facebookmetapixel
RBI MPC: सहकारी बैंक अब नहीं रहेंगे कमजोर, RBI लॉन्च करेगा ‘मिशन सक्षम’; NBFCs को भी सौगातRBI MPC के बड़े फैसले: लोन रिकवरी में डर नहीं चलेगा, डिजिटल फ्रॉड में मिलेगा मुआवजाRBI MPC Meet: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, FY26 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7.4%Gold, Silver Price Today: सोना हुआ सस्ता, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी‘वेनेजुएला हमारा पुराना ऊर्जा साझेदार’अमेरिका संग पूर्ण व्यापार समझौता जल्द, भारत-US द्विपक्षीय साझेदारी को मिलेगी नई दिशा: जयशंकरसुपरटेक की 16 अटकी परियोजनाएं NBCC पूरी करेगीभारत से जुड़ने को बेताब दुनिया, कांग्रेस कभी मेरी कब्र नहीं खोद पाएगी; राज्यसभा में बोले PM मोदीपशु परीक्षण के बिना 90% तक घटेगी दवाओं की लागतएडवर्ब जल्द लॉन्च करेगी भारत का पहियों वाला ह्यूमनॉइड रोबॉट

टैक्सपेयर्स ध्यान दें! ITR-3 ऑनलाइन फॉर्म फाइलिंग शुरू, 15 सितंबर तक जमा करें रिटर्न; जानें कौन कर सकता है फाइल

ITR Filing 2025: आकलन वर्ष 2025-26 के लिए ITR-3 फॉर्म अब ऑनलाइन उपलब्ध है, जिसमें पूंजीगत लाभ पर नई टैक्स दरें और फाइलिंग की संशोधित समय-सीमाएं लागू की गई हैं।

Last Updated- July 31, 2025 | 8:22 AM IST
ITR Filing 2025
Representative Image

ITR Filing 2025: आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) के लिए ITR-3 फॉर्म ऑनलाइन भरने की सुविधा एक्टिव कर दी है। अब यह ऑप्शन आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर उपलब्ध है।

विभाग ने बुधवार, 30 जुलाई को जारी एक सार्वजनिक सूचना में कहा, “ध्यान दें करदाताओं! ITR-3 फॉर्म अब ऑनलाइन मोड के माध्यम से भरने के लिए उपलब्ध है।”

ITR-3 फॉर्म उन व्यक्तियों (Individuals) और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) के लिए होता है, जिन्हें व्यापार या पेशे से आय होती है और जो ITR-1, ITR-2 या ITR-4 भरने के पात्र नहीं होते। यह फॉर्म खासतौर पर उन करदाताओं के लिए है जो फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O), करेंसी या कमॉडिटी ट्रेडिंग, इंट्राडे ट्रेडिंग, पूंजीगत लाभ, विदेशी आय या विदेशी संपत्तियों से कमाई करते हैं। इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को एक से अधिक मकानों से किराया मिल रहा है या वह किसी फर्म में साझेदार है, तो भी उसे ITR-3 फॉर्म ही भरना होता है। कंपनी के निदेशक के रूप में कार्यरत लोग और वे करदाता जिनकी कुल आय ₹50 लाख से अधिक है तथा उन्हें व्यापार से भी आय होती है, उन्हें भी इसी फॉर्म के माध्यम से रिटर्न दाखिल करना होता है।

अगर करदाता ने अनुमानित कराधान योजना (Presumptive Taxation Scheme) जैसे आयकर अधिनियम की धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत कम आय घोषित करनी हो, तब भी ITR-3 का ही उपयोग किया जाता है। ITR-3 फॉर्म भरने की अंतिम तिथि इस वर्ष 15 सितंबर रखी गई है। ऐसे टैक्सपेयर्स जो F&O ट्रेडिंग जैसी गतिविधियों से आय प्राप्त करते हैं, उन्हें तय समयसीमा से पहले रिटर्न भरना अनिवार्य है।

ITR-3 Filing: क्या हुए बदलाव?

इस साल फॉर्म में कुछ अहम बदलाव भी किए गए हैं। 23 जुलाई 2024 या उसके बाद बेचे गए इक्विटी म्यूचुअल फंड और सूचीबद्ध शेयरों पर पूंजीगत लाभ पर अब ऊंची दर से टैक्स लगेगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर 12.5 प्रतिशत और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) पर 20 प्रतिशत की नई दरें तय की गई हैं। हालांकि, यदि किसी ने ये परिसंपत्तियां 23 जुलाई 2024 से पहले बेची हैं, तो उस पर पुरानी दरें यानी 10 प्रतिशत और 15 प्रतिशत लागू होंगी।

नई व्यवस्था के तहत अब करदाताओं को यह स्पष्ट तौर पर बताना होगा कि उन्हें पूंजीगत लाभ कब हुआ—23 जुलाई से पहले या उसके बाद। इससे टैक्स की गणना में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

ITR-3 फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बिना ऑडिट वाले मामलों में 15 सितंबर 2025 रखी गई है। वहीं, जिन मामलों में ऑडिट अनिवार्य है, उनके लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 तय की गई है। ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2025 होगी।

ITR-3 कैसे फाइल करें?

ITR-3 फॉर्म केवल ऑनलाइन तरीके से भरा जा सकता है। इसके दो विकल्प हैं:

  • डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से रिटर्न फाइल करना
  • बिना डिजिटल सिग्नेचर के रिटर्न ऑनलाइन जमा करना और फिर ITR-V फॉर्म को हस्ताक्षरित करके भेजना

यदि आप डिजिटल सिग्नेचर से रिटर्न फाइल करते हैं, तो रसीद (Acknowledgement) आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर भेज दी जाती है।

अगर बिना डिजिटल सिग्नेचर के फाइल करते हैं, तो आपको ITR-V फॉर्म आयकर विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड करना होगा, उस पर हस्ताक्षर करके बेंगलुरु स्थित CPC कार्यालय भेजना होगा। यह फॉर्म फाइलिंग की तारीख से 30 दिनों के भीतर विभाग को मिल जाना चाहिए।

First Published - July 31, 2025 | 8:22 AM IST

संबंधित पोस्ट