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अर्निंग कॉल से भारत में कारोबारी संभावनाओं का आकलन

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Last Updated- May 07, 2023 | 9:24 PM IST
Corporate Earnings Q1 Season
इलस्ट्रेशन- बिनय सिन्हा

वैश्विक कारोबारी पटल पर भारत को अब आकर्षक एवं तेजी से उभरते केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय बाजार (Indian Market) से संबंधित छोटी सी छोटी बात का भी गहन विश्लेषण होता है। ऐसे में अगर शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs)की अर्निंग कॉल (किसी कंपनी के वित्तीय परिणामों की समीक्षा के लिए आयोजित चर्चा) का विश्लेषण करते समय काफी सतर्कता बरती जाती है तो इसमें किसी को कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

इस परिप्रेक्ष्य बात करें तो कुछ दिनों पहले जनवरी-मार्च 2023 अवधि के लिए एमेजॉन (Amazon) की अर्निंग कॉल ने उन लोगों को निराश किया जो भारत को लेकर उत्साहित टिप्पणी का इंतजार कर रहे थे। जेफ बेजोस (Jeff Bezos) द्वारा स्थापित कंपनी की अर्निंग कॉल में भारत का बिल्कुल भी जिक्र नहीं था। कंपनी प्रबंधन, प्रमुख विश्लेषकों एवं निवेशकों के इस तिमाही सम्मेलन में भारत का कोई जिक्र नहीं होना अटपटा अवश्य लगता है।

हालांकि, कंपनी जगत पर पैनी नजर रखने वाले लोगों ने एमेजॉन की अर्निंग कॉल से भारत का जिक्र नदारद रहने को अधिक महत्त्व नहीं दिया मगर अर्निंग कॉल जैसे आयोजनों में क्या कहा जाता है और क्या नहीं कहा जाता है उनके विश्लेषण की ओर ध्यान जरूर जाता है।

तार्किक रूप से अर्निंग कॉल मुख्य रूप से निवेशक एवं शेयरधारकों के लिए महत्त्वपूर्ण होते हैं। इनसे उन्हें इस बात का आकलन करने में सहायता मिलती है कि संबंधित कंपनी के मौजूदा प्रदर्शन के आधार पर किन चीजों पर ध्यान देना चाहिए। तो क्या शेयरधारक ऐसे समय में भारत में संभावनाओं के बारे में अधिक जानना चाहते हैं जब अमेरिका और यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं और वहां कारोबारी चुनौतियों ने सबका ध्यान खींचा है?

दुनिया में आर्थिक सुस्ती, मंदी आने की आशंका, ऊंची महंगाई, छंटनी ये सभी ऐसी चुनौतियां हैं जिनका सामना सभी देश इस समय कर रहे हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए ही एमेजॉन की अर्निंग कॉल में आंकड़े एवं भविष्य से जुड़े अनुमान आदि का उल्लेख हुआ होगा। मगर ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब नैसडैक में सूचीबद्ध इस कंपनी की अर्निंग कॉल में भारत का जिक्र नहीं किया गया है।

एमेजॉन ने फ्लिपकार्ट को टक्कर देने के लिए 2013 में ऑनलाइन कारोबार की शुरुआत की थी। तब से लेकर भारत में एमेजॉन के कारोबार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा है। पिछले दस वर्षों में एमेजॉन ने भारतीय बाजार में करीब 7 अरब डॉलर से अधिक निवेश किया है।

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2014 में शेरवानी पहने बेजोस ने बेंगलूरु में एक ट्रक पर सवार होकर 2 अरब डॉलर का एक चेक लहराया था जो अब तक कई भारतीयों के लिए एमेजॉन से जुड़े सबसे बड़ा यादगार क्षणों में एक रहा है। हालांकि, तब से कंपनी ने कुछ भी बड़ा या नाटकीय कदम नहीं उठाया है।

विश्लेषकों का कहना है कि भारत में एमेजॉन के कारोबार की गति धीमी पड़ गई है, यद्यपि हरेक देश से संबंधित आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। कंपनी भारत के बड़े एवं छोटे शहरों में वॉलमार्ट नियंत्रित फ्लिपकार्ट से पीछे दिखती प्रतीत हो रही है। भारत के ये शहर ई-कॉमर्स के लिए तेजी से बढ़ते बाजार समझे जा रहे हैं।

अधिकांश विश्लेषकों के ध्यान आई ये बातें की चर्चा अर्निंग कॉल में हो भी सकती है और नहीं भी। अर्निंग कॉल में व्यापक आर्थिक परिस्थितियों- युद्ध, महामारी या आर्थिक संकट-की ही चर्चा ज्यादातर दिखती हैं। पहली तिमाही की अर्निंग कॉल में मुख्य कार्याधिकारी (CEO) ऐंडी जेसी ने 27,000 लोगों की छंटनी करने के मुश्किल निर्णय का जिक्र किया।

