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भारत का AI बाजार होगा 3 गुना : BCG

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भारत का एआई बाजार साल 2027 तक तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 17 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

Last Updated- June 11, 2025 | 10:41 PM IST
artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत का एआई बाजार साल 2027 तक तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 17 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस तरह वह विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती एआई अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन जाएगा। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। ‘भारत की एआई छलांग : उभरती चुनौतियों पर बीसीजी का दृष्टिकोण’ नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस रफ्तार को उद्यम तकनीक के निवेश, बढ़ते डिजिटल तंत्र और दमदार प्रतिभा आधार से बढ़ावा मिल रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारत इसका अपवाद नहीं है। विभिन्न क्षेत्रों के कारोबार स्थानीय चुनौतियों को हल करने, नवाचार को बढ़ाने और प्रतिस्पर्धी लाभ बढ़ाने के लिए तेजी से एआई अपना रहे हैं। एआई प्रमुख भारतीय क्षेत्रों में कुल उपलब्ध बाजार (टीएएम) का 1.2 से 1.5 गुना तक महत्त्वपूर्ण रूप से विस्तार कर रही है और साथ ही इससे बेजोड़ दक्षता तथा रफ्तार भी मिल रही है।’

 रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में पहले से ही 6,00,000 से अधिक एआई पेशेवर हैं और साल 2027 तक यह संख्या दोगुनी होकर 12.5 लाख पर पहुंच जाने की उम्मीद है। वैश्विक एआई प्रतिभा पूल में देश की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत है और अमेरिका के बाद यह दूसरे स्थान पर है। इससे भारत के जनसांख्यिकीय लाभ और एसटीईएम शिक्षा दोनों की झलक मिलती है।

प्रतिभा के अलावा आधार, यूपीआई, डिजिलॉकर और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) जैसे भारत के सार्वजनिक प्लेटफॉर्म विभिन्न क्षेत्रों में एआई अपनाने के मामले में बड़ा आधार मुहैया कराते हैं। 70 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और स्मार्टफोन की व्यापाक पहुंच के साथ भारत में भारी मात्रा में डेटा उत्पन्न होता है जो एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने में मददगार है।

बीसीजी इंडिया के प्रबंध निदेशक और साझेदार मनदीप कोहली ने कहा, ‘एआई अब विकल्प नहीं बल्कि कारोबारी जरूरत है। भारतीय कंपनियां परंपरागत वृद्धि के रास्तों को पार करने और वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास से प्रतिस्पर्धा करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रही हैं।’

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First Published - June 11, 2025 | 10:23 PM IST

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