facebookmetapixel
Advertisement
मार्च में GST कलेक्शन 8.2% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़, छह महीने में सबसे मजबूत राजस्व वृद्धि दर्जऑरेकल में वैश्विक छंटनी की आंच भारत तक, 12,000 तक कर्मचारियों पर असर की आशंकाCBDT ने किया स्पष्ट: 2017 से पहले के निवेश GAAR के दायरे से बाहरकमर्शियल LPG और ATF की कीमतों में बढ़ोतरी, विमानन व उपभोक्ता सेक्टर पर लागत का दबाव बढ़ाभारतीय बेचना नहीं चाह रहे ‘दुबई वाला घर’; सुस्ती के बीच निवेशक अब भी होल्ड मोड मेंपश्चिम एशिया संकट के बीच कॉरपोरेट ट्रैवल पर जोर, घरेलू यात्रा पर फोकस बढ़ाकच्चे तेल की कीमतों और भारी सप्लाई से सरकारी बॉन्ड यील्ड पर दबाव, 7.25% तक पहुंचने की आशंकाएनवीडिया का MCap भारत के कुल शेयर बाजार के करीब, AI बूम से बढ़ा वैश्विक अंतरMSCI का ग्रीस को विकसित बाजार में शामिल करने का फैसला, भारत पर सीमित असर23,000 के पास रेजिस्टेंस ने रोकी निफ्टी की बढ़त, निकट भविष्य में तकनीकी स्थिति कमजोर

FAME-II स्कीम के तहत एक साल में 7,000 ई-बसें चलेंगी

Advertisement
Last Updated- January 12, 2023 | 3:53 PM IST
Electric Buses in UP

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की फेम-2 योजना के तहत अगले एक साल में देश के विभिन्न शहरों में 7,000 इलेक्ट्रिक बसों के चलने की उम्मीद है। भारी उद्योग मंत्रालय में संयुक्त सचिव हनीफ कुरैशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस योजना के तहत 7,000 इलेक्ट्रिक बसों में से 3,000 से अधिक ई-बसें पहले से ही परिचालन में हैं।

देश में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के उपयोग और विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना फेम इंडिया के दूसरे चरण (फेम इंडिया फेज 2) को 2019 में मंजूरी दी गई थी। फेम-2 के तहत 10 लाख ई-दोपहिया, पांच लाख ई-तिपहिया, 55,000 चार-पहिया और 7,000 ई-बसों को समर्थन देने की योजना है।

कुरैशी ने कहा कि सरकार उद्योग के विकास को बढ़ावा देने और देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तेजी से अपनाने के लिए कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा, ”कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक परिवहन एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार ने ईवी को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं शुरू की हैं। फेम एक मांग (संचालित) प्रोत्साहन योजना है। इसके तहत अब तक 7,000 बसों को प्रोत्साहन दिया जा चुका है।”

कुरैशी ने ग्रेटर नोएडा में चल रहे वाहन प्रदर्शनी-2023 में कहा, ”मुझे उम्मीद है कि एक साल के अंदर यह बसें परिचालन में आ जाएंगी। हमारे पास बसों के लिए और योजना भी है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने देश के ईवी परिदृश्य को मजबूत करने के लिए उन्नत सेल रसायन बैटरी के निर्माण के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शुरू की है।

Advertisement
First Published - January 12, 2023 | 3:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement