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लेख

कॉर्पोरेट आय में गिरावट

अप्रैल-जून 2020 तिमाही के अब तक घोषित कारोबारी नतीजे यही संकेत दे रहे हैं कि लॉकडाउन और कोविड-19 महामारी ने इन्हें बहुत बुरी तरह प्रभावित किया है। खपत तथा बुनियादी क्षेत्रों में गतिविधियां मंद हैं। हालांकि चुनिंदा क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां कुछ मजबूती देखने को मिल रही है। 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक […]

अन्य समाचार

अच्‍छे मॉनसून से जगी बेहतर धान की आस

उद्योगों के मोर्चे पर निराश करने वाली खबरों के बीच अच्छे मॉनसून ने इस बार धान की अच्छी फसल की उम्मीद जगाई है। समूचे प्रदेश में मॉनसून के पहले चरण में ही अच्छी बारिश के कारण धान की बंपर रोपाई कर ली गई है। मॉनसून सीजन के पहले ही महीने में इस बार कमोबेश पूरे […]

अर्थव्यवस्था

केंद्र का गांवों पर खर्च बढ़ा, रक्षा पर घटा

कर संग्रह में 40 प्रतिशत की तेज गिरावट के बावजूद केंद्र सरकार ने अप्रैल और मई में कृषि और ग्रामीण क्षेत्र पर व्यय दोगुना कर दिया है। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों से यह जानकारी मिलती है। अप्रैल-मई 2021 के दौरान कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय का संयुक्त व्यय 91,355 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त […]

कंपनियां

ई-चौपाल को बेहतर बना रही आईटीसी

आईटीसी के चेयरमैन वाईसी देवेश्वर के समक्ष एक युवा मैनेजर एस शिवकुमार ने ई-चौपाल स्थापित करने के लिए 50 लाख रुपये का एक प्रस्ताव रखा। यह एक ऐसा मॉडल था जो इंटनेट की मदद से लघु एवं सीमांत किसानों को सशक्त बनाता है। लेकिन काफी विचार-विमर्श के बाद इसके लिए 10 करोड़ रुपये के बजट […]

कमोडिटी

गेहूं खरीद 3.82 करोड़ टन के नए रिकॉर्ड पर पहुंची

सरकार की 2020-21 विपणन वर्ष में गेहूं की खरीद 3.82 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसके साथ ही पंजाब को पीछे छोड़कर मध्य प्रदेश देश के केंद्रीय अन्न भंडार में गेहूं देने वाला सबसे बड़ा राज्य बन गया है। खाद्य मंत्रालय के बयान के अनुसार सरकारी खरीद से पूरे भारत में […]

अन्य समाचार

गेहूं खरीद में पंजाब से आगे निकला मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश ग्रामीण अर्थव्यवस्था में करीब 25,000 करोड़ रुपये डालने जा रहा है। राज्य ने अब तक की सबसे बड़ी गेहूं खरीद की है और वह 2020-21 में देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक बन गया है। राज्य में अब तक 127 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है, जो अगले कुछ सप्ताह में प्रक्रिया […]

कमोडिटी

ग्रामीण मांग बढ़ाने के लिए किसानों की आमदनी में इजाफा जरूरी

जिस समय देश की अर्थव्यवस्था डांवाडोल है, उस समय कोविड-19 संकट से पैदा हुए आर्थिक संकुचन के दौर में कृषि ही अकेला ऐसा प्रमुख क्षेत्र है जिसने इससे जूझने का पूरा माद्दा दिखाया है। जहां दूसरे क्षेत्रों में गतिविधियां सामान्य होने में वक्त लगने की संभावना है, वहीं कृषि क्षेत्र निर्बाध बढ़ता हुआ नजर आ […]

लेख

सुधार नहीं हो पाने के लिए अफसरशाही जिम्मेदार

तीन सवाल हैं: पहला, क्या नरेंद्र मोदी आर्थिक सुधारक हैं  ? दूसरा, पी वी नरसिंह राव, मनमोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी की भारत के आर्थिक सुधारकों की सूची में वह किस पायदान पर आएंगे? और तीसरा, अपने सुधारवादी विचारों को अमलीजामा पहनाने में वह कितने सफल रहे हैं? अगर पहले सवाल का जवाब हां […]

लेख

आसन्न खतरा

टिड्डियों का खतरा जिस तरह बढ़ रहा है और नए इलाकों में फैलता जा रहा है वह साफ दिखाता है कि देश इस हमले के खिलाफ हारी हुई लड़ाई लड़ रहा है। कोविड-19 महामारी की तरह यह विपदा अचानक नहीं आई और इसके बारे में पहले से जानकारी भी थी, फिर भी टिड्डियों के आतंक […]

कमोडिटी

पैन है तो किसानों से सीधे खरीदें उपज

केंद्रीय मंडिमंडल ने बुधवार को एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी, जिससे अब खरीदार अधिकृत मंडियों से बाहर किसानों से कृषि उत्पाद खरीद पाएंगे। इस अध्यादेश के प्रावधान के अनुसार ऐसे लेनदेन के लिए खरीदारों को केवल स्थायी खाता संख्या(पैन) की जरूरत होगी और इस पर केंद्र एवं राज्य किसी तरह का कर भी नहीं […]