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STT बढ़ने से Arbitrage Funds का रिटर्न कितना घटेगा? Edelweiss MF ने लगाया अनुमान; देखें कैलकुलेशन

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आर्बिट्राज फंड्स एक खास तरह का हाइब्रिड म्युचुअल फंड है, जो बाजार में कीमतों के अंतर से मुनाफा कमाता है

Last Updated- February 02, 2026 | 6:35 PM IST
Arbitrage Funds

Impact of increased STT on Arbitrage Fund Returns: केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह कदम जहां डेरिवेटिव्स बाजार में लेनदेन की लागत बढ़ा सकता है। वहीं, इसका सीधा असर ट्रेडर्स, हेजर्स के साथ-साथ आर्बिट्राज फंड्स के रिटर्न पर भी पड़ने की संभावना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ा हुआ STT न सिर्फ ट्रेडिंग गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि निवेशकों के लिए आर्बिट्राज फंड्स (Arbitrage funds) और अन्य कम जोखिम वाले विकल्पों के बीच रिटर्न का समीकरण भी बदल सकता है।

F&O ट्रेड पर कितना बढ़ा STT?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के बजट भाषण में फ्यूचर्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी तथा ऑप्शन प्रीमियम एवं ऑप्शन सौदों पर STT को क्रमशः 0.10 फीसदी एवं 0.125 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा है।

F&O ट्रेड पर STT

इंस्ट्रूमेंट पुरानी STT दरें नई STT दरें
फ्यूचर्स 0.02% 0.05%
ऑप्शन-प्रीमियम 0.10% 0.15%
ऑप्शन सौदों 0.125% 0.15%

स्रोत- एडलवाइस म्युचुअल फंड

कोटक सिक्योरिटीज के एमडी और सीईओ श्रीपाल शाह ने कहा, “फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर एसटीटी में तेज बढ़ोतरी, जो पिछले साल की बढ़ोतरी के ऊपर की गई है, ट्रेडर्स, हेजर्स और आर्बिट्राज करने वालों के लिए लेनदेन लागत बढ़ा सकती है। इससे डेरिवेटिव्स में गतिविधियां ठंडी पड़ सकती हैं और ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी आने की आशंका है।”

Also Read: डिविडेंड और म्युचुअल फंड इनकम पर ब्याज कटौती खत्म, कैसे बढ़ेगा आपका टैक्स बोझ? ₹1 लाख के कैलकुलेशन से समझें

आर्बिट्राज फंड्स से कैसे जुड़े हैं STT के तार?

आर्बिट्राज फंड्स एक खास तरह का हाइब्रिड म्युचुअल फंड है, जो बाजार में कीमतों के अंतर से मुनाफा कमाता है। यह फंड तब निवेश करता है जब एक ही शेयर की कीमत अलग-अलग एक्सचेंजों या स्पॉट और फ्यूचर्स मार्केट में अलग होती है। आमतौर पर, फंड मैनेजर किसी स्टॉक को स्पॉट मार्केट में खरीदते हैं और उसके फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट को एक ही समय में बेचते हैं। लागत एडजस्ट करने के बाद, खरीद और बिक्री कीमतों के बीच का अंतर फंड का रिटर्न बनता है।

STT भारतीय शेयर बाजार में सिक्योरिटीज के लेन-देन पर लगाया जाने वाला टैक्स है, जिसमें शेयर, डेरिवेटिव्स और इक्विटी-ओरिएंटेड म्युचुअल फंड्स शामिल हैं। आर्बिट्राज फंड्स में, STT स्पॉट मार्केट में शेयर खरीदने पर और डेरिवेटिव्स मार्केट में शेयर या फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट बेचने पर दोनों जगह लगता है। इसलिए, STT में इजाफे का असर सीधे तौर पर आर्बिट्राज फंड्स के रिटर्न पर दिखाई देगा।

कितना घटेगा आर्बिट्राज फंड्स का रिटर्न?

सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी का असर आर्बिट्राज फंड्स के रिटर्न पर सीमित लेकिन स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है। एडलवाइस म्युचुअल फंड के नोट के मुताबिक, STT में 0.03 फीसदी की बढ़ोतरी और औसतन 70 फीसदी इक्विटी आर्बिट्राज एक्सपोजर के कारण रोलओवर और पोर्टफोलियो चर्न से रिटर्न पर कुल सालाना असर करीब 0.32 फीसदी तक आ सकता है। इसके चलते आर्बिट्राज फंड और लिक्विड फंड के बीच पोस्ट-टैक्स रिटर्न का अंतर भी घटता दिख रहा है। जहां पहले यह अंतर करीब 1.23 फीसदी था, वहीं एसटीटी बढ़ोतरी के बाद यह घटकर लगभग 0.90 फीसदी रह जाता है।

STT बढ़ने का आर्बिट्राज फंड्स के रिटर्न पर असर

STT में बढ़ोतरी 0.03%
आर्बिट्राज फंड्स में औसत आर्बिट्राज एक्सपोजर 70%
रिटर्न पर असर (रोलओवर) 0.02%
रिटर्न पर असर (चर्न – पोर्टफोलियो का 20%) 0.01%
रिटर्न पर कुल असर (सालाना) 0.32%
आर्बिट्राज और लिक्विड फंड के बीच पोस्ट-टैक्स रिटर्न अंतर (7% रिटर्न मानकर) 1.23%
STT बढ़ने के बाद रिटर्न अंतर 0.90%

स्रोत- एडलवाइस म्युचुअल फंड (टैक्स की गणना आर्बिट्राज फंड्स में 12.5% और लिक्विड फंड्स में 30% मानकर की गई है)

निवेशक इन बातों का रखें ध्यान

एडलवाइस म्युचुअल फंड ने अपने नोट में कहा कि STT बढ़ने से आर्बिट्राज फंड्स के रिटर्न पर कुछ नकारात्मक असर पड़ेगा, लेकिन यह असर सीमित रहेगा।

फंड मैनेजर कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी के दौरान चर्न कम करके इस अतिरिक्त लागत के एक हिस्से को मैनेज कर सकते हैं।

कम इक्विटी आर्बिट्राज एक्सपोजर वाले मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स पर असर अपेक्षाकृत कम होगा, जिससे वे प्योर आर्बिट्राज फंड्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

कम डेरिवेटिव निर्भरता वाले फंड्स, जैसे Altiva HLS Fund या मल्टी एसेट फंड्स, पर कुल रिटर्न के लिहाज से एसटीटी बढ़ोतरी का प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।

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First Published - February 2, 2026 | 6:35 PM IST

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