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US Venezuela Attack: कौन हैं Nicolás Maduro? जिनके पकड़े जाने का दावा अमेरिका ने किया

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अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के दावे के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति के लंबे, विवादित और संकटग्रस्त शासन पर फिर से वैश्विक ध्यान गया है।

Last Updated- January 04, 2026 | 10:32 AM IST
Venezuelan President Nicolás Maduro.
Venezuelan President Nicolás Maduro.

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा यह दावा किए जाने के बाद कि अमेरिकी हमले के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है। इसके साथ ही निकोलस मादुरो के लंबे और विवादित राजनीतिक सफर पर एक बार फिर ध्यान गया है।

साधारण परिवार से सत्ता तक का सफर

निकोलस मादुरो का जन्म 23 नवंबर 1962 को एक साधारण कामकाजी परिवार में हुआ था। उनके पिता ट्रेड यूनियन नेता थे। अपने शुरुआती दिनों में मादुरो बस ड्राइवर के रूप में काम करते थे।

1992 में जब सैन्य अधिकारी ह्यूगो चावेज़ ने तख्तापलट की असफल कोशिश की, तब मादुरो उनके समर्थक बन गए। उन्होंने चावेज की रिहाई के लिए अभियान चलाया और उनकी वामपंथी विचारधारा से जुड़ गए। 1998 में चावेज़ के राष्ट्रपति बनने के बाद निकोलस मादुरो संसद के सदस्य चुने गए।

चावेज के करीबी और उत्तराधिकारी

राजनीति में मादुरो तेजी से आगे बढ़े। वे नेशनल असेंबली के अध्यक्ष बने और बाद में विदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उन्होंने कई देशों से कूटनीतिक रिश्ते मजबूत किए।

ह्यूगो चावेज ने निकोलस मादुरो को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। चावेज के निधन के बाद 2013 में मादुरो राष्ट्रपति चुनाव जीतकर सत्ता में आए।

शासनकाल में आर्थिक संकट

निकोलस मादुरो के कार्यकाल में वेनेजुएला गंभीर आर्थिक संकट से गुजरा। देश में महंगाई बढ़ी, जरूरी सामान की भारी कमी हुई और आम लोगों की स्थिति लगातार खराब होती चली गई।

सरकार पर चुनावों में धांधली और विरोधियों को दबाने के आरोप लगे। 2014 और 2017 में हुए प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय आलोचना भी हुई। इस दौरान लाखों लोग देश छोड़कर बाहर चले गए।

अमेरिकी प्रतिबंध और आरोप

अमेरिका समेत कई देशों ने मादुरो सरकार पर कड़े प्रतिबंध लगाए। साल 2020 में अमेरिका ने निकोलस मादुरो पर भ्रष्टाचार और ड्रग तस्करी से जुड़े आरोप लगाए, हालांकि मादुरो ने इन सभी आरोपों से इनकार किया।

2024 के विवादित चुनाव के बाद जनवरी 2025 में मादुरो ने तीसरी बार राष्ट्रपति पद की शपथ ली। विपक्ष ने चुनाव परिणामों को खारिज किया और विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया।

मानवाधिकारों को लेकर सवाल

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया कि वेनेजुएला की सुरक्षा एजेंसियों ने वर्षों तक मानवाधिकार उल्लंघन किए और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया।

2025 में विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार मिला, जिसे मादुरो सरकार की नीतियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संदेश माना गया।

गिरफ्तारी के दावे से बढ़ी अनिश्चितता

अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य हमलों के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया गया है।

वहीं वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि सरकार को मादुरो और उनकी पत्नी के ठिकाने की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है और उनकी स्थिति की पुष्टि की जा रही है। डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इस पूरे मामले पर फ्लोरिडा स्थित अपने निजी निवास मार-ए-लागो से प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

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First Published - January 4, 2026 | 10:31 AM IST

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