facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Update: हैवीवेट शेयरों में बिकवाली से बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 340 अंक गिरा; निफ्टी 26,200 के पासStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

शेयर बाजार: 100 अग्रणी शेयरों में 60 फीसदी निफ्टी के मुकाबले ज्यादा फिसले

17 अक्टूबर से निफ्टी 764 अंक यानी 3.9 फीसदी टूटा है, जिसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण जोखिम से दूर जाने वाला सेंटिमेंट है।

Last Updated- October 29, 2023 | 10:53 PM IST
Nifty 50

बाजार में आई हालिया गिरावट के दौरान 100 अग्रणी शेयरों में से करीब 60 फीसदी में बेंचमार्क निफ्टी-50 इंडेक्स के मुकाबले ज्यादा फिसलन दर्ज हुई।

17 अक्टूबर से निफ्टी 764 अंक यानी 3.9 फीसदी टूटा है, जिसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण जोखिम से दूर जाने वाला सेंटिमेंट है।

इस अवधि में 100 अग्रणी शेयरों में 10 से भी कम हरे निशान में बने रहने में कामयाब रहे, वहीं 40 फीसदी में 5-5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।

ध्यान देने वाली बात यह है कि जिन शेयरों ने इस गिरावट में खुद को बचा पाने में कामयाब रही उनमें अदाणी पावर, बजाज ऑटो और नेस्ले इंडिया शामिल हैं। वहीं आईडीबीआई बैंक, गेल (इंडिया), मैक्रोटक डेवलपर्स (लोढ़ा) और हैवेल्स इंडिया उन शेयरों में शामिल रही जिनमें सबसे ज्यादा गिरावट आई और हर शेयर करीब 10-10 फीसदी टूटा।

वैश्विक अवरोध के अतिरिक्त वैयक्तिक कंपनियों के नतीजों ने शेयर कीमतों पर भारी असर डाला। दिलचस्प रूप से 100 अग्रणी शेयरों में करीब 75 फीसदी अपने-अपने 200 दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहे हैं, जो बाजार के सेंटिमेंट का अहम तकनीकी संकेतक है।

हालांकि यह आंकड़ा दो हफ्ते पहले के 90 फीसदी के मुकाबले नीचे आया है, लेकिन मौजूदा आंकड़े अनिवार्य रूप से बाजार में तीव्र मंदी के रुख का आभास नहीं देते।

एक विश्लेषक ने कहा, अगर बाजार में गिरावट जारी रहती है तो आधे से भी ज्यादा शेयर संभावित तौर पर अपने-अपने 200 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे आ सकते हैं। यह मंदी का संकेत दे सकता है। अभी हम हालिया गिरावट को अल्पावधि की मार मान सकते हैं।

First Published - October 29, 2023 | 9:55 PM IST

संबंधित पोस्ट