facebookmetapixel
समान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए1985–95 क्यों आज भी भारत का सबसे निर्णायक दशक माना जाता हैमनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बना, विकसित भारत-जी राम-जी मजदूरों के लिए बेहतर: शिवराज सिंह चौहानLNG मार्केट 2025 में उम्मीदों से रहा पीछे! चीन ने भरी उड़ान पर भारत में खुदरा बाजार अब भी सुस्त क्यों?उत्पाद शुल्क बढ़ते ही ITC पर ब्रोकरेज का हमला, शेयर डाउनग्रेड और कमाई अनुमान में भारी कटौतीमझोले और भारी वाहनों की बिक्री में लौटी रफ्तार, वर्षों की मंदी के बाद M&HCV सेक्टर में तेजीदक्षिण भारत के आसमान में नई उड़ान: अल हिंद से लेकर एयर केरल तक कई नई एयरलाइंस कतार मेंGDP की रफ्तार तेज, लेकिन अरबपतियों की कमाई पीछे छूटी; 2025 में संपत्ति में गिरावटIT सेक्टर की ग्रोथ पर ब्रेक, FY26 की तीसरी तिमाही में भी कमाई सपाट रहने के पूरे आसारफ्लाइट में पावर बैंक पर सख्ती: DGCA के आदेश के बाद एयरलाइंस ने बदला नियम, यात्रियों के लिए अलर्ट

कुलदीप की जगह लेने का कोई दबाव नहीं था, घरेलू क्रिकेट खेलने से मदद मिली: उनादकट

उन्होंने लिखा था, ‘डियर ‘रेड बॉल’, मुझे एक मौका और दे दो ‘प्लीज’। तुम्हें फख्र होगा, ये मेरा वादा है।’

Last Updated- December 27, 2022 | 5:57 PM IST
Jaydev Unadkat
PTI

बारह बरस में पहली बार भारत के लिये टेस्ट खेल रहे जयदेव उनादकट (Jaydev Unadkat) ने शानदार प्रदर्शन करके अपना ‘वादा’ निभाया। टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिये वह किस कदर तरस रहे हैं, इसकी बानगी जनवरी में देखने को मिली जब उनका एक ट्वीट वायरल हो गया था। उन्होंने लिखा था, ‘डियर ‘रेड बॉल’, मुझे एक मौका और दे दो ‘प्लीज’। तुम्हें फख्र होगा, ये मेरा वादा है।’

उनादकट ने बांग्लादेश से लौटने के बाद इंटरव्यू में कहा, ‘हर किसी को लगा कि मैं राष्ट्रीय टीम में वापसी की बात कर रहा हूं । मुझे लाल गेंद से क्रिकेट खेलने की उत्कंठा थी क्योंकि कोरोना के कारण रणजी ट्रॉफी फिर स्थगित हो गई थी।’ उनादकट ने आखिरी बार 2010 में टेस्ट खेला था जिस टीम में सचिन तेंदुलकर और मौजूदा मुख्य कोच राहुल द्रविड़ भी थे। उन्होंने दूसरा टेस्ट बांग्लादेश के खिलाफ अब खेला चूंकि मोहम्मद शमी पूरी तरह से फिट नहीं थे।

वीजा मिलने में देरी के कारण वह पहला टेस्ट शुरू होने के बाद ही बांग्लादेश पहुंचे लेकिन दूसरे टेस्ट में उन्हें कुलदीप यादव की जगह उतारा गया। पहले टेस्ट में आठ विकेट लेने वाले कुलदीप को बाहर करने से काफी विवाद खड़ा हुआ। उन्होंने जाकिर हसन के रूप में पहला टेस्ट विकेट लिया। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे कैरियर की सबसे सुनहरी यादों में से एक होगा। टेस्ट विकेट लेने की कल्पना मैं हजार बार कर चुका था।’

यह भी पढ़ें: BWF Rankings : स्टार शटलर प्रणय अपने करियर की बेस्ट आठवीं रैंकिंग पर पहुंचे

यह पूछने पर कि क्या कुलदीप की जगह लेने से कोई दबाव महसूस हुआ, उन्होंने कहा ,‘बिल्कुल नहीं। जब आप अपेक्षा नहीं करते और चीजें हो जाती है तो उन्हें स्वीकार कर लेना चाहिये। मैं सिर्फ अपना योगदान देना चाहता था। घरेलू क्रिकेट खेलने से मुझे काफी फायदा मिला।’

First Published - December 27, 2022 | 5:55 PM IST

संबंधित पोस्ट