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Kotak Neo का बड़ा धमाका! सभी डिजिटल प्लान पर ₹0 ब्रोकरेज, रिटेल ट्रेडर्स की बल्ले-बल्ले

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कंपनी के मुताबिक, 1 नवंबर 2025 से ऐप के ट्रेड फ्री प्लान्स के तहत एपीआई के जरिए किए गए सभी ट्रेड्स पर किसी भी तरह का ब्रोकरेज या एपीआई चार्ज नहीं लगेगा

Last Updated- November 12, 2025 | 6:45 PM IST
Kotak Neo
फोटो: कोटक सिक्योरिटीज फेसबुक पेज

कोटक सिक्योरिटीज की ट्रेडिंग ऐप कोटक नियो (Kotak Neo) ने बुधवार को रिटेल ट्रेडर्स के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने सभी डिजिटल प्लान्स में जीरो ब्रोकरेज और जीरो ट्रेड एपीआई (TRADE API) फीस की घोषणा की। कंपनी के मुताबिक, 1 नवंबर 2025 से ऐप के ट्रेड फ्री प्लान्स के तहत एपीआई के जरिए किए गए सभी ट्रेड्स पर किसी भी तरह का ब्रोकरेज या एपीआई चार्ज नहीं लगेगा। यह कदम रिटेल एल्गो ट्रेडिंग (Retail Algo Trading) को पूरी तरह मुफ्त बनाकर भारतीय ब्रोकिंग इंडस्ट्री में नया मानक स्थापित करता है।

सेबी के नियमों के अनुरूप एल्गो ट्रेडिंग को बढ़ावा

कोटक नियो ने अपने एक्टिव ट्रेडर्स और डेवलपर्स के लिए रिटेल एल्गो ट्रेडिंग एपीआई में बड़ा अपग्रेड किया है। यह बदलाव भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के हालिया दिशा-निर्देशों के अनुरूप है, जिनका उद्देश्य रिटेल निवेशकों के लिए एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग को ज्यादा सुरक्षित और आसान बनाना है।

अब तक जहां एल्गो ट्रेडिंग का फायदा मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों तक सीमित था, वहीं इस पहल से अब आम ट्रेडर्स भी इस तकनीक का उपयोग कर सकेंगे।

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तेज और बेहतर ट्रेडिंग अनुभव

कोटक नियो के नए एपीआई अब बेहतर लेटेंसी (Latency) प्रदान करते हैं, यानी ऑर्डर देने और पूरे होने में बहुत कम समय लगता है। कंपनी का दावा है कि अब यूजर्स 50 मिलीसेकंड से भी कम समय में ट्रेड प्लेस कर सकते हैं — जो तेज फैसलों वाली ट्रेडिंग के लिए बहुत फायदेमंद है।

डेवलपर्स के लिए एक स्टेप-बाय-स्टेप इंटीग्रेशन गाइड भी जारी किया गया है, जिससे वे आसानी से सिस्टम से जुड़ सकें।

यूजर्स को मिलेगा जीरो ब्रोकरेज का फायदा

कोटक सिक्योरिटीज के चीफ डिजिटल बिजनेस ऑफिसर आशीष नंदा ने कहा, “हम सेबी के नए नियमों के साथ चल रहे हैं, जिनका मकसद रिटेल अल्गो ट्रेडिंग को मजबूत करना है। इसी को ध्यान में रखते हुए, कोटक नियो ने हमारे डिजिटल प्लांस का उपयोग करने वाले एक्टिव रिटेल ट्रेडर्स और डेवलपर्स के लिए जीरो रुपये (₹0) प्रति-ऑर्डर ब्रोकरेज का फायदा शुरू किया है। हमने अपनी ट्रेड एपीआई को भी तेज, ज्यादा स्केलेबल और सरल बनाया है। सटीकता और ऑटोमेशन को मिलाकर, हम ट्रेडर्स को तेज और कम खर्च वाली ट्रेडिंग का अनुभव दे रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इस कदम से भारत में नए और अनुभवी दोनों रिटेल निवेशकों के बीच एल्गो ट्रेडिंग का उपयोग और तेजी से बढ़ेगा। जीरो ब्रोकरेज के साथ, एक्टिव ट्रेडर्स बिना किसी ब्रोकरेज खर्च के अनलिमिटेड स्ट्रैटेजी चला सकते हैं।”

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उन्होंने आगे कहा कि, “कोटक नियो में, हमारा लक्ष्य नए दौर के ट्रेडर्स को बेहतरीन और आधुनिक टूल्स देना है। यह प्लेटफॉर्म वर्तमान में हर दिन भारी मात्रा में एपीआई ऑर्डर्स को संभालता है, और एक डेवलपर-फर्स्ट अप्रोच अपनाकर, हम इंडस्ट्री के कुछ सबसे एडवांस ट्रेडिंग एपीआई इकोसिस्टम के साथ कदम मिला रहे हैं।”

डेवलपर्स और ट्रेडर्स के लिए आसान एक्सेस

कोटक नियो यूजर्स अब सीधे ऐप से एपीआई टोकन जेनरेट कर सकते हैं और तुरंत ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म डिलीवरी (CNC), इंट्राडे, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O), कवर ऑर्डर, ब्रैकेट ऑर्डर और आफ्टर मार्केट ऑर्डर्स (AMO) जैसे विभिन्न ट्रेडिंग प्रोडक्ट्स को सपोर्ट करता है।

एपीआई REST तकनीक पर आधारित है और Python, Java, C#, Node.js, Go जैसी कई प्रोग्रामिंग भाषाओं से कनेक्ट हो सकता है। इसके जरिए यूजर्स अपने ट्रेड्स को सटीकता से प्लेस, मॉडिफाई या कैंसल कर सकते हैं और रीयल-टाइम प्राइसिंग, बिड/आस्क डेटा और मार्केट डेप्थ तक पहुंच सकते हैं।

कैसे करेगा API मदद

कोटक नियो ऐप पर कई तरह के एपीआई उपलब्ध हैं जो ट्रेडर्स की मदद करते हैं। इन एपीआई की मदद से यूजर्स सटीकता और सुविधा के साथ ट्रेड प्लेस, उनमें बदलाव या उन्हें कैंसल कर सकते हैं। ये एपीआई आपको स्टॉक (इक्विटीज), ईटीएफ (ETFs), और इंडेक्स (indices) के लिए वास्तविक समय में प्राइस, बिड/आस्क (bids/asks), और बाजार की गहराई तक पहुंच प्रदान करते हैं।

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इन एपीआई का उपयोग करके यूजर्स अपनी ओपेन पोजीशन को ट्रैक कर सकते हैं, होल्डिंग्स की निगरानी कर सकते हैं, और वास्तविक समय का मुनाफा और नुकसान देख सकते हैं। ये एपीआई ट्रेड करने से पहले वास्तविक समय में मार्जिन की जांच करते हैं। वे यह भी दिखाते हैं कि आपके पास कितना फंड उपलब्ध है, जिससे आप सोच-समझकर फैसला ले सकें।


(डिस्क्लेमर: बिजनेस स्टैंडर्ड प्राइवेट लिमिटेड में कोटक समूह के नियंत्रण वाली इकाइयों की बहुलांश हिस्सेदारी है।)

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First Published - November 12, 2025 | 6:40 PM IST

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