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Budget 2026: इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए ₹40,000 करोड़ का फंड, सेमीकंडक्टर हब बनेगा भारत

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केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट के बाद कहा, ‘हमें ईसीएमएस योजना के लिए 50 से 55 आवेदन की उम्मीद की थी

Last Updated- February 02, 2026 | 4:24 PM IST
semiconductor chips
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए आवंटन बढ़ाया गया। साथ ही घरेलू वस्त्र निर्माण को भी प्रोत्साहन दिया गया। बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के लिए आवंटन लगभग 75 प्रतिशत बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट के बाद कहा, ‘हमें ईसीएमएस योजना के लिए 50 से 55 आवेदन की उम्मीद की थी। लेकिन कुल 149 आवेदन मिले। 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन बढ़ाने की घोषणा इस गति को बनाए रखने और योजना के तहत और अधिक कंपनियों को शामिल करने में मदद करेगी।’

वित्त मंत्री ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत की भी घोषणा की। आदित्य इन्फोटेक के प्रबंध निदेशक आदित्य खेमा ने कहा, ‘सेमीकंडक्टर मिशन-2 की घोषणा केवल आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए नहीं है, बल्कि यह पक्का करने के लिए भी है कि अगली पीढ़ी के आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस सिस्टम को संचालित करने वाली बुद्धिमत्ता, कंप्यूटिंग शक्ति और हार्डवेयर भारत में डिजाइन और निर्मित हों।’

निर्मला सीतारमण ने बजट में माइक्रोवेव ओवन के निर्माण में उपयोग होने वाले कुछ विशिष्ट घटकों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी समाप्त करने का ऐलान किया। अमेरिकी टैरिफ की मार झेल रहे वस्त्र उद्योग को बजट में एक समग्र कार्यक्रम के माध्यम से प्रोत्साहन दिया गया। इस कार्यक्रम में पांच प्रमुख घटक राष्ट्रीय फाइबर योजना, वस्त्र विस्तार और रोजगार योजना, राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम, टेक्स-ईको पहल, समर्थ 2.0 शामिल हैं, जिनका उद्देश्य उत्पादन, कौशल विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार करना है।

वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट में मेगा टेक्सटाइल पार्क के साथ ही खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को सशक्त बनाने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल शुरू करने का भी प्रावधान किया। इससे बुनकरों, ग्राम उद्योगों, ‘एक जिला–एक उत्पाद’ पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा।”

भारतीय वस्त्र उद्योग महासंघ (सीआईटीआई) के अध्यक्ष अश्विन चंद्रन ने कहा कि बजट वस्त्र और परिधान क्षेत्र को भविष्य के लिए मजबूत बनाने, इसे वैश्विक चुनौतियों के प्रति अधिक लचीला बनाने और उद्योग के लिए बड़ा प्रोत्साहन प्रदान करने के सरकार के संकल्प का एक मजबूत प्रमाण है।

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First Published - February 2, 2026 | 4:24 PM IST

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