प्रमुख सूचीबद्ध रियल एस्टेट डेवलपरों का मानना है कि वे वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में प्री-सेल्स यानी बुकिंग और कमाई के मामले में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। उन्हें त्योहारी सीजन की मांग, खरीदारों के मजबूत रुझान, लगातार लॉन्च, प्रीमियम बिक्री और मजबूत संग्रह से मदद मिलेगी।
इक्विरस कैपिटल के प्रबंध निदेशक और सेक्टर लीड (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विजय अग्रवाल ने कहा, ‘प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपरों की कमाई स्थिर रहने और धीरे-धीरे बेहतर होने की उम्मीद है, जिसे मुख्य बाजारों में बढ़ती निर्माण गतिविधियों से सहारा मिलेगा। इससे ज्यादा राजस्व हासिल होने की संभावना है। इससे समय के साथ मजबूत कलेक्शन, बेहतर परिचालन नकद प्रवाह और ऋण स्तर में कमी आने की संभावना है।’
जहां समूची आवासीय बिक्री लगभग सभी प्रमुख शहरों में नरम पड़ी है, वहीं सूचीबद्ध डेवलपरों द्वारा ब्रांड ताकत, क्रियान्वयन क्षमता, भौगोलिक विविधता और मिड-इनकम और प्रीमियम सेगमेंटों पर ध्यान दिए जाने की वजह से प्रमुख बाजार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किए जाने की संभावना है। रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म प्रॉपइक्विटी के अनुसार वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में भारत के शीर्ष 9 शहरों में आवासीय बिक्री 98,019 आवास रही जो सालाना आधार पर 16 फीसदी की वृद्धि है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज का मानना है कि उसके कवरेज में शामिल (शीर्ष पांच सूचीबद्ध डेवलपर) कंपनियों के वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 40,700 करोड़ रुपये की बुकिंग दर्ज किए जाने का अनुमान है जो सालाना आधार पर 13 फीसदी और तिमाही आधार पर 20 फीसदी अधिक है।इसके अलावा संग्रह सालाना आधार पर 54 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 32,600 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। 27 फीसदी के समायोजित पीएटी के साथ कर-पश्चात समायोजित लाभ सालाना आधार पर 64 फीसदी बढ़कर 5,800 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
एनारॉक ग्रुप के अध्यक्ष अनुज पुरी ने बताया कि प्रमुख डेवलपरों की पेशकशों में इस तिमाही में सालाना आधार पर 8-10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। पेशकशें प्रीमियम परियोजनाओं पर ज्यादा केंद्रित हैं, जिनमें कुल पेशकश वैल्यू का 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा लग्जरी और अपर मिड-इनकम सेगमेंट में है।
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में डेवलपरों ने कई नियोजित पेशकशों को चौथी तिमाही के लिए टाल दिया है। इनमें नियामकीय मंजूरियों में विलंब मुख्य कारण है। देश की प्रमुख डेवलपर डीएलएफ ने तिमाही के दौरान कोई नई परियोजना शुरू नहीं की। मुंबई की लोढ़ा डेवलपर्स ने 5,620 करोड़ रुपये की बुकिंग दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी अधिक है।