facebookmetapixel
त्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़DGCA ने IndiGo पर लगाया ₹22.2 करोड़ का जुर्माना, दिसंबर में हुई उड़ान बाधाओं को बताया जिम्मेदारDelhi Air Pollution: दिल्ली की हवा अब ‘सर्जिकल मास्क’ वाली! AQI 500 के करीब; GRAP IV लागूTrump Tariffs: ग्रीनलैंड पर ट्रंप का अल्टीमेटम, डेनमार्क को टैरिफ की खुली धमकीWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड का डबल अटैक; घना कोहरा, बारिश और बर्फबारी का अलर्टCorporate Action Next Week: अगले हफ्ते बाजार में हलचल, स्प्लिट-बोनस के साथ कई कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड1485% का बड़ा डिविडेंड! Q3 में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद हाल में लिस्ट हुई कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार300% का तगड़ा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को गिफ्ट, रिकॉर्ड डेट भी फिक्सICICI Bank Q3 Results: मुनाफा 4% घटकर ₹11,318 करोड़ पर, NII में 7.7% की बढ़ोतरी

दिसंबर 2025 में भारत की खुदरा महंगाई 1.66% पर पहुंची, सब्जियां, दालें व मसालों की बढ़ी कीमतें बनी वजह

दिसंबर महीने में पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स, सब्जियां, मांस और मछली, अंडा, मसाले, दालें और उनसे जुड़े उत्पाद महंगे हुए, जिसका सीधा असर कुल महंगाई दर पर पड़ा

Last Updated- January 12, 2026 | 4:18 PM IST
Retail Inflation
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत में महंगाई से जुड़ा ताजा डेटा सामने आया है, जिसमें दिसंबर 2025 में खुदरा महंगाई में साफ बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि महंगाई अब भी रिजर्व बैंक की तय निचली सीमा से नीचे बनी हुई है।

आंकड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर मापी जाने वाली खुदरा महंगाई दिसंबर 2025 में बढ़कर 1.66 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे पहले नवंबर में यह महंगाई 0.71 प्रतिशत थी। यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी की गई।

महंगाई में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने की वजह से हुई। दिसंबर महीने में पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स, सब्जियां, मांस और मछली, अंडा, मसाले, दालें और उनसे जुड़े उत्पाद महंगे हुए, जिसका सीधा असर कुल महंगाई दर पर पड़ा।

RBI की सीमा से नीचे बनी रही महंगाई

हालांकि दिसंबर में महंगाई बढ़ी, लेकिन इसके बावजूद यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की निचली सहनशील सीमा 2 प्रतिशत से नीचे ही रही। इससे पहले नवंबर 2025 में भी महंगाई में तेजी आई थी, जब यह अक्टूबर के रिकॉर्ड निचले स्तर 0.25 प्रतिशत से ऊपर आई थी।

Also Read: कम महंगाई का फायदा: FMCG सेक्टर में फिर से तेजी आने वाली है?

खाद्य पदार्थों की कीमतों में पहले आई नरमी की वजह से महंगाई लंबे समय से काबू में बनी हुई थी। खास तौर पर सब्जियों, दालों और मसालों के दाम कम रहने से महंगाई पर दबाव कम देखा गया।

RBI ने FY26 के लिए घटाया महंगाई अनुमान

दिसंबर 3 से 5 के बीच हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक में RBI ने FY26 के लिए महंगाई का अनुमान घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया। इससे पहले यह अनुमान 2.6 प्रतिशत रखा गया था। वहीं, FY26 की तीसरी तिमाही (Q3) के लिए महंगाई 0.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

ताजा आंकड़े बताते हैं कि भले ही दिसंबर में महंगाई में बढ़त हुई हो, लेकिन कुल मिलाकर यह अभी भी कंट्रोल में मानी जा रही है और केंद्रीय बैंक के अनुमान के दायरे में बनी हुई है।

First Published - January 12, 2026 | 4:18 PM IST

संबंधित पोस्ट