Editorial: महामारी के बाद असमानता में आई कमी, परंतु राज्यवार अंतर बना बड़ी चुनौती
अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाले और विषय के विद्वानों के बीच महामारी के बाद एक नजरिया खासतौर पर देखने को मिला है और वह यह है कि बीते वर्षों में देश में असमानता बढ़ी है। हाल के वर्षों के कई अध्ययन और रिपोर्ट इस बात पर जोर देते हैं। बहरहाल, पारिवारिक खपत व्यय सर्वेक्षण (एचसीईएस) […]
संपादकीय: भारत में कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की आयु से जुड़ी बहस
भारत में कार्यस्थलों पर कामगारों की आयु को लेकर समस्या देखने को मिल रही है। भर्ती एजेंसी रैंडस्टैड द्वारा करीब 1,000 प्रतिभागियों पर किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक उनमें से 40 फीसदी को कार्यस्थल पर उम्र से संबंधित भेदभाव का सामना करना पड़ा या वे ऐसी घटनाओं के साक्षी बने। 55 वर्ष से कम आयु […]
संपादकीय: नैसर्गिक राजनीतिक व्यवस्था
भारतीय जनता पार्टी (BJP) लोक सभा चुनावों में बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई है और इस बात ने अधिकांश राजनीतिक विश्लेषकों को आश्चर्यचकित किया है। खासतौर पर इसलिए कि किसी भी एक्जिट पोल या ओपिनियन पोल में ऐसी संभावना नहीं जताई गई थी। हालांकि राज्यों के राजनीतिक हालात के आधार पर चुनाव नतीजों […]
संपादकीय: पिछले लोक सभा चुनावों से कांग्रेस ने लिए सबक, पहली बार 400 से कम सीटों पर लड़ी चुनाव
वर्ष 2014 और 2019 के आम चुनाव में ऐतिहासिक गिरावट के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस पार्टी ने अपनी नाकामियों से सबक लिया और अब संसद में उसके सदस्यों की संख्या तकरीबन दोगुनी हो गई है। पार्टी ने ऐसे गठबंधन बना लिए जिसने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दबदबे को खत्म किया। इसमें […]
संपादकीय: लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद गठबंधन का दौर वापस
लोकसभा चुनाव के नतीजों ने ज्यादातर एक्जिट पोल को गलत साबित किया और साफ तौर पर दिखा दिया कि भारत में चुनाव पहले की तरह कड़े मुकाबले वाले बने हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी 240 सीट पर आगे है या जीत चुकी है। यानी वह अकेले दम पर बहुमत के आंकड़े से दूर है। हालांकि, […]
संपादकीय: जलवायु परिवर्तन की चुनौती
मौसम के उतार-चढ़ाव की बढ़ती घटनाएं और देश के अधिकांश भागों में लू के थपेड़े हमें यह याद दिला रहे हैं कि जलवायु कितनी तेजी से बदल रही है और भारत जैसे देश पर इसका क्या असर हो सकता है। भारत अपने ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए निवेश कर रहा […]
संपादकीय: नई सरकार के लिए अवसर और चुनौतियां…
इस महीने कार्यभार संभालने जा रही नई सरकार आर्थिक मोर्चे पर अपने को बहुत ज्यादा सहज स्थिति में पाएगी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा पिछले हफ्ते जारी आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 8.2 फीसदी की बढ़त […]
संपादकीय: इजरायल को कमजोर पड़ता समर्थन
सात महीने पहले शुरू हुई इजरायल-हमास जंग (Israel-Hamas war) अब गतिरोध के स्तर पर पहुंच गई है। वैसे तो दोनों में से कोई भी पक्ष अपने उद्देश्य के करीब भी नहीं पहुंचा है, लेकिन इजरायल की विफलताएं उसके पास मौजूद असंगत सैन्य शक्ति की वजह से काफी बढ़ गई हैं। इजरायली सेना ने गाजा को […]
संपादकीय: वित्तीय मजबूती से रेटिंग में होगा सुधार
आम चुनाव की मतगणना, जो अगली सरकार का राजनीतिक स्वरूप तय करेगी, से कुछ ही दिन पहले एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बुधवार को भारत के बारे में अपने नजरिये को ‘स्थिर’ से बढ़ाकर ‘पॉजिटिव’ कर दिया। यह दुनिया की शीर्ष रेटिंग एजेंसियों में से एक है और इसने भारत के बारे में 2014 से अब […]
संपादकीय: राजनीतिक दलों में पारदर्शिता हो प्राथमिकता
अठारहवीं लोक सभा के लिए मतदान इस हफ्ते खत्म हो जाएगा और नतीजे 4 जून को आएंगे। इसके बाद केंद्र में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। अगली सरकार किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन की क्यों न हो, उसे तत्काल अपना काम शुरू करना होगा और नीतिगत तथा प्रशासन संबंधी चुनौतियों […]








