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विदेशी निवेशकों को पसंद नहीं आई SEBI की तत्काल निपटान की योजना

कारोबारी दिवस के दिन ही इक्विटी बाजार के ट्रेड के निपटान की योजना को विदेशी निवेशकों से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, जिन्हें डर है कि इससे सिस्टम टुकड़ों में बंट जाएगा और ट्रेडिंग की लागत बढ़ेगी। सूत्रों ने यह…

Adani bribery case: Adani Group on SEBI's radar, may investigate violation of disclosure rules SEBI की रडार पर अदाणी ग्रुप, डिस्क्लोजर नियमों के उल्लंघन की कर सकती है जांच

Adani bribery case: Adani Group on SEBI's radar, may investigate violation of disclosure rules

Last Updated: अक्टूबर 27, 2023 | 11:05 PM IST

कारोबारी दिवस के दिन ही इक्विटी बाजार के ट्रेड के निपटान की योजना को विदेशी निवेशकों से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, जिन्हें डर है कि इससे सिस्टम टुकड़ों में बंट जाएगा और ट्रेडिंग की लागत बढ़ेगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

यह चिंता इस महीने हुई बैठक में जताई गई। सूत्रों ने रॉयटर्स को यह जानकारी दी। भारत ने जनवरी में टी प्लस वन सेटलमेंट यानी निपटान की व्यवस्था की है, जहां ट्रेड का निपटान एक ही कारोबारी सत्र के भीतर हो जाता है।

बाजार नियामक सेबी (SEBI) की योजना अक्टूबर तक तत्काल निपटान की अनुमति देने की है, जो टी प्लस वन सेटलमेंट के साथ विकल्प के रूप मे होगा।

विदेशी निवेशकों के लिए लॉबीइंग करने वाला एशिया सिक्योरिटीज इंडस्ट्री ऐंड फाइनैंशियल मार्केट्स एसोसिएशन के प्रबंध निदेशक ई. शेन ने कहा, दो अलग-अलग निपटान चक्र होने से बाजार की नकदी के टुकड़ों में बंटने का जोखिम है और ज्यादा नाकाम ट्रेड के कारण यह व्यवस्था से जुड़े जोखिम में इजाफा कर सकता है।

सेबी का मानना है कि तत्काल निपटान से भारतीय खुदरा निवेशकों को लाभ होगा और वह इससे जुड़े जोखिम में कमी लाने पर काम कर रहा है। एक्सचेंजों व क्लियरिग हाउस के साथ सेबी यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि दोनों सेटलमेंट सिस्टम में पर्याप्त ट्रेड हो और बाजार के आर्बिट्रेटर नकदी की असंगतता को दूर करेंगे।

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