facebookmetapixel
Advertisement
सेमीकंडक्टर चिप के लिए दुनिया को मिलेगा भारत का भरोसा, सप्लाई चेन में बड़ी भूमिका की तैयारी: PMसेमीकंडक्टर शेयरों की तेजी थमी तो भारत में बढ़ाएंगे निवेश, क्रिस्टोफर वुड ने जताया 15% रिटर्न की उम्मीदअमेरिका के 100 फीसदी शुल्क के खतरे के बीच भारत का रुख साफ, ऊर्जा सुरक्षा से समझौता नहींबॉम्बे हाउस में फिर शुरू हुआ बोर्डरूम ड्रामा: एन चंद्रशेखरन बने टाटा संस के चेयरमैन, नोएल टाटा ने किया विरोधटाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा दांव, नेक्सपीरिया समेत 5 से रणनीतिक साझेदारीजिलेट इंडिया से विज्ञापन विवाद में बॉम्बे शेविंग कंपनी ने हटाया नकली कोर्ट वाला ऐडजी एंटरटेनमेंट की नई रणनीति, कंटेंट मजबूत कर डिजिटल कारोबार को मुनाफे की राह पर ले जाने की तैयारीवैश्विक चिप विनिर्माण में उभर रहा भारत, 2030 तक 110 से 120 अरब डॉलर पहुंच सकता है बाजार1996 के बाद पहली बार एक दिन में छह कंपनियों की लिस्टिंग, चार के शेयरों में जबरदस्त उछाल भी दिखाUPI MDR में छूट की मांग लेकर पेट्रोल-डीजल डीलर पहुंचे तेल मंत्रालय, सरकार से की राहत की मांग

रुपये में तेज गिरावट: डॉलर के मुकाबले 89.5 के पार, बॉन्ड यील्ड में उछाल

Advertisement

दिन में कारोबार के दौरान रुपया 89.54 प्रति डॉलर तक लुढ़क गया था मगर बाद में यह 89.49 पर बंद हुआ जो गुरुवार के बंद स्तर से 0.9 फीसदी नीचे है

Last Updated- November 21, 2025 | 10:48 PM IST
Rupee vs Dollar

अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में देरी, ईरान से तेल खरीदने की वजह से कुछ भारतीय कंपनियों पर पाबंदी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की उम्मीद कम होने जैसी कई वजहों से रुपये पर दबाव दिखा। डॉलर के मुकाबले रुपया कारोबार के दौरान आज 89.5 के स्तर को पार गया।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा गिरावट थामने में नाकाम रहने से रुपया और कमजोर हुआ। रुपये में गिरावट के बाद बॉन्ड की कीमतों में भी गिरावट आई और बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड 4 आधार अंक बढ़कर 6.57 फीसदी रही, जो गुरुवार को 6.53 फीसदी रही थी।

दिन में कारोबार के दौरान रुपया 89.54 प्रति डॉलर तक लुढ़क गया था मगर बाद में यह 89.49 पर बंद हुआ जो गुरुवार के बंद स्तर से 0.9 फीसदी नीचे है। इस साल रुपये में यह दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है।

Also Read: HDFC AMC को बड़ा झटका: वरिष्ठ फंड मैनेजर रोशनी जैन ने अपने पद से दिया इस्तीफा

डीलरों ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने रुपया के 88.80 के स्तर को पार करने के बाद किनारे रहने का फैसला किया, जिससे स्टॉप लॉस शुरू हो गया और रुपया दिन के सबसे निचले स्तर पर लुढ़क गया।

आईएफए ग्लोबल के संस्थापक और सीईओ अभिषेक गोयनका ने कहा, ‘88.80 प्रति डॉलर के स्तर को बाजार के ज्यादातर भागीदारों ने स्टॉप लॉस का मार्क माना होगा।’

एशियाई मुद्राओं में रुपये का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। डॉलर इंडेक्स 0.5 फीसदी बढ़कर 100.17 पर पहुंच गया। इस साल रुपया अभी तक 4.33 फीसदी नरम हो चुका है।

Advertisement
First Published - November 21, 2025 | 10:44 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement