जीतेंगे या नहीं? दूसरा, अगर वह जीतते हैं तो यह पाकिस्तान के लिए अच्छा होगा या बहुत बुरा? पहले सवाल का जवाब है कि […]

आज का अखबार, लेख

नई बहुपक्षीय व्यवस्था की हैं अपनी
मु​श्किलें

गोवा में आयोजित शांघाई सहयोग संगठन (SCO) की विदेशमंत्री स्तर की वार्ता में रस्मी तस्वीरें ​खिंचवाने के मौके तो नजर आए ही, साथ ही बंद कमरों में हुई बातचीत में शायद कुछ मानीखेज नतीजे भी निकले हों। यह इस बात पर सोचने का भी अवसर है कि कैसे ऐसे बहुपक्षीय संस्थानों की तादाद बढ़ रही […]

आज का अखबार, लेख

चीन-पाक चुनौती के बीच भारत की सामरिक ​स्थिति

शांघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक अच्छा अवसर है जब हम इस बात पर नजर डाल सकते हैं कि रणनीतिक हालात किस प्रकार बदले हैं। बीते 10 वर्षों में भारत की ताकत बढ़ी है लेकिन वह चीन और पाकिस्तान के बीच में भी फंसा हुआ है। यदि शांघाई सहयोग संगठन (SCO) की ताजा मंत्रिस्तरीय बैठक […]

आज का अखबार, लेख

अतीक, अंसारी और नरोडा मामलों के सबक

दो पड़ोसी राज्यों में जनसंहार के पुराने मामलों में अदालतों के दो फैसलों में आरोपितों को बरी कर दिया गया। पहले मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय ने 29 मार्च को मई 2008 में जयपुर में हुए सिलसिलेवार धमाकों के मामले में चार मु​स्लिमों की दोषसिदि्ध और गंभीर सजा को खत्म किया। दूसरे मामले में पिछले […]

आज का अखबार, लेख

विपक्षी एकता की राह और कड़वी हकीकत

जब भी बहुमत प्राप्त कोई सरकार सत्ता पर पूरी दृढ़ता से काबिज हो और किसी एक नेता द्वारा उसे हरा पाने का विचार मु​श्किल नजर आ रहा हो तो ‘विपक्षी एकता’ का विचार वापस आ जाता है। हमें यह समझना होगा कि आ​खिर क्यों यह एक फर्जी, हार का मुंह देखने वाला और बार-बार विफल […]

आज का अखबार, लेख

भाजपा की चार दशक की विकास यात्रा

भाजपा के जन्मदिन को पार्टी के व​रिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी उसका पुनर्जन्म दिन कहना पसंद करते हैं क्योंकि उसका जन्म सन 1980 में ईस्टर के सप्ताहांत पर हुआ था। उसके 43वें जन्मदिन के अवसर पर काफी कुछ लिखा गया। इस बीच पार्टी की दूसरी बार बनी सरकार अपने कार्यकाल के आ​खिरी वर्ष में प्रवेश कर […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात शेखर गुप्ता : सुधारात्मक से दंडात्मक हो रही न्यायपालिका

पिछले दिनों न्यायालयों के दो विरोधाभासी निर्णय आए जिन्होंने एक असहज करने वाला प्रश्न उठाया: क्या निचली अदालत से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक हमारी न्यायपालिका सुधारवादी संस्था से दंड देने वाली संस्था में बदल रही है। यहां बहस के लिए एक ​स्थिति प्रस्तुत है: बीते 15 वर्षों के दौरान हमारी न्यायपालिका यानी निचली अदालतों से […]

आज का अखबार, लेख

सिखों की नाराजगी की चार प्रमुख वजह

पंजाब में आज के माहौल और 1980 के दशक में संकट की शुरुआत के समय के माहौल में दो समानताएं हैं। पहली समानता अच्छी है। अगर आप पंजाब में यूं ही घूमते हुए अनजान सिखों से पूछें कि क्या वह भारत से अलग खालिस्तान नामक देश चाहते हैं तो ज्यादा संभावना यही है कि ज्यादातर […]

आज का अखबार, लेख

सांठगांठ के दौर में भी वै​श्विक ब्रांड का अभाव

अदाणी विवाद ने हमारा ध्यान देश की राजनीतिक अर्थव्यवस्था के कई संबद्ध पहलुओं की ओर खींचा है। इनमें से पहला सबसे अहम और तात्कालिक है: विपक्ष का सांठगांठ का आरोप। जब हम इसके विस्तार में जाते हैं तो यह एक विस्तृत थीम बन जाती है जिसमें कारोबारी जगत की शीर्ष चार या पांच कंपनियां शामिल […]

आज का अखबार, लेख

दोस्तों और दुश्मनों की पहेली में उलझा भारत

आज विश्व में भारत के साझेदार, मित्र या शत्रु अथवा प्रतिद्वंद्वी कौन हैं? चीन और पाकिस्तान तो जाहिर प्रतिद्वंद्वी हैं लेकिन मित्रों या साझेदारों की तलाश करना मुश्किल है। इसके बाद हम प्रतिद्वंद्वियों के मित्रों या मित्रों के प्रतिस्पर्धियों को लेकर वाकई उलझन में पड़ जाते हैं। यह स्थिति तब अधिक बनती है जब हमारा […]

1 12 13 14 15 16
Advertisement
Advertisement