facebookmetapixel
Q3 अपडेट के बाद FMCG स्टॉक पर ब्रोकरेज पॉजिटिव, बोले – खरीद लें; ₹900 तक जाएगा भावPO Scheme: हर महीने गारंटीड कमाई, रिटायरमेंट बाद भी भर सकते हैं कार की EMIगोल्ड लोन और व्हीकल फाइनेंस में तेजी के बीच मोतीलाल ओसवाल के टॉप पिक बने ये 3 शेयरन्यूयॉर्क की कुख्यात ब्रुकलिन जेल में रखे गए वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरोट्रंप ने भारत को फिर चेताया, कहा – अगर रूस का तेल नहीं रोका तो बढ़ाएंगे टैरिफ₹200 से सस्ते होटल स्टॉक पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, शुरू की कवरेज; 41% अपसाइड का टारगेटGold-Silver Price Today: सोने का भाव 1,37,000 रुपये के करीब, चांदी भी महंगी; चेक करें आज के रेटAadhaar PVC Card: नए साल की शुरुआत में बनवाएं नया PVC आधार कार्ड, सिर्फ ₹75 में; जानें कैसेवेनेजुएला के तेल से खरबों कमाने के लिए अमेरिका को लगाने होंगे 100 अरब डॉलर, 2027 तक दिखेगा असर!स्वच्छ ऊर्जा से बढ़ी उपज, कोल्ड स्टोरेज ने बदला खेल

मध्य प्रदेश में वैट के बहाने बंटने लगीं रेवड़ियां

Last Updated- December 07, 2022 | 9:06 PM IST

चुनावों से पहले सरकारें अक्सर उदार हो जाती हैं। मध्य प्रदेश इसका अपवाद नहीं है। इसलिए राज्य  के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आजकल अपने चहेतों को तोहफे देने में लगे हैं।


मुख्यमंत्री ने अपने विधानसभा क्षेत्र की एक कंपनी को लंबे समय तक मूल्यवर्धित कर (वैट) में छूट देने के लिए सीहोर जिले को ‘बी’ श्रेणी से उठाकर ‘सी’ श्रेणी में डाल दिया। इसी तरह भाजपा शासित राज्य में उज्जैन, रतलाम और ग्वालियर को भी ‘सी’ श्रेणी में शामिल किया गया है। इससे पहले उज्जैन और रतलाम ‘ए’ श्रेणी में थे जबकि ग्वालियर को अगड़े जिलों की फेहरिस्त में शामिल किया गया था।

इन जिलों में अगले तीन वर्षो के दौरान निवेश करने वाली कंपनी को कर राहत दी जाएगी। सीहोर जिले में अनंत स्पिनिंग मिल्स और ट्राइडेंट समूह द्वारा प्रवर्तित अभिषेक इंडस्ट्रीज की कोई बड़ी निवेश योजना नहीं है। निवेश को लेकर अधिसूचना जारी की जानी भी अभी बाकी है लेकिन अभिषेक को अगले 10 वर्षों के दौरान कुल वैट अदायगी का 75 प्रतिशत वापस मिलता रहेगा।

वैट कानून के प्रावधानों के तहत सभी कंपनियों को वैट की अदायगी करनी होती है लेकिन अगड़े जिलों में निवेश करने वाली कंपनियों को 3 वर्षो तक, पिछड़े जिलों की ‘ए’ श्रेणी वाले जिलों में 5 वर्षों तक, ‘बी’ श्रेणी वाले जिलों में 7 वर्षो तक और ‘सी’ श्रेणी के जिलों में 10 वर्षों तक वैट से छूट दी जाती है। कंपनियों को यह छूट 10 करोड़ रुपये या अधिक का निवेश करने पर दी जाएगी।

अभिषेक इंडस्ट्रीज और अनंत स्पिनिंग मिल्स ने बुदनी में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। बुदनी में मुख्यमंत्री का घर है। अभिषेक ने शीटिंग इकाई और एथेनॉल संयंत्र स्थापित करने की योजना बनाई है। कंपनी को अलग अलग जमीन से जुड़े मसलों पर स्टांप शुल्क से 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी और कंपनी को प्रति हजार रुपये पर एक रुपये का पंजीकरण शुल्क देना होगा।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस बारे में  जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी। इस लाभों को देने के लिए राज्य सरकार को बजट में प्रावधान करना होगा। हालांकि किसी के पास इस बात का जवाब नहीं है कि यदि कंपनी को सी श्रेणी में शामिल करने पर नुकसान होता है तो बजटीय प्रावधानों का क्या होगा।

First Published - September 16, 2008 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट