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लेखक : अजय श्रीवास्तव

आज का अखबार, लेख

कम उम्मीदें, गहरी मतभेद: डब्ल्यूटीओ सम्मेलन से निरंतरता की ओर संकेत

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी14) के लिए 166 देशों के व्यापार मंत्री 26 से 29 मार्च तक कैमरून के याउंडे में मिल रहे हैं। यह सम्मेलन वैश्विक व्यापार नियमों के लिए प्राथमिकता तय करने और उन पर बातचीत करने के लिए संगठन का सर्वोच्च मंच है। वैश्विक व्यापार के 98 फीसदी […]

आज का अखबार, लेख

भारत को रूसी तेल की जरूरत क्यों है? ऊर्जा सुरक्षा ने अमेरिकी दबाव को पीछे रखा

देश की तेल सुरक्षा बहुत तेजी से कमजोर पड़ रही है। देश के कच्चे तेल आयात का 80 फीसदी से अधिक हिस्सा पश्चिम एशिया और रूस से आता है। ये दोनों ही क्षेत्र इस समय भूराजनीतिक तनाव के शिकार हैं। इस माहौल में रूसी तेल की पूर्ण खरीद शुरू होना केवल वैकल्पिक चयन नहीं बल्कि […]

आज का अखबार, लेख

भारत-अमेरिका समझौते में क्यों हो रही देरी? जानिए अड़चनें और वजहें

भारत और अमेरिका दोनों ने अन्य देशों के साथ शीघ्र समझौतों पर हस्ताक्षर किए लेकिन वे आपस में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर क्यों नहीं कर सके? बीते चार साल में भारत ने आठ व्यापार समझौते किए हैं। ये समझौते मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन, ब्रिटेन और हिंद प्रशांत […]

आज का अखबार, लेख

भारत के वस्त्र उद्योग को मिली नई रफ्तार, अब वैश्विक बाजार में दौड़ने को तैयार

वस्त्र और परिधान के क्षेत्र में भारत की लंबी गिरावट का कारण कोई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति या कमजोर कारखाने नहीं थे, बल्कि खराब नीतियां थीं। कई वर्षों तक अपने ही सिंथेटिक उद्योग को नुकसान पहुंचाने के बाद, आखिरकार देश उन बाधाओं को दूर कर रहा है जिन्होंने इसे पीछे रखा था। नीति में सुधार शुरू हो […]

आज का अखबार, लेख

डबल-सर्टिफिकेशन के जाल में उलझा स्टील सेक्टर, QCO नियम छोटे कारोबारियों के लिए बना बड़ी चुनौती

गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओ) का लक्ष्य था उत्पाद गुणवत्ता का संरक्षण करना लेकिन अब भारतीय बाजार में वे प्रतिस्पर्धा के साथ छेड़खानी कर रहे हैं। पहले कोई भी व्यक्ति आयात शुल्क चुकाकर या लाइसेंस हासिल करके वस्तुओं का आयात कर सकता था लेकिन अब भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) यह तय करता है कि कौन आयात […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप की ‘मसाला’ रणनीति — व्यापार समझौतों में भारत के सामने मुश्किल विकल्प

भारत सरकार और उद्योग पिछले कुछ दिनों से अमेरिका से टैरिफ या शुल्क में राहत के लिए 9 जुलाई की समय-सीमा का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। कई लोगों को भारत और अमेरिका के बीच आखिरी समय में व्यापार समझौते की उम्मीद थी, लेकिन ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई। इसके बजाय अमेरिका ने यह […]

आज का अखबार, लेख

खाद्य शुल्क में कटौती: अमेरिकी बाजार तक पहुंच के लिए जोखिम भरा दांव

नीति आयोग द्वारा हाल ही में पेश एक प्रपत्र में अमेरिका से होने वाले कृषि आयात में शुल्क कटौती की अनुशंसा की गई है। इन उत्पादों में चावल, डेरी, पोल्ट्री, मक्का, सेब, बादाम और जीन संवर्द्धित सोया तक शामिल हैं। यह कटौती भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के तहत करने करने का प्रस्ताव है। ये प्रस्ताव […]

आज का अखबार, लेख

FTA: भारत के लिए रुकने का समय

भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच 6  मई को घोषित किया गया व्यापार समझौता लंबे समय से चली आ रही कई सीमाओं का अतिक्रमण करता है। पहली बार किसी मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए में भारत ने कार आयात शुल्क कम करने,  अपने व्यापक सरकारी खरीद बाजार को विदेशी मुल्क के लिए खोलने, और बाहरी […]

आज का अखबार, लेख

अमेरिका संग भारत के कारोबारी हितों का बचाव

गत 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच इस बात पर सहमति बनी कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को लेकर चर्चा की जाए। बीटीए अलग नाम का होने के बावजूद मूलत: एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) ही है। यह जापान के साथ किए गए भारत के व्यापक आर्थिक साझेदारी […]

आज का अखबार, लेख

‘ट्रंप टैरिफ’ के बीच कस्टम ड्यूटी में बदलाव

सीमा शुल्क देश में हो रहे आयात पर लगने वाला कर है। भारत में 2023-24 में 678.2 अरब डॉलर का आयात किया गया था और उसमें से ज्यादातर पर यह शुल्क लगा था। इसी महीने पेश किए गए बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, कपड़ा और स्वास्थ्य सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में लग रहे सीमा शुल्क में […]

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