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लेखक : शेखर गुप्ता

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: दल बदलने के लिए क्यों उतारू हैं राजनेता

हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में राज्य सभा चुनावों में हुई क्रॉस-वोटिंग और दलबदल के घटनाक्रम ने कई महत्त्वपूर्ण सियासी सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे कि नेताओं को पार्टी के प्रति वफादार रहने या उसे छोड़ने का मुख्य प्रेरणास्रोत क्या है? किन वजहों से कुछ दल एक साथ रहते हैं जबकि कुछ विभाजित […]

आज का अखबार, लेख

मोदी के तीसरे कार्यकाल के लिए कुछ काम

इन दिनों सबसे अधिक पूछा जाने वाला सवाल यही है कि आम चुनाव कौन जीत रहा है और कितने अंतर से जीत रहा है। फिलहाल अगर हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों पर यकीन कर लें तो हम उन्हें 10 बिंदुओं वाली एक सूची दे सकते हैं। यह ऐसे कामों की सूची है जो हमारी […]

आज का अखबार, लेख

पाकिस्तान में चुनाव और सेना का दखल

पाकिस्तान में आम चुनाव के नतीजे आने के सप्ताह भर बाद भी हम यह नहीं कह सकते हैं कि किसकी जीत या हार हुई है। हम यह भी नहीं कह सकते हैं कि सरकार किसकी बनेगी-जीतने वालों की या हारने वालों की या फिर जीतने वालों तथा कुछ हारने वालों अथवा सभी हारने वालों की […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: दूरगामी प्रभाव वाली तीन राजनीतिक भूलें

संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमें सात दशक पीछे ले गए और उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार की उन गलतियों को याद किया जो उसने आजाद भारत के इतिहास में की थीं। इससे एक और प्रश्न उत्पन्न होता है: आजाद भारत […]

आज का अखबार, लेख

भाजपा और संघ के वैचारिक साहित्य को पढ़ना आवश्यक

सुर्खियों और साजिशों से भरे इस राजनीतिक माहौल में जोखिम यह है कि हम कहीं तीन अहम बिंदुओं की अनदेखी न कर बैठें, इसलिए सिलसिलेवार ढंग से शुरुआत करते हैं। पहला, जिस दिन अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी उस दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई प्रमुख नेताओं ने ‘रघुपति […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: भारतीय गणराज्य और उसकी सही दिशा

इसमें दो राय नहीं है कि 22 जनवरी की तारीख आगामी दिनों में भारत के राष्ट्रीय कैलेंडर में सबसे महत्त्वपूर्ण तारीखों में से एक होने वाली है। दुनिया के सबसे पुराने धर्म के लिए एक बड़े नए त्योहार का आविष्कार हुआ है और यह नरेंद्र मोदी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि कुछ राजनीतिक […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: राजनीतिक इस्लाम के दो अलग-अलग पहलू

एक पल के लिए अपनी नजरें गाजा में मची तबाही, लाल सागर में मची उथल पुथल और ईरान-पाकिस्तान के बीच हो रही आपसी बमबारी और उसके बाद अविश्वसनीय भाईचारे की घटनाओं पर से हटा लीजिए। गहरी सांस लीजिए और दिन की सुर्खियों से नजर हटाइए। आपके नजरिये के मुताबिक आपको यह नजर आएगा कि वैश्विक […]

आज का अखबार, लेख

मंदिर रूपी परीक्षा में कांग्रेस की विफलता

करीब चार दशकों से एक प्रेत कांग्रेस का पीछा कर रहा है और इस दौरान पार्टी लोकसभा में 414 सीट से घटकर 52 सीट पर आ चुकी है। हालांकि यह आंकड़ा 2014 में उसे मिली 44 सीट से अधिक है। राम मंदिर के निर्माण ने पार्टी को यह अवसर दिया था कि वह इससे पीछा […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: मोदी से मुकाबले का यह नहीं सही तरीका

PM Modi: सबसे पहले उन लोगों को गिनते हैं जिन पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस अदाणी मामले में सर्वोच्च न्यायालय में अपनी विफलता के लिए आम तौर पर संदेह कर रही होगी। परंतु विपक्ष तब तक विफल होता रहेगा जब तक वह इस सबसे महत्वपूर्ण सवाल का जवाब नहीं ढूंढ लेता कि मोदी सरकार के खिलाफ […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: डीडीए का एकाधिकार और बाजार का बदला

देश की राजनीतिक अर्थव्यवस्था के विकास को समझने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) का उदाहरण बहुत जानकारीपरक है। यह हमें बताता है कि क्या बदलाव हुआ है और क्या नहीं। यह बदलाव अच्छे के लिए है या बुरे के लिए। सन 1957 में अपनी स्थापना के बाद से काफी समय तक डीडीए सर्वशक्तिमान रहा। […]

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