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दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार धीमी, PMI घटकर 55.0 पर आया

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HSBC मैन्युफैक्चरिंग PMI नवंबर के 56.6 से घटकर 55.0 पर आया, कंपोजिट फ्लैश PMI भी फिसलकर 58.9 पर

Last Updated- January 02, 2026 | 11:23 AM IST
Manufacturing PMI

December Manufacturing PMI: भारत की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में दिसंबर में भी विस्तार जारी रहा। लेकिन इसकी रफ्तार कुछ धीमी हो गई। एचएसबीसी मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (Manufacturing PMI) नवंबर के 56.6 से घटकर दिसंबर में 55.0 पर आ गया। यह जानकारी एसएंडपी ग्लोबल की तरफ से जुटाए गए आंकड़ों में सामने आई है।

हालांकि, कुल मिलाकर वृद्धि मजबूत बनी रही। इंडेक्स मजबूत स्तर 50 से काफी ऊपर रहा। पीएमआई का 50 से ऊपर होना आर्थिक विस्तार को दर्शाता है। जबकि 50 से नीचे का स्तर मैन्युफैक्चरिंग या निर्माण क्षेत्र में कंसोलिडेशन को दिखाता है। 50 का स्तर किसी बदलाव न होने का संकेत देता है।

एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पोलियाना डी लीमा ने कहा, ”भले ही विकास की गति कुछ कमजोर पड़ी हो, लेकिन भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 2025 का साल अच्छी स्थिति में खत्म कर रहा है। नए ऑर्डर्स में तेज बढ़ोतरी से कंपनियां आने वाली तिमाही में व्यस्त रहेंगी और महंगाई का दबाव सीमित रहने से मांग को सहारा मिलता रह सकता है।”

फ्लैश PMI दिसंबर में घटकर 58.9

एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट आउटपुट इंडेक्स दिसंबर में 59.7 से घटकर 58.9 रह गया। यह फरवरी के बाद सबसे धीमी वृद्धि दर है। यह इंडेक्स जो मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के संयुक्त प्रदर्शन को मापता है।

सीजनल पैमाने पर समायोजित यह इंडेक्स दोनों सेक्टरों के संयुक्त उत्पादन में हर महीने के बदलाव को दर्शाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों क्षेत्रों में कारोबार की रफ्तार सुस्त रही। इससे कुल विस्तार की गति धीमी पड़ी।

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First Published - January 2, 2026 | 11:15 AM IST

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