सरकार 16 से 20 फरवरी के बीच दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियाएआई मिशन के तहत घोषित विभिन्न स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) के निर्माण में अब तक हुई प्रगति को प्रदर्शित कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस कार्यक्रम की मेजबानी करने वाला नोडल मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सभी प्रमुख सरकारी विभागों से अपने ऐप्स प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है।
अधिकारी ने कहा, इसका मुख्य मकसद नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने में एआई के वास्तविक असर को दिखाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि हर किसी की प्रौद्योगिकी तक लोकतांत्रिक पहुंच हो। सूत्रों के अनुसार, एनवीडिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सेन हुआंग, गूगल डीपमाइंड के सह-संस्थापक और सीईओ डेमिस हसाबिस, क्वालकॉम के सीईओ क्रिस्टियानो एमोन और एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई सहित अन्य लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।
पांच दिवसीय आयोजन के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सात कार्य समूहों के गठन का प्रस्ताव रखा है, जो आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई के लिए एआई, संसाधनों का लोकतंत्रीकरण, मानव पूंजी, लचीलापन, नवाचार और दक्षता, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन, सुरक्षित और विश्वसनीय एआई और विज्ञान जैसी अवधारणाओं के सूक्ष्म बिंदुओं पर विचार-विमर्श करेंगे।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जहां भारत के विभिन्न विशेषज्ञ संबंधित कार्य समूहों की अध्यक्षता करेंगे, वहीं सरकार ने 14 देशों के विशेषज्ञों को भी इन समूहों की सह-अध्यक्षता करने और विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया है। अधिकारी ने कहा, उदाहरण के लिए हमने सुरक्षित और भरोसेमंद एआई पर कार्य समूह के सह-अध्यक्ष बनने के लिए ब्राजील और जापान के विशेषज्ञों और अधिकारियों को आमंत्रित किया है और लचीलापन, नवाचार और दक्षता कार्य समूह के सह-अध्यक्ष बनने के लिए फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल को न्योता भेजा है।