दिल्ली-एनसीआर का कॉर्पोरेट हब बन चुका गुरुग्राम अब बाहर के डेवलपरों को भी आकर्षित कर रहा है। इसकी वजह यहां घर खरीदने वालों की मांग मजबूत होना, अच्छे दाम मिलना और नई परियोजनाओं के लिए मौके मिलना है।
पिछले कुछ वर्षों में मुंबई की लोढ़ा डेवलपर्स, गोदरेज प्रॉपर्टीज, बिड़ला एस्टेट्स, ओबेरॉय रियल्टी, टाटा रियल्टी ऐंड इंफ्रास्ट्रक्चर, महिंद्रा लाइफस्पेस, बेंगलूरु की आरएमजेड, शोभा जैसी अन्य राष्ट्रीय डेवलपर कंपनियों ने शहर में अपनी उपस्थिति मजबूत की है। इससे जाहिर होता है कि गुरुग्राम अब एनसीआर का सबसे आकर्षक रियल एस्टेट बाजार बन चुका है।
बिड़ला एस्टेट्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) केटी जितेंद्रन ने कहा कि गुरुग्राम का बाजार हमारे लिए बहुत मजबूत बना हुआ है और हम विकास के अवसरों की सक्रिय रूप से तलाश कर रहे हैं। इस बाजार में अभी भी बहुत सारे अवसर हैं। जो भी अवसर हमारे सामने आएगा, हम उस पर विचार के लिए तैयार हैं।
कंपनी ने एनसीआर में 4 परियोजनाएं लॉन्च करने की योजना बनाई थी। इसमें से तीन का शुभारंभ कर दिया गया है। इसमें हाल में लॉन्च की गई बिड़ला प्रवाह भी शामिल है। यह सेक्टर 71 में प्रीमियम आवासीय परियोजना है और लॉन्च होने के 24 घंटों के भीतर ही बिक गई थी। इससे 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई। कंपनी आगे विस्तार करने के लिए संयुक्त विकास समझौतों (जेडीए) और पूर्ण अधिग्रहण दोनों को टटोल रही है।
डेवलपर इस दिलचस्पी के कई कारणों का हवाला देते हैं। जितेंद्रन ने बताया, ‘यह सिर्फ मांग की बात नहीं है, बल्कि सही स्थान, सही कीमत, सही आकार और उपभोक्ता को समझना भी महत्त्वपूर्ण है।’ उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की शहरीकरण दर भारत के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में अधिक है, जिससे मांग को बनाए रखने में मदद मिलती है। उद्योग जगत के विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि एनसीआर के कॉर्पोरेट और वाणिज्यिक केंद्र के रूप में गुरुग्राम की स्थिति एक प्रमुख आकर्षण है।
एनारॉक समूह के उपाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि वैश्विक कार्यस्थलों, महंगे आवासों, आधुनिक रिटेल प्लेसों और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ गुरुग्राम इस क्षेत्र का सबसे विश्वसनीय और लाभदायक आवासीय बाजार बन गया है। उन्होंने बताया कि द्वारका एक्सप्रेसवे, सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) और एनएच-48 से आगे के सेक्टरों में नई परियोजनाओं के अच्छे मौके हैं। जेडीए और जॉइंट वेंचर जैसे मॉडल डेवलपरों को कम जोखिम के साथ बाजार में उतरने का मौका देते हैं।
आंकड़े इस मजबूत प्रदर्शन को दर्शाते हैं। 2021 और सितंबर 2025 के बीच गुरुग्राम ने एनसीआर क्षेत्र में आपूर्ति और मांग दोनों में 50 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया। इस दौरान लगभग 1.09 लाख मकान लॉन्च किए गए और 1.34 लाख घर बेचे गए। बिना बिके मकानों की संख्या 2021 में 64,000 मकान से घटकर सितंबर 2025 तक लगभग 36,000 मकान रह गई जो एक संतुलित बाजार और निरंतर मांग का संकेत है।
डेवलपर भी खरीदारों की बदलती प्राथमिकताओं के अनुरूप ढल रहे हैं। गोदरेज प्रॉपर्टीज के उत्तर क्षेत्र की सीईओ गीतिका त्रेहन के अनुसार महामारी के बाद खरीदार तेजी से विश्वसनीय, ब्रांडेड डेवलपर की ओर आकर्षित हो रहे हैं जो बेहतर डिजाइन, समय पर डिलीवरी और अच्छी लाइफस्टाइल देने पर ध्यान देते हैं। गोदरेज धीरे-धीरे गुरुग्राम में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है और ऐसी परियोजनाएं शुरू कर रही है, जिनमें स्वास्थ्य अनुकूल सुविधाओं, हरियाली और बेहतर हवा की गुणवत्ता का ध्यान रखा गया हो और स्वास्थ्य को लेकर सजग शहरी खरीदारों की जरूरतें पूरी की जा सकें।
लोढ़ा और आरएमजेड जैसे स्थापित बिल्डरों के लिए गुरुग्राम शहर की खासियत इसकी व्यापक मांग और बुनियादी ढांचे का तेज विकास है। लोढ़ा समूह के कार्यकारी निदेशक (वित्त) सुशील मोदी ने कहा, ‘गुरुग्राम अपने मजबूत रोजगार आधार, बेहतर होते बुनियादी ढांचे और सुव्यवस्थित आवासीय बाजार के कारण अलग दिखता है।’
लोढ़ा ने हाल ही में गुरुग्राम के एमआरजी ग्रुप के साथ 3,600 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए साझेदारी की है। इसके साथ ही लोढ़ा ने दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में कदम रख दिया है। आरएमजेड रियल एस्टेट मैनेजमेंट के सीईओ अवनीश सिंह ने कहा कि एनसीआर का रियल एस्टेट बाजार ढांचागत रूप से मजबूत बना हुआ है।
इसकी बढ़ती आबादी, कंपनियों की मांग और लंबे समय का निवेश सहारा दे रहे हैं, जिसमें कार्यालय, खुदरा और आवास को मिलाकर बनने वाली मिश्रित उपयोग की परियोजनाएं भी शामिल हैं।
एनारॉक के अनुसार साल भर में संपत्ति की कीमतों में तीव्र वृद्धि देखी गई है। 2024 की तीसरी तिमाही में औसत कीमत 9,500 रुपये प्रति वर्ग फुट थी, जो 2025 में 29 फीसदी बढ़कर 12,250 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई।