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आम आदमी की ‘रियल’ ताकत

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Last Updated- December 07, 2022 | 11:41 AM IST

आम आदमी की ताकत अब रियल एस्टेट पहचान गया है। मंदी के इस दौर में अपने मकानों की अच्छी कीमत देने वाले उपभोक्ता के न मिलने के बाद अब डेवलपर्स कंपनियां आम आदमी को मकान उपलब्ध कराने का रुझान कर रहीं है।


पार्श्वनाथ के अध्यक्ष प्रदीप जैन का कहना है कि हम  पंचकूला में बनने वाली अपनी नैनो सिटी परियोजना में आम आदमी के लिए मकान उपलब्ध करायेंगे। इसमें रिहायशी मकानों का तीस फीसदी हिस्सा लगभग आम आदमी के लिए होगा।

यहीं नहीं एक साल पहले तक नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 2000 वर्ग फीट के 40 से 45 लाख के मकान अब 25 से 30 लाख रुपये में कई कंपनियां उपलब्ध करा रही है। इससे पहले अंसल प्रापर्टीज ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड मेगापोलिस परियोजना  के जरिए आम आदमी के साथ-साथ हर वर्ग के लिए मकान बनाने की बात कह चुकी है। इस परियोजना में जहां एक ओर दस करोड़ रुपये कीमत वाले मकान हैं।

वहीं आम आदमी की पहुंच को देखते हुए 15 लाख रुपये तक के मकान भी है। विश्लेषकों का मानना है कि रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा अचानक आम आदमी को भी अपनी उपभोक्ता की फेहरिस्त में शामिल करना काफी आश्चर्यजनक है। रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी श्रीग्रुप के निदेशक सुदीप अग्रवाल का कहना है कि मांग में कमी आने से  कीमतों में गिरावट आना शुरु हो गई है। सुदीप ने कहा कि कंपनियों द्वारा अपने मार्जिन को कम करने के कारण भी मकान आम आदमी की पहुंच तक आ गए है।

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First Published - July 16, 2008 | 10:13 PM IST

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