कोरोना के बाद के दौर की तेज रिकवरी के बाद भारत का Residential real estate sector अब एक नए संतुलन चरण में प्रवेश कर रहा है। स्क्वायर यार्ड्स की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में मिड-सेगमेंट हाउसिंग मांग का प्रमुख आधार बनने जा रहा है, जबकि प्रीमियम और लग्ज़री सेगमेंट में वृद्धि की गति धीरे-धीरे स्थिर होने के संकेत मिल रहे हैं।
स्क्वायर यार्ड्स की ‘2025 रिकैप, 2026 आउटलुक: रेज़िडेंशियल रियल एस्टेट’ शीर्षक वाली के इस रिपोर्ट के मुताबिक रेज़िडेंशियल सेक्टर अब विस्तार के चरण से निकलकर संतुलन की अवस्था की ओर बढ़ रहा है। 2026 में वॉल्यूम स्थिर रहने, औसत टिकट साइज ऊंचे बने रहने और कीमतों में वृद्धि सभी सेगमेंट्स में अपेक्षाकृत समान रूप से बंटने की संभावना है।
हाउसिंग महंगाई में नरमी और कुछ बाजारों में कीमतों के स्थिर होने से मिड-इनकम खरीदारों के लिए अफोर्डेबिलिटी बेहतर होने की उम्मीद है। बेहतर प्रोजेक्ट क्वालिटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और शहरों के बाहरी कॉरिडोर्स में डेवलपमेंट से इस सेगमेंट को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये की कीमत वाले मकानों वाला मिड-सेगमेंट 2026 में इनक्रिमेंटल डिमांड का सबसे बड़ा स्रोत बनने के लिए तैयार है, बशर्ते डेवलपर्स की सक्रिय भागीदारी और समयबद्ध निष्पादन बना रहे। कुल मिलाकर स्क्वायर यार्ड्स का मानना है कि भारत का हाउसिंग मार्केट 2026 में संतुलित सप्लाई, परिपक्व खरीदार आधार और मिड-मार्केट की ओर झुकती मांग के चलते टिकाऊ वृद्धि के रास्ते पर बना रहेगा।
स्क्वायर यार्ड्स की इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में देश के 9 प्रमुख आवासीय बाजारों में मकानों की बिक्री साल-दर-साल आधार पर 5 फीसदी घटे। इसके बावजूद इसी अवधि में कुल बिक्री मूल्य में 11 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह मुख्य रूप से औसत डील साइज में 22 फीसदी की वृद्धि के कारण हुई है, जो उच्च मूल्य वाले घरों की मजबूत मांग को दर्शाती है।
|
Residential Registered Transactions 2025 |
|||
| 2025 | 2024 | YoY % Change | |
| Residential Registered Transactions
(No. of Units in Lakh) |
5.45 | 5.77 | -5% |
| Registered Residential Sales Value
(Rs. Lakh Crore) |
4.46 | 4.03 | 11% |
| Average Registered Residential Sales Value
(Rs. Crore) |
0.81 | 0.70 |
22% |
Source: IGR, Square Yards
क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो पश्चिमी भारत ने 2025 में कुल बिक्री मूल्य का 80 फीसदी से अधिक हिस्सा हासिल किया, जहां ऊंचे टिकट साइज ने बाजार को सहारा दिया। वहीं, बेंगलूरु और हैदराबाद जैसे दक्षिणी शहरों में एंड-यूजर आधारित मांग लगातार मजबूत बनी रही। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मांग स्पष्ट रूप से प्राइस सेगमेंट के आधार पर बंटी हुई दिखी। यहां अफोर्डेबल और मिड-सेगमेंट हाउसिंग ने वॉल्यूम के लिहाज़ से बेहतर प्रदर्शन किया, जो एक अधिक परिपक्व और विविध खरीदार प्रोफाइल की ओर इशारा करता है।
स्क्वायर यार्ड्स के फाउंडर और सीईओ तनुज शोरी के अनुसार, ‘यह ट्रेंड एक परिपक्व होते बाजार को दर्शाता है, जहां ग्रोथ अब वॉल्यूम नहीं बल्कि वास्तविक मांग से संचालित हो रही है। 2025 में विशेषकर एमएमआर जैसे बाजारों में प्रीमियम और लग्ज़री सेगमेंट ने वैल्यू क्रिएशन में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, शोरी ने यह भी कहा कि पिछले तीन से पांच वर्षों में कीमतों में तेज वृद्धि के चलते कई प्रीमियम माइक्रो-मार्केट्स में अफोर्डेबिलिटी पर दबाव बढ़ा है। मांग अब भी संरचनात्मक रूप से मजबूत है, लेकिन 2026 में लग्ज़री सेगमेंट की इनक्रिमेंटल ग्रोथ में नरमी देखने को मिल सकती है।
| City-wise Residential Registered Transactions 2025 | ||||||||
| City | Mumbai | Pune | Bengaluru | Hyderabad | Thane | Navi Mumbai | Noida & Greater Noida | Ghaziabad |
| Residential Registered Transactions
(No. of Units in Lakh) |
1.1 | 0.8 | 0.1 | 0.7 | 0.6 | 0.4 | 0.9 | 0.1 |
| Registered Residential Sales Value
(Rs. Lakh Crore) |
1.6 | 0.5 | 0.1 | 0.4 | 0.3 | 0.2 | 0.9 | 0.4 |
Source: IGR, Square Yards
कोरोना के बाद मकानों की कीमतों में तेज इजाफा हुआ है। 2019 से 2025 की अवधि में मकानों की कीमत 35 से 149 फीसदी बढ़ चुकी है। सबसे ज्यादा गुरुग्राम में मकान 149 फीसदी महंगे हुए हैं, जबकि सबसे कम 35 फीसदी कीमत कोलकाता में बढ़ी है।नोएडा-ग्रेटर नोएडा, पुणे,बेंगलूरु और मुंबई एमएमआर में इनके दाम बढ़कर दोगुने हो गए हैं।
| Property Price (Rs. per sq. ft) Trends | |||||
| City | 2019 | 2024 | 2025 | % Change YoY | % Change Post Covid Era |
| (2024 vs 2025) | (2019 vs 2025) | ||||
| Gurugram | 5,820 | 13,500 | 14,500 | 7% | 149% |
| Noida & Greater Noida | 4,500 | 7,500 | 9200 | 23% | 104% |
| Bengaluru | 5,450 | 9,050 | 10800 | 19% | 98% |
| Pune | 5,200 | 8,300 | 11200 | 35% | 115% |
| Ahmedabad | 3,580 | 5,500 | 5700 | 4% | 59% |
| Hyderabad | 5,250 | 7,500 | 7800 | 4% | 49% |
| Mumbai MMR | 9,500 | 14,200 | 18700 | 32% | 97% |
| Chennai | 5,200 | 6,940 | 9100 | 31% | 75% |
| Kolkata | 4,510 | 5,890 | 6100 | 4% | 35% |
Source: Square Yards