भारत का जिक्र किए बिना उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कारोबार में आधारभूत ढांचे के अभाव सहित सभी चुनौतियों के बारे में बात की। पिछली तिमाही में जेसी ने कहा था कि एमेजॉन अंतरराष्ट्रीय कारोबार को लेकर ‘काफी उत्साहित’ थी। भारत भी इस कहानी का हिस्सा था। जुलाई-सितंबर तिमाही, 2022 में भी एमेजॉन भारत को लेकर चुप थी। 2022 की दूसरी तिमाही में भारत का जिक्र नुकसान के संदर्भ में हुआ था।

इससे पहले लगातार तीन तिमाहियों- जुलाई 2021 से मार्च 2022 तक अर्निंग कॉल में भारत का बिल्कुल जिक्र नहीं था। हालांकि, इससे पहले अर्निंग कॉल में भारत की चर्चा इस संदर्भ में हुई थी कि कंपनी अपने कर्मचारियों एवं साझेदारों की मदद के लिए क्या कदम उठा रही है। 2020 की तीसरी तिमाही में भारत में एमेजॉन के कारोबार का कई बार जिक्र हुआ था।

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त्योहारों पर बिक्री पर अर्निंग कॉल में कहा गया, ‘प्राइम डे पर हमारी बिक्री अच्छी रही और दीवाली पर बिक्री शानदार रह सकती है। एमेजॉन’ की यह टिप्पणी तब आई थी जब पूरी दुनिया में कोविड के कारण लगी पाबंदी से कारोबार पर हुए असर के बाद कंपनी ने विशेष तौर पर कहा था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत में कारोबार सबसे अधिक प्रभावित हुआ था।

एमेजॉन की प्रतिस्पर्धी फ्लिपकार्ट ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी अर्निंग कॉल में भारत का जिक्र करने में अधिक ‘उदारता’ दिखाई है। यह संख्या एक अर्निंग कॉल में 4 से 73 तक हो सकती है। फरवरी 2020 की अर्निंग कॉल में वॉलमार्ट के मुख्य कार्याधिकारी डग मैकमिलन ने कहा कि कंपनी भारत में ई-कॉमर्स के कारोबार की संभावनाओं को देखते हुए खासी उत्साहित थी।

कंपनी भारतीय बाजार के आकार और ई-कॉमर्स के लिए विशाल बाजार को देखते हुए काफी उत्साहित थी। कंपनी ने सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों के साथ कारोबार करने की आशा जताई मगर बिना विचार-विमर्श के नियमों में बदलावों पर चिंता भी जताई।

2020 में चौथी तिमाही की अर्निंग कॉल में भारत का जिक्र 73 बार हुआ था। कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी इस बात को लेकर उत्साहित थे कि वे कारोबार बढ़ाने की अच्छी स्थिति में है क्योंकि भारत में तेजी से उभरता मध्यम वर्ग मोबाइल फोन के जरिये खर्च कर मजबूत बुनियाद उपलब्ध करा रहा है।

CEO ने कहा था, ‘अमेरिका और मैक्सिको की तरह यह ऐसा बाजार है जहां हम तेजी से कारोबार आगे बढ़ाएंगे।’ हाल में फरवरी 2023 में अर्निंग कॉल के दौरान उन्होंने भारत की बुनियाद मजबूत बताई थी और कहा था कि यह और मजबूत होती जा रही है।

एमेजॉन की तुलना में वॉलमार्ट अपनी अर्निंग कॉल के जरिये भारतीय बाजार को लेकर अधिक उत्साहित दिख रही है मगर ऐपल (Apple) के टिम कुक (Tim Cook) ने अपेक्षाएं और बढ़ा दी हैं।

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कुक ने पिछली अर्निंग कॉल में कहा था, ‘मैं भारत को लेकर बहुत उत्साहित हूं।’ इसके कुछ ही दिनों बाद भारत में ऐपल का पहला स्टोर खुल गया। कोका-कोला सीईओ जेम्स क्विंसी ने पिछले महीने अर्निंग कॉल में भारत को लेकर माहौल को और आशावादी बना दिया। उन्होंने कहा, ‘भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत बनी हुई है। यहां रोजगार बाजार काफी मौजूद है और खपत भी जमकर हो रही है।’

भारत को लेकर इतने उत्साह के बीच एमेजॉन की चुप्पी थोड़ी अटपटी लगती है। यह अलग बात है कि भविष्य में कंपनी के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए अर्निंग कॉल केवल अकेला मानक तो नहीं होगा। जहां तक एमेजॉन की बात है तो भारत में कंपनी के कारोबार की शुरुआत बेजोस की अगुआई में हुई थी जिन्होंने जेसी से अलग काम किए।

जेसी जेनरेटिव एआई और एमेजॉन वेब सर्विस पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। जेसी ने हाल में शेयरधारकों को पत्र लिखा था जिसमें इस बात की झलक मिलती है कि वह दृष्टिकोण और अन्य बातों में किस तरह बेजोस से अलग हैं। ये बातें अर्निंग कॉल की तुलना में कंपनी की प्राथमिकताओं और भविष्य की संभावनाओं के बारे में बेहतर बता सकती हैं।

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First Published - May 7, 2023 | 8:15 PM IST

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