एफपीआई ने निकाले 1.4 लाख करोड़ रु.
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने वित्त वर्ष 2021-22 में रिकॉर्ड 1.4 लाख करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। जबकि इससे पहले 2020-21 में उन्होंने 2.7 लाख करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे थे। पूंजी निकासी का मुख्य कारण कोरोनावायरस मामलों में तीव्र वृद्धि, आर्थिक वृद्धि को लेकर जोखिम और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक स्तर पर […]
कोविड, मौजूदा हालात और चीन की भूमिका
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग के आर्थिक प्रभाव के बारे में भविष्यसूचक निष्कर्ष निकालने के अपने जोखिम हैं। युद्ध विराम या किसी अन्य वजह से युद्ध के अचानक रुकने की स्थिति में यह अनुमान पूरी तरह निरस्त हो जाएगा कि मौजूदा अस्थिरता दुनिया भर में भविष्य की आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करेगी। एक […]
वैश्विक घटनाक्रम से गिरावट का जोखिम
अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल और अन्य जिंसों के दाम कई साल के उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे भारत की वृद्घि दर में गिरावट का जोखिम बना हुआ है। कोविड महामारी की तीसरी लहर से अर्थव्यवस्था […]
दर वृद्घि को देखते हुए डेट फंड खरीदें व बनाए रखें
बीएस बातचीत मुद्रास्फीति में तेजी के जोखिम को कच्चे तेल की कीमतों में वृद्घि से बढ़ावा मिला है, जिससे आरबीआई के लिए मध्य 2022 तक ब्याज दर वृद्घि के संदर्भ में मजबूत आधार तैयार हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए विवित्री ऐसेट मैनेजमेंट में मुख्य निवेश अधिकारी सौमेंद्र घोष ने लवीशा दराड़ को बताया […]
कई विश्लेषकों ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा आगामी वित्त वर्ष के लिए जारी मुद्रास्फीति संबंधी पूर्वानुमानों पर प्रश्नचिह्न लगाया है। दरें तय करने वाली समिति ने फरवरी में अपनी पिछली बैठक में अनुमान जताया था कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति की दर अगले वित्त वर्ष में औसतन 4.5 फीसदी रहेगी। तब […]
8 महीने की ऊंचाई पर खुदरा महंगाई
देश में खुदरा महंगाई फरवरी में मामूली बढ़कर 8 महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर रही। यह लगातार दूसरे महीने केंद्रीय बैंक के 6 फीसदी के सहजता स्तर की ऊपरी सीमा से अधिक रही। थोक महंगाई की दर लगातार 11वें महीने दो अंकों में रही। इससे एशिया की इस तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में वृद्धि […]
कच्चे तेल कीमतों को आपूर्ति झटके के तौर पर देखा जाना चाहिए: पात्रा
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर माइकल देवव्रत पात्रा ने कहा है कि यूक्रेन में चल रहे युद्घ के कारण वैश्विक कच्चा तेल कीमतों में आई हालिया तेजी बहुत बड़ा जोखिम है लेकिन इसे मौद्रिक नीति की दृष्टि से आपूर्ति झटके के तौर पर लिया जाना चाहिए। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्घ […]
आईएफएससी से विदेशी शेयरों में कैसे करें निवेश
अंतरराष्ट्रीय निवेश पिछले दो वर्षों से लोकप्रिय हुआ है, क्योंकि निवेशकों ने सिर्फ एक देश में जोखिम उठाने से परहेज किया है। भारतीय निवेशकों के पास अब गुजरात इंटरनैशनल फाइनैंस टेक-सिटी या गिफ्ट सिटी में इंटरनैशनल फाइनैंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) के जरिये विदेशी शेयरों में निवेश करने का विकल्प है। आइए, जानते हैं कि निवेशकों […]
भारत के व्यापार पर रूस-यूक्रेन के बीच जंग का सीधा असर मुख्य रूप से कम रेटिंग वाली छोटी इकाइयों तक सीमित है, जिसका प्रबंधन किया जा सकता है। इंडिया रेटिंग्स के मुताबिक फार्मा और सब्सिडी से जुड़े क्षेत्रों जैसे उर्वरकों क्षेत्रों के क्रेडिट पर असर ज्यादा नजर आएगा। युद्ध का क्रेडिट पर अप्रत्यक्ष असर देखा […]
भारत के व्यापार पर रूस-यूक्रेन के बीच जंग का सीधा असर मुख्य रूप से कम रेटिंग वाली छोटी इकाइयों तक सीमित है, जिसका प्रबंधन किया जा सकता है। इंडिया रेटिंग्स के मुताबिक फार्मा और सब्सिडी से जुड़े क्षेत्रों जैसे उर्वरकों क्षेत्रों के क्रेडिट पर असर ज्यादा नजर आएगा। युद्ध का क्रेडिट पर अप्रत्यक्ष असर देखा […]