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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: मजबूत बैंकिंग जरूरी

तकरीबन एक दशक तक फंसे कर्ज यानी गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में इजाफा होने तथा जोखिम आंकने, खासकर कॉर्पोरेट ऋण के जोखिम के अंकन में शिथिलता के बाद अब देश का बैंकिंग क्षेत्र अच्छी स्थिति में नजर आ रहा है। उसका मुनाफा बढ़ रहा है और निवेशकों का विश्वास नए सिरे से बहाल हो रहा […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: वैश्विक व्यापार और आशावाद

संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) की वैश्विक व्यापार रिपोर्ट का मार्च संस्करण पिछले सप्ताह जारी किया गया। उसमें अनुमान जताया गया कि वर्ष 2023 में जहां वैश्विक व्यापार में एक लाख करोड़ डॉलर की कमी आई , वहीं यह भी कहा गया कि 2024 में यह रुझान बदल जाएगा। अंकटाड ने इस दावे […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: गलत सूचनाओं पर रोक

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को उस अधिसूचना पर रोक लगा दी जिसके तहत पत्र सूचना ब्यूरो के अधीन एक फैक्ट चेकिंग यूनिट (तथ्यों की जांच करने वाली इकाई) की स्थापना की जानी थी। न्यायालय ने कहा कि इस पर तब तक रोक रहेगी जब तक बंबई उच्च न्यायालय सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधनों को चुनौती […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: मौद्रिक नीति का मार्ग और शेयर बाजारों में तेजी

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने अपनी दो दिवसीय बैठक के बाद यह संकेत देकर शेयर बाजारों में तेजी ला दी कि वह इस वर्ष नीतिगत ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की कटौती के मार्ग पर बनी रहेगी। इस वर्ष मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान में इजाफे के बावजूद ऐसा किया जा […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: एजेंडे से गायब प्रदूषण, भारत दुनिया का तीसरा सबसे प्रदूषित देश

भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में गौरवान्वित होता रहा है लेकिन दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक होने की छवि उस पर कहीं अधिक भारी पड़ रही है। स्विस संगठन आईक्यूएयर द्वारा विश्व स्तर पर हवा की गुणवत्ता को लेकर जो रिपोर्ट जारी की […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: MSME में निर्यात का अवसर और विकास का इंजन

सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रम (एमएसएमई) क्षेत्र में यह संभावना है कि वह निर्यात को बढ़ावा देकर तथा देश की आर्थिक गतिविधियों में योगदान करके देश के विकास के इंजन की भूमिका निभा सके। बहरहाल देश के निर्यात में इसकी हिस्सेदारी कम हो रही है और यह वित्त वर्ष 20 के 49.77 फीसदी से कम […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: EV आयात नीति की चुनौतियां

देश के वाहन उद्योग के लिए एक अहम नई नीतिगत दिशा तय करते हुए सरकार ने यह घोषणा की है कि अगर इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) निर्माता भारत में अपने विनिर्माण को लेकर सरकार के समक्ष कुछ प्रतिबद्धता जताते हैं तो उन्हें आयात कर में राहत प्रदान की जा सकती है। खासतौर पर भारत में उन […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: आचार संहिता की चुनौती

एक महीने से कुछ अधिक समय के भीतर देश में दूसरे सबसे लंबे आम चुनावों का सिलसिला आरंभ हो जाएगा। यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में लोकतंत्र का बड़ा उत्सव होगा। भारत जैसे विशाल भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता वाले देश के लिए इस पंचवर्षीय आयोजन का पैमाना कभी कम नहीं था। 2024 के […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: RBI की लोकपाल योजना और वित्तीय जागरूकता की जरूरत

भारतीय रिजर्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना अपनी शुरुआत से ही उपभोक्ताओं के संरक्षण और विनियमित संस्थाओं को सुरक्षित कार्य व्यवहार अपनाने तथा उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। बैंकों, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, भुगतान प्रणाली के प्रतिभागियों और ऋण सूचना कंपनियों जैसी विनियमित संस्थाओं के विरुद्ध […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: एक देश, एक चुनाव

पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति, जिसकी स्थापना सरकार के तीनों स्तरों पर एक साथ चुनाव की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए की गई थी, उसने सर्वसम्मति से इस विचार का समर्थन किया है और गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजी गई रिपोर्ट में इसकी अनुशंसा की है। […]

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