अमेरिका में मारक महंगाई से जुड़ी पहेली की पड़ताल
मई के महीने की बात है जब अमेरिका में मुद्रास्फीति दर 8.6 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई। यह मुद्रास्फीति के लिए दो प्रतिशत की लक्षित दर के चार गुना से भी अधिक और पिछले 40 वर्षों का उसका सर्वोच्च स्तर है। आखिर ऐसे हालात किस प्रकार बनें? इन वर्तमान परिस्थितियों को समझने के लिए […]
भारत ने थॉमस कप जीतकर रचा इतिहास
भारत की पुरुष बैडमिंटन टीम ने रविवार को बैंकॉक में एकतरफा फाइनल में 14 बार के चैंपियन इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर पहली बार थॉमस कप का खिताब जीतकर अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया। भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के इतिहास का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम के लिए विश्व चैंपियनशिप के […]
आर्थिक विकास के लिए सामाजिक सौहार्द खास
अपने इस आलेख में मैं यह पड़ताल करने का प्रयास कर रहा हूं कि बीती कुछ सदियों के दौरान देश के विभिन्न सामजिक समूहों में जो अत्यधिक असमानता की स्थिति बनी थी उसमें सुधार हुआ है अथवा नहीं। सुनील गंगोपाध्याय को सन 1985 में उनके बांग्ला उपन्यास शेई सोमोए (वह समय) के लिए साहित्य अकादमी […]
इतिहास का दोहराव है पेटीएम की विफलता
गत शुक्रवार को पेटीएम ने एक ऐसा इतिहास रचा जिसे वह शायद ही याद रखना चाहे। भारतीय शेयर बाजारों की सबसे बड़ी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) जिसका मूल्य 2,150 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया था, उसकी शुरुआत 9 फीसदी गिरावट के साथ हुई और उसमें आगे चलकर और गिरावट आई। सुबह करीब 11 बजे […]
इतिहास को लेकर असावधान मगर कुशाग्र राजनेता हैं राजनाथ
किसी को भी आश्चर्य हो सकता है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इतिहास के दिक्कतदेह और अनिश्चित क्षेत्र में आखिर क्यों कूदे? जबकि यह क्षेत्र उनकी पार्टी के दो बड़े नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और जसवंत सिंह को खासी मुश्किल में डाल चुका है। उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर की माफी की याचिका को लेकर जो स्पष्टीकरण […]
भारतीय महिला हॉकी टीम ने रचा इतिहास
भारतीय महिला हॉकी टीम ने पहली बार ओलिंपिक के सेमीफाइनल में कदम रखकर सोमवार को इतिहास रच दिया। भारत की लड़कियों ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को 1-0 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई है। ड्रैगफ्लिकर गुरजीत कौर ने इकलौता गोल दागा और उसके बाद गोपकीपर सविता पुनिया गजब का जज्बा दिखाते हुए ऑस्ट्रेलिया की खिलाडिय़ों […]
दिल्ली सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आंदोलन में शहीद हुए 50 से अधिक साथियों को याद करते हुए साल 2020 को अलविदा कहा। दिल्ली सीमा पर आंदोलनरत किसान आंदोलन को 43 दिन से ज्यादा हो गए हैं और वे अभी अगले कई सप्ताह तक इसे जारी रखने की बात पर अड़े हैं। इतने […]
सरकार और निजी क्षेत्र दोनों आर्थिक संकेतकों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और हालिया इतिहास के सर्वाधिक कठिन वर्ष में टिकाऊ आर्थिक सुधार के संकेत तलाशने में लगे हैं। कुछ संकेतकों से निकले ताजा आंकड़ों ने आशा भी जगाई है। उदाहरण के लिए विनिर्माण के लिए सूचकांक-पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स सितंबर महीने में बीते आठ […]