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Q3 Results Today: HDFC Life Insurance से लेकर Jio Financial और L&T Tech तक, आज 24 से ज्यादा कंपनियों के नतीजे25% अमेरिकी शुल्क का असर भारत पर सीमित, ईरान पर पड़ेगा सबसे ज्यादा दबावछुट्टियों के बाद भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वार्ता फिर शुरूईरान ने ट्रंप को चेताया, अमेरिकी हमले पर कड़े जवाब की धमकीनिर्यात तैयारी सूचकांक में महाराष्ट्र शीर्ष पर, तमिलनाडु को पछाड़ा: नीति आयोग की रिपोर्टखाद्य कीमतों में गिरावट थमने से दिसंबर में थोक महंगाई 8 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचीव्यापार और तकनीक के हथियार बनने से वैश्विक जोखिम बढ़े: डब्ल्यूईएफ‘करण फ्राइज’ नई नस्ल की गाय: रोज 11 से 19 किलो दूध, डेरी सेक्टर में बड़ा बदलावशिकायत निपटान में देरी पर RBI का एक्शन, प्रोसेस को पूरी तरह स्वचालित करने के निर्देशकच्चे तेल में नरमी और मजबूत मार्जिन से तेल रिफाइनिंग कंपनियों की रहेगी मजबूत तिमाही
कंपनियां

रुपीफाई को सीरीज-ए में 2.5 करोड़ डॉलर का वित्त पोषण

अपने बी2बी बाय नाउ पे लेटर (बीएनपीएल) और एसएमई केंद्रित कॉमर्शियल कार्ड उत्पादों के जरिये बी2बी भुगतान क्षेत्र में काम करने वाली अंतर्निहित वित्तीय कंपनी रुपीफाई ने बेसेमर वेंचर पार्टनर्स और टाइगर ग्लोबल के नेतृत्व में वित्त पोषण के सीरीज-ए के दौर में 2.5 करेाड़ डॉलर जुटाए हैं। कंपनी द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में […]

कमोडिटी

कृषि जीवीए में 4.5 प्रतिशत वृद्धि

वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में कृषि एवं संबंधित गतिविधियों के सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) में स्थिर मूल्य पर 4.5 प्रतिशत की बेहतरीन वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल की समान तिमाही में वृद्धि दर 3 प्रतिशत और 2019-20 की दूसरी तिमाही में यह वृद्धि 3.5 प्रतिशत थी। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही […]

अर्थव्यवस्था

भारत, अमेरिका को व्यापार सुधरने की आस

भारत और अमेरिका को व्यापार नीति मंच (टीपीएफ) के तहत 2022 के मध्य तक ‘विशिष्ट व्यापारिक परिणाम’ की उम्मीद है, जिसे 4 साल के लंबे अंतराल के बाद बहाल किया गया है। दोनों देश मंच के माध्यम से नियमित रूप से काम करके  द्विपक्षीय कारोबार संबंधी शेष चिंताओं का समाधान निकालेंगे। टीपीएफ के तहत कृषि, […]

लेख

कृषि में स्थायित्व

ग्लासगो में हाल ही में संपन्न जलवायु शिखर बैठक में पर्यावरण के अनुकूल स्थायी कृषि से संबद्ध ऐक्शन एजेंडा तैयार करने में सक्रिय भागीदारी के बाद भारत ने इसे मंजूर नहीं करने का निर्णय लिया। यह निर्णय अजीब लग रहा है, खासतौर पर इसलिए कि भारत उन देशों में शुमार है जिन्हें इस एजेंडे की […]

लेख

कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन से बचाने की जरूरत

निकट भविष्य में जलवायु परिवर्तन की प्रक्रिया रोकना तो छोडि़ए, धीमी करने के संबंध में भी ग्लासगो शिखर सम्मेलन (सीओपी26) विश्वास जगाने में विफल रहा। इससे कृषि को इसके दुष्प्रभावों से बचाने के लिए कारगर रणनीतियों की आवश्यकता और भी ज्यादा जरूरी हो गई है। शुक्र है कि इस संबंध में भारत संभवत: पूरी तरह […]

अन्य समाचार

उत्तर प्रदेश के जीएसडीपी में 19.6 फीसदी बढ़त का अनुमान

चालू वित्त वर्ष में उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 19.6 फीसदी बढ़त का अनुमान है। प्रदेश सरकार के मुताबिक औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने तथा लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को मुहैया कराए गए ऋण और कोरोना संकट के दौरान छोटे -बड़े उद्योगों को कारोबार करने की दी गई छूट […]

अंतरराष्ट्रीय

सतत कृषि पर सीओपी के कार्य एजेंडे पर हस्ताक्षर

भारत ने ग्लासगो में सीओपी26 जलवायु शिखर सम्मेलन के पहले सप्ताह के समापन पर एक सतत कृषि कार्य एजेंडा पर हस्ताक्षर किया। इस एजेंडा में कृषि को अधिक स्थाई और कम प्रदूषणकारी बनाने के लिए नई प्रतिबद्धताओं को निर्धारित किया है। इसके साथ ही भारत इस पर हस्ताक्षर करने वाले 27 देशों में शामिल हो […]

बैंक

खुदरा, कृषि, उद्योग क्षेत्र के ऋण ने पकड़ी गति

त्योहारों के मौसम और आर्थिक गति पकडऩे से खुदरा, कृषि और उद्योग क्षेत्र में सितंबर, 2021 में कर्ज लिए जाने की रफ्तार बढ़ी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा है कि खुदरा श्रेणी में आवास, वाहन, क्रेडिट कार्ड आते हैं, जिसमें सितंबर, 2021 में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, […]

लेख

कृषि आंकड़ों के डिजिटलीकरण से पहले जन-जागरूकता जरूरी

भारतीय कृषि के डिजिटलीकरण की कवायद में कॉर्पोरेट जगत को भी जोडऩे की सरकार की हालिया पहल से इस मुहिम को तेजी मिलने की उम्मीद जगी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र के उत्पादन से लेकर खपत तक की मूल्य शृंखला में शामिल विभिन्न पक्षों को इस लायक बनाना है कि वे अपने […]

लेख

अक्टूबर में बना रह सकता है रोजगार वृद्धि का सिलसिला

सितंबर के महीने में 85 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा होने की असाधारण घटना हुई। हाल का इतिहास हमें बताता है कि एक महीने में रोजगार के मोर्चे पर हासिल बढ़त कुछ महीनों में ही आसानी से गंवाई जा सकती है और जल्द ही शुद्ध बढ़त नगण्य हो जाती है। अगर इस बार वैसा ही रुझान […